Skip to main content

कमर दर्द

कमर दर्द
                         कमर दर्द(पीठ दर्द)
सामान्य परिचय:




                      पीठ दर्द ("डोर्सलाजिया " के नाम से भी जाना जाता है) पीठ में होनेवाला वह दर्द है, जो आम तौर पर मांसपेशियों, तंत्रिका, हड्डियों, जोड़ों या रीढ़ की अन्य संरचनाओं में महसूस किया जाता है।'

पीठ दर्द क्या है :-
                      इस दर्द को अक्सर गर्दन दर्द, पीठ के उपरी हिस्से के दर्द,पीठ के निचले हिस्से के दर्द या टेलबोन के दर्द(रीढ़ के आखिरी छोर की हड्डी में) में विभाजित कर सकते हैं। यह अचानक होनेवाला दर्द या स्थाई दर्द भी हो सकता है; यह लगातार या कुछ अन्तराल पर भी हो सकता है, यह दर्द किसी एक ही जगह पर हो सकता है या अन्य हिस्सों में फ़ैल भी सकता है यह एक हल्का या तेज दर्द हो सकता है या इसमें छेदने या जलन की अनुभूति हो सकती है। यह दर्द भुजा और हाथ में, पीठ के उपरी या निचले हिस्से में फ़ैल सकता है, (और पंजे  या पैर में फ़ैल सकता है) और दर्द के अलावा इसमें कमजोरी, सुन्न हो जाना या झुनझुनी जैसे लक्षण भी शामिल हो सकते हैं।
                       रीढ़ नसों, जोड़ों, मांसपेशियों, शिराओं और अस्थिवंधों का एक परस्पर संबंधित जटिल अंतर्जाल है और ये सभी दर्द के उत्पादन में सक्षम हैं। बड़ी तंत्रिकाएं जो रीढ़ की हड्डी से आरंभ होकर पैर और हाथ में जाती हैं, वे दर्द को अधिकतम सीमा तक फैला सकती हैं।

कमर दर्द होने के कारण :-
                        1- किसी वस्तु को गलत तरीके से उठाने से मासपेशियों में खिंचाव आ जाता है।
2- यदि आप अपनी क्षमता से अधिक भारी सामान उठा लें।
3- गलत पॉश्चर में बैठना, चलना या खड़े रहने की आदत।
4- यदि आप पूरे दिन बैठे रहते हों, आपके बिस्तर का गद्दा सही न हो।
5- जरूरत से ज्यादा यदि एक्सरसाइज की जाए या न कि जाए।
6- बुखार जिसमें रीढ़ की हड्डी पर फर्क पड़े।
7- प्रेग्नेंसी या फिर सी-सेक्शन होने के कारण।
8- लगातार खड़े रहना या देर तक बैठे रहना।
9- सोते वक्त मोटे तकिये का इस्तेमाल करना।
10- दो या चार पहिया वाहन घंटों चलाना।
11- कमजोर हड्डी या विटामिन डी की कमी।
        


      ये भी है


  •                      आपके परिवार में किसी को पीठ दर्द रहा हो।
  • आपको पहले चोट लगी हो।
  • गर्भावस्था: गर्भवती महिला की पीठ पर बहुत दबाव पड़ता है जिससे पीठ में दर्द हो सकता है।
  • पहले कभी बैक सर्जरी हुई हो।
  • रीढ़ का असामान्य रूप से टेढ़ा-मेढ़ा होना।
  • नियमित व्यायाम न करना।
  • लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना।
  • भारी वस्तुओं को उठाना।
  • अत्यधिक झुकना।
  • कमर का ज्यादा हैवी होना, इससे आपकी पीठ पर भार बढ़ेगा। इसके अलावा, जिन लोगों का वजन अधिक होता है, उनमें अक्सर शारीरिक सक्रियता कम होती है जिससे पीठ दर्द की समस्या हो सकती है।
  • तनाव और अवसाद।
  • कुछ दवाएं लंबे समय तक लेने से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं (जैसे, कॉर्टिकोस्टेरॉइड)।


कैल्शियम की कमी का होना :-
                कमर दर्द (पीठ दर्द) होने की संभावना मुख्य रूप से ऐसे लोगों में अधिक रहती है, जिनके शरीर में कैल्शियम की कमी होती है।




ज्यादातर देर तक बैठकर काम करना :-
                आज के वर्तमान समय में ज्यादातर लोगों को बैठकर काम करना पड़ता है।
ऐसी स्थिति में ऐसे लोगों को कमर दर्द (पीठ दर्द) होने की संभावना काफी ज्यादा रहती है।

अर्थराइटिस से पीड़ित होना :-
                 कमर दर्द (पीठ दर्द) ऐसे लोगों को भी हो सकती है, जो अर्थराइटिस से पीड़ित होती हैं।
ऐसे लोगों को अपना अर्थराइटिस का परीक्षण पूरा कराना चाहिए ताकि उन्हें किसी तरह की गंभीर बीमारी न हो।

बैठने की मुद्रा सही न होना :-
                 अक्सर,आपने ऐसे लोग देखे होंगे, जिनके बैठने की मुद्रा  सही नहीं होती है।
ऐसे लोगों को कमर दर्द (पीठ दर्द) होने की संभावना काफी अधिक रहती है।

एक्सराइज़ न करना :-
                आमतौर पर, ऐसा माना जाता है कि हम सभी को कम-से-कम 15-30 मिनट एक्सराइज़ करनी चाहिए।
एक्सराइज़ हमारे शरीर को लचीला बनाने में सहायक साबित होती है।
इसके बावजूद कुछ लोग एक्सराइज़ नहीं करते हैं, जिनके कारण उन्हें कमर दर्द (पीठ दर्द) समेत हेल्थ काफी सारी समस्याएं हो सकती हैं।

कमर दर्द के लक्षण :-



ऐसे में कमर दर्द के लक्षण को पहचानना जरूरी है। कमर दर्द की स्थिति में शरीर का तापमान बढ़ जाता है। पीठ पर सूजन, तेज और हर वक्त दर्द, ज्यादा देर तक बैठे रहने से या खड़े रहने से दर्द का और बिगड़ जाना, पीठ और नितंबों के आसपास सुन्न महसूस होना और कुछ मामलों में दर्द का पैरों व घुटनों तक फैलना शामिल हैं।

कई बार दर्द की स्थिति में इसकी गंभीरता का पता लगाने के लिए एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, डिस्कोग्राफी, फैसेट आथ्रोग्राम जैसी जांच करा सकते हैं। कौन-सी नस पर अधिक दबाव पड़ रहा है इसकी जानकारी एमआरआई से मिल जाती है और इस जांच रिपोर्ट को सबसे उपयोगी माना जाता है।

मांसपेशियों में खिंचाव होना-
                     कमर दर्द का प्रमुख लक्षण मांसपेशियों में खिंचाव होना है।
ऐसी स्थिति में व्यक्ति को कमर में खिंचाव महसूस होता है, जो कुछ समय के बाद दर्द का रूप ले लेता है।

चुबन या दर्द का लगातार रहना-
                     यदि किसी व्यक्ति को कमर या पीठ में चुबन या लगातार दर्द महसूस होता है, तो यह कमर दर्द का संकेत साबित हो सकता है।

दर्द का पैरों तक पहुँचना-
                    कमर दर्द (पीठ दर्द) ऐसी स्थिति में भी हो सकता है, जब किसी व्यक्ति का कमर दर्द पैरों तक पहुंच जाता है।
ऐसे लोगों को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और अपना हेल्थचेकअप कराना चाहिए।

कमर दर्द का झुकना, उठने, खड़े होने या फिर चलते समय बढ़ना-
                 कमर दर्द (पीठ दर्द) होने की संभावना उन लोगों को भी रहती है, जिन्हें झुकने, उठने, खड़े रहने या फिर चलने इत्यादि में शरीर में दर्द होता है।

लेटने से कमर दर्द में आराम मिलना-
                  मान लीजिए कि आपको पीठ दर्द है, जिसमे लेटने पर आराम मिल जाता है, तो आपको मुख्य रूप से कमर दर्द होता है।

कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण कैसे किया जा सकता है :-


              ऐसा माना जाता है कि यदि किसी स्वास्थ समस्या का परीक्षण समय रहते कर ली जाए तो उसका इलाज सही तरीके से किया जा सकता है।
               यह बात कमर दर्द(Back Pain) (पीठ दर्द) पर भी लागू होती है,

जिसका परीक्षण इन 5 तरीकों से किया जा सकता है-

एक्स-रे करना-
                    कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण एक्स-रे के द्वारा किया जा सकता है।
एक्स-रे में कमर के अंदरूनी हिस्से की जांच की जाती है, ताकि कमर दर्द (पीठ दर्द) के वास्तविक कारण का पता लग सके।
सी.टी. स्कैन करना-
                     एक्स-रे के अलावा कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण सी.टी.स्कैन के द्वारा भी किया जा सकता है।
सी.टी. स्कैन में शरीर के अलग-अलग अंगों की अंदरुनी तस्वीर ली जाती है ताकि कमर दर्द (पीठ दर्द) की स्थिति का पता लगाया जा सके।

ब्लड टेस्ट करना-



                      अक्सर, कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण ब्लड टेस्ट के द्वारा भी किया जाता है।
ब्लड टेस्ट से मानव-शरीर में कमर दर्द (पीठ दर्द) से होने वाले बदलावों की जांच की जाती है ताकि कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण किया जा सके।

बोन स्कैन करना-
                      कई बार, डॉक्टर कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण बोन स्कैन के द्वारा भी करते हैं।
बोन स्कैन में मानव शरीर की कमर का स्कैन करके कमर दर्द (पीठ दर्द) के सटीक हिस्से का पता लगाया जाता है।
मांसपेशियों की जांच करना-
                      कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण मांसपेशियों की जांच करके भी किया जा सकता है।
चूंकि, कमर दर्द (पीठ दर्द) मांसपेशियों से संबंधित है इसलिए मांसपेशियों की जांच करके इसके कमर दर्द (पीठ दर्द) की वास्तविक स्थिति का पता लग सके।

कमर दर्द के घरेलु उपचार :-



  • पानी में नमक मिलाकर गर्म करले और तौलिये से कमर को भाप दे जिससे कमर दर्द कम होगा।
  • सरसो के तेल या नारियल के तेल में थोड़ा लहसुन मिलाकर गर्म करले और ठंडा होने के बाद कमर की मालिश करले।

  • अधिक देर तक कुर्सी पर नहीं बैठना चाहिए और थोड़े थोड़े देर में टहलते रहना चाहिए जिससे कमर दर्द की दिक्कत नहीं होगी।
  • हड्डियों में कमजोरी है, तो कैल्शियमयुक्त (Calcium) चीजों का सेवन करे, जिससे हड्डियों में मजबूती आएगी।


कमर दर्द (पीठ दर्द) का इलाज  :-


                        आमतौर पर, कमर दर्द से लोगों को अधिक परेशानी नहीं होती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह अन्य गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। अत: समझदारी इसी में है कि कमर दर्द का जल्द-से-जल्द इलाज शुरू करा लिया जाए ताकि इसकी वजह से लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।

इस प्रकार, यदि कोई व्यक्ति कमर दर्द (पीठ दर्द) से पीड़ित है, तो उसे निम्नलिखित तरीकों से कमर दर्द का इलाज कराना चाहिए :-

एक्सराइज़ करना  :-
                            कमर दर्द का इलाज करने का सबसे आसान तरीका एकसराइज़ करना है।
एक्सराइज़ कमर दर्द (पीठ दर्द) को ठीक होने में सहायता करती है।

फीजियोथेरेपी कराना  :-
                             एक्सराइज़ करने के अलावा कमर दर्द (पीठ दर्द) का इलाज करने में फीजियोथेरेपी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
अत: कमर दर्द (पीठ दर्द) से पीड़ित है, तो वह फिजियोथेरेपी करवाकर कमर दर्द (पीठ दर्द) का इलाज करा सकता है।

दवाई खाना :-
                    अक्सर, कमर दर्द (पीठ दर्द) का इलाज करने के लिए दवाई भी खाई जा सकती है।
ये दवाइयां दर्द-निवारक होती हैं, जो कमर दर्द (पीठ दर्द) को कम करने में सहायता करती हैं।

बर्फ के टुकड़े का इस्तेमाल करना  :-
                     कई बार, कमर दर्द (पीठ दर्द) का इलाज बर्फ के टुकड़े का इस्तेमाल करके भी किया जा सकता है।
बर्फ का टुकड़ा कमर दर्द (पीठ दर्द) को काफी हद तक कम करता है, जिससे कमर दर्द (पीठ दर्द) को काफी आराम मिलता है।

सर्जरी कराना :-
                      कमर दर्द (पीठ दर्द) के काफी समय तक लाइलाज रहने पर यह गंभीर रूप ले लेता है।
कमर दर्द (पीठ दर्द) का असर व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी पर पड़ जाता है, जिस स्थिति में स्पाइनल सर्जरी (रीढ़ की हड्डी) कराना ही एकमात्र विकल्प बचता है।

एक्यूप्रेशर से कमर दर्द का इलाज :-


                      हाल ही में हुए एक नये शोध में यह पाया गया है कि कमर दर्द दूर करने के लिए एक्यूप्रेशर  अच्छा इलाज है. एक्यूप्रेशर एक तरह से एक्यूपंक्चर जैसा ही है. इसमें सुई की जगह कलम या हाथ की उंगलियों का इस्तेमाल किया जाता है.

गठिया के इलाज में एक्यूप्रेशर लाभदायक होता है, इस पर कुछ शोध भी हो चुके हैं. कुछ मामलों में एक्यूप्रेशर कैंसर की वजह से होने वाले दर्द में भी लाभदायक रहा है. मोटापा कम करने में एक्यूप्रेशर लाभदायक है.

कैसे काम करता है एक्यूप्रेशर  :-


                                           किसी भी दर्द को दूर करने के लिए एक्यूप्रेशर में अलग-अलग बिंदुओं का चयन होता है. शरीर के अलग-अलग अंगों के लिए हाथ और पैर में अलग-अलग बिंदु तय हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि रोजाना की थकान और कमर दर्द की परेशानी को एक्यूप्रेशर के द्वारा ठीक किया जा सकता है.
अगर आप भी कमर दर्द से परेशान हैं और इससे आराम का ऐसा उपाय खोज रहे हैं जो प्रभावी भी हो और पेन किलर से छुटकारा भी मिले, तो एक्यूप्रेशर थेरेपी की मसाज आपके लिए मददगार हो सकती है। आइए जानें शरीर के किन अंगों पर मसाज करके आप कमर दर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

हाथों पर मसाज
- आराम से बैठ जाएं और दाएं हाथ को बाएं हाथ से पकड़े।
- अब दाएं हाथ के अंगूठे और पहली उंगली के गैप को बाएं हाथ से दबाएं।
- धीरे-धीरे दबाव बढ़ाएं और कम से कम 10 सेकंड तक तेजी से दबाएं।
- यह प्रक्रिया अब दूसरे हाथ से दोहराएं।
- कम से कम तीन बार इस पूरी प्रक्रिया को करें।
- इस प्वाइंट पर मसाज से कमर दर्द के अलावा, सिर दर्द जैसी समस्याओं से भी आराम मिलता है।

कमर पर मसाज
- पेट के बल लेट जाएं और खुद से या किसी सहयोगी की मदद से प्वाइंट्स पर मसाज करें।
- हाथों से लोवर बैक के मध्य में प्वाइंट खोजें और उस पर देर तक दबाव बनाएं।
- फिर उसके समानांतर दोनों तरफ तीन-तीन प्वाइंट्स खोजें और उनपर दबाव बनाएं।
- इसके बाद हिप्स के बिल्कुल मध्य में प्रेशर दें।
- यह लोवर बैक में तेज दर्द से तुरंत आराम पाने की आसान तकनीक है।


पंजों पर मसाज
- आराम से बैठ जाएं।
- कमर के जिस हिस्से में अधिक दर्द हो उस ओर के पैर के पंजों को अपना हाथों में लें।
- अब अंगूठे और पहली उंगली के बीच के हिस्से पर अंगूठे से मसाज करें।
- धीरे-धीरे दबाव बढ़ाएं और एक मिनट तक इसी अवस्था में रहें।
- अब दूसरे पैर के पंजों से यही प्रक्रिया दोहराएं।

कमर दर्द (पीठ दर्द) के जोखिम और जटिलताएँ  :-

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि कमर दर्द(Back Pain) (पीठ दर्द) किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। इसके बावजूद, कमर दर्द (पीठ दर्द) ऐसे लोगों को होने की संभावना होती है, जो मुख्य रूप से 5 स्थितियों से पीड़ित हैं-

अधिक उम्र का होना :-
                             ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति की उम्र बढ़ने के साथ-साथ उसका शरीर भी कमजोर होने लगता है।
ऐसी स्थिति में उसे स्वास्थ संबंधी काफी सारी समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है।
इनमें कमर दर्द (पीठ दर्द) की शामिल है, जो ज्यादातर अधिक उम्र (50 या उससे अधिक) वाले लोगों में देखने को मिलता है।

अधिक एक्सराइज़ न करना :-
                                        जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि सभी लोगों के लिए एक्सराइज़ करना कितना लाभदायक होता है।
इसी कारण, कमर दर्द (पीठ दर्द) ऐसे लोगों में देखने को मिलता है, जो एक्सराइज़ नहीं करते हैं।

गर्भवती (प्रेग्नेंट) होना :-
                               यदि कोई महिला गर्भवती है, तो उसे कमर दर्द (पीठ दर्द) हो सकता है।
ऐसी महिलाओं को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी तरह परेशानी होनी पर डॉक्टर को सूचित करना चाहिए। 
 
वजन का अधिक होना :-
                                 कमर दर्द (पीठ दर्द) ऐसे लोगों को भी हो सकता है, जिनका वजन अधिक होता है।

धूम्रपान करना :-
                      कमर दर्द (पीठ दर्द) के ऐसे मामले देखने को भी मिले हैं, जिनमें कमर दर्द (पीठ दर्द) धूम्रपान करने वाले लोगों को भी हो जाता है।

कमर दर्द (पीठ दर्द) में किन चीज़ों का परहेज करें?

कमर दर्द के दौरान लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि कमर दर्द में किसी भी तरह की लापरवाही बरतना उनके लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है।

इस प्रकार, यदि किसी व्यक्ति को कमर दर्द (पीठ दर्द) से परेशान है, तो उसे निम्नलिखित चीज़ों का परहेज करना चाहिए-

ज्यादा देर तक एक ही जगह पर न बैठना :-
                                जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि कमर दर्द (पीठ दर्द) ज्यादा देर तक एक जगह पर बैठे रहने के कारण से भी हो सकता है।
इसी कारण, किसी भी व्यक्ति को ऐसा नहीं करना चाहिए बल्कि कुछ समय के बाद चलते रहना चाहिए।

स्मोकिंग न करना :-
                          कमर दर्द (पीठ दर्द) अधिक धूम्रपान करने की वजह से भी हो सकता है।
अत: किसी भी शख्स को स्मोकिंग नहीं करना चाहिए ताकि उसे हेल्थी संबंधी कोई समस्या न हो।

वजन को कंट्रोल रखना :-
                           हम सभी को अपने शरीर पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि हमारा शरीर ही खुशहाल ज़िदगी को सुनिश्चित करता है।
इसी कड़ी में हम सभी को अपने वजन को कंट्रोल रखना चाहिए क्योंकि अधिक वजह काफी सारी बीमारियों को न्यौता देता है।

सही तरीके से सोना :-
                            कमर दर्द (पीठ दर्द) होने का कारण सही तरीके से न सोना भी होता है।
इसी कारण, सभी लोगों को सही तरीके से सोना चाहिए ताकि उन्हें कमर दर्द (पीठ दर्द) न हो सके।

ठंडी चीज़े न खाना :-
                            यदि किसी व्यक्ति को कमर दर्द (पीठ दर्द) है, तो उसे अपने खान-पान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे लोगों को ठंडी चीज़ों का परहेज करना चाहिए।

कमर दर्द (पीठ दर्द) में क्या खाना चाहिए?



अक्सर, कमर दर्द (पीठ दर्द) से परेशान लोगों के मन में यह सवाल आता है कि कमर दर्द में क्या खाना चाहिए।
वे इस सवाल को लेकर काफी परेशान रहते हैं, जिसका उत्तर पाने के लिए वे हर मुमकिन कोशिश करते हैं।

अत: यदि कोई व्यक्ति कमर दर्द (पीठ दर्द) से पीड़ित है, तो उसे इन 5 तरह का भोजन ही खाना चाहिए-

गोभी खाना :-
                   कमर दर्द (पीठ दर्द) के दौरान व्यक्ति को गोभी खानी चाहिए।
गोभी उसके शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता  को बढ़ाती है, जिससे कमर दर्द (पीठ दर्द) जल्दी ठीक होता है।

खाने में जेतून तेल को शामिल करना :-
                     किसी व्यक्ति को कमर दर्द (पीठ दर्द) से पीड़ित है, तो उसे अपने खाने में जेतून तेल को शामिल करना चाहिए।

दूध या दही खाना :-
                      जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया जाता है कि कमर दर्द (पीठ दर्द) कैल्शियम की कमी के कारण हो सकता है।
इसी कारण, कमर दर्द (पीठ दर्द) से पीड़ित लोगों को दूध या दही जैसी कैल्शियम से भरपूर चीज़े खानी चाहिए।

अदरक का सेवन करना :-
                         कमर दर्द (पीठ दर्द) से आराम पाने के लिए अदरक का सेवन करना लाभदायक साबित होता है।

हल्दी का अधिक-से-अधिक सेवन करना :-


                        कमर दर्द (पीठ दर्द) को कम करने के लिए हल्दी वाला दूध भी किया जा सकता है।
इस तरह के दूध पीना कमर दर्द (पीठ दर्द) को काफी हद तक कम कर सकता है।

चेरी :-
       एक अध्ययन से पता चला है कि आठ दिन तक दिन में दो बार 12 औंस चेरी का रस पीने से मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव कम होता है। ताज़ी या डिब्बाबंद खट्टी चेरी भी लाभदायक होती हैं।

कमर दर्द (पीठ दर्द) से बचाव  :-

                   कमर दर्द की रोकथाम

आप अपनी शारीरिक स्थिति में सुधार करके और उचित शारीरिक प्रक्रियाओं को सीखकर व अभ्यास करके कमर दर्द से बचने या उसकी पुनरावृत्ति को रोकने में सक्षम हो सकते हैं।

अपनी कमर को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए –

व्यायाम :-



             नियमित रूप से की जाने वाली कम प्रभावी एरोबिक गतिविधियां आपकी कमर में खिंचाव या झटका नहीं लगने देती हैं। ये आपकी कमर को मज़बूती व स्थिरता प्रदान करती हैं और आपकी मांसपेशियों को अच्छे तरीके से कार्य करने में सक्षम बनाती हैं। सैर और तैराकी करना अच्छे विकल्प हैं।

मांसपेशियों को मज़बूत और लचीला बनाएं  :-
               पेट और पीठ की मांसपेशियों के व्यायाम इन मांसपेशियों की हालत में सुधार करते हैं, जिससे वे मिलकर आपकी कमर के लिए एक प्राकृतिक कोर्सेट का काम करें। आपके कूल्हों और पैरों के ऊपरी भागों में लचीलापन आपकी पेल्विक हड्डियों को संरेखित (aligns) करता है, ताकि आपकी कमर को आराम मिल सके। आपके डॉक्टर या शारीरिक चिकित्सक बता सकते हैं कि आपके लिए कौन से व्यायाम उचित हैं।


स्वस्थ वजन बनाए रखें  :-
                  अधिक वजन कमर की मांसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न कर देता है। यदि आपका वजन अधिक है, तो उसे कम करने से कमर दर्द को रोका जा सकता है।

उचित शारीरिक प्रक्रियाओं का प्रयोग करें –

ठीक तरह से खड़े हों  :-
                   पेल्विक स्थिति को तटस्थ बनाए रखें। अगर आपको लंबी अवधि के लिए खड़ा होना ज़रूरी है, तो पैर रखने वाले छोटे स्टूल पर अपना एक पाँव रखें जिससे आपकी कमर के निचले हिस्से से थोड़ा भार कम हो सके। बारी-बारी से पैरों को स्टूल पर रखने से कमर की मांसपेशियों पर दबाव कम हो सकता है।

अच्छे तरीके से बैठें  :-
                   कमर के निचले हिस्से व हाथों को सहारा देने वाली और घूमने वाली कुर्सी चुनें। कमर की वक्रता को सामान्य बनाए रखने के लिए अपनी कमर के पीछे एक तकिया या तोलिये को मोड़कर रखें। अपने घुटनों और कूल्हों की स्थिति को समान रखें। अपनी बैठने की मुद्रा को कम से कम हर आधे घंटे में बदलते रहेँ।

सतर्कतापूर्वक भार उठाएं  :-
                     यदि संभव हो तो भारी सामान उठाने से बचें, लेकिन अगर वजन उठाना ज़रूरी है तो अपने पैरों को काम करने दें। अपनी पीठ को सीधा रखें, घूमें नहीं और केवल घुटनों पर ही झुकें। भार अपने शरीर के नज़दीक पकडकर रखें। यदि सामान भारी है, तो उसे उठाने के लिए किसी साथी को ढूंढें।

कमर दर्द के शरीर पर दुष्प्रभाव :-

                             कम पीठ दर्द राहत के दुष्प्रभावों में से कुछ हैं: थकान, दर्द, मांसपेशी भावनात्मक ‎संकट और चोट लगाना।
             कुछ दवाएं दर्द से छुटकारा पाती हैं और उनके दुष्प्रभावों में अपचन और अन्य आंत की ‎समस्याएं, सिरदर्द, चक्कर आना और उनींदापन शामिल है।
            दवाओं का लंबे समय तक उपयोग गुर्दे, यकृत, दिल और ‎रक्त परिसंचरण को प्रभावित कर सकता है और तरल अवधारण ‎भी पैदा कर सकता है। इसके अलावा, एनाल्जेसिक  के कुछ दुष्प्रभाव कब्ज, उनींदापन, त्वचा के चकत्ते, ‎सूखे मुंह, पेट में परेशान होते हैं और कान में बजते हैं


                        

Comments

Popular posts from this blog

क्या आप भी कंधे के दर्द से परेशान हो

घुटनों के दर्द,खिंचाव,लिगामेंट या इंजरी से संबंधित व्यक्ति अवश्य मिले, वीडियो देखने के लिए क्लिक करें

  ‎ 👉 **हमसे जुड़ें और स्वास्थ्य से जुड़ी अधिक जानकारी पाएं:** ‎ ‎*  ऋषि आरोग्य केंद्र, श्री विजयनगर  ☎️ 9779646012 📍 **हमारा पता (Google Maps):** https://maps.app.goo.gl/WfWx8g6j2vfsDrPV7?g_st=ac ‎ ‎ * 🌐 **ब्लॉग (Health Tips):** https://rishiaarogya.blogspot.com ‎ ‎ * 📺 **यूट्यूब चैनल:** https://www.youtube.com/@Rishiaarogy ‎  ‎* 📸 **इंस्टाग्राम:**  https://www.instagram.com/drvinod_health_expert?igsh=MWRsaWs3ZjJxcnczOA== ‎  ‎* 👥 **फेसबुक पेज:** https://www.facebook.com/share/1FCdLY82Sx/ ‎ ‎*  💬 **व्हाट्सएप (Direct Chat):** https://whatsapp.com/dl/

घुटनों के ऑपरेशन के बाद,60 की उम्र में भी कर दिया कमाल , video देखने के लिए क्लिक करे