Skip to main content

Posts

Showing posts from March, 2020

अशोक वृक्ष महिलाओं के लिए आयुर्वेदिक फायदे

अशोक वृक्ष                             अशोक वृक्ष को हिन्दू धर्म में काफ़ी पवित्र, लाभकारी और विभिन्न मनोरथों को पूर्ण करने वाला माना गया है। अशोक का शब्दिक अर्थ होता है- "किसी भी प्रकार का शोक न होना"। यह पवित्र वृक्ष जिस स्थान पर होता है, वहाँ पर किसी प्रकार का शोक व अशान्ति नहीं रहती। मांगलिक एवं धार्मिक कार्यों में अशोक के पत्तों का प्रयोग किया जाता है। इस वृक्ष पर प्राकृतिक शक्तियों का विशेष प्रभाव माना गया है, जिस कारण यह वृक्ष जिस जगह पर भी उगता है, वहाँ पर सभी कार्य पूर्णतः निर्बाध रूप से सम्पन्न होते चले जाते हैं। इसी कारण अशोक का वृक्ष भारतीय समाज में काफ़ी प्रासंगिक है। भगवान श्रीराम ने भी स्वयं ही इसे शोक दूर करने वाले पेड़ की उपमा दी थी। कामदेव के पंच पुष्प बाणों में एक अशोक भी है। ऐसा कहा जाता है कि जिस पेड़ के नीचे बैठने से शोक नहीं होता, उसे 'अशोक' कहते हैं, अर्थात् जो स्त्रियों के सारे शोकों को दूर करने की शक्ति रखता है, वही अशोक है। वानस्पतिक परिचय :-         ...

अरणी

अरणी                     अरणी का परिचय                     अरणी उत्तर भारत में विशेषतः गंगा के मैदानों तथा उत्तार प्रदेश, बिहार तथा पश्चिम बंगाल में पाया जाता है। कुमाऊ से भूटान तक पहाड़ियों में 5,000 फिट की ऊंचाई तक पाया जाता है।                    दशमूल का उपादान होने से इसका मूल पंसारियों के यहां मिलता है, अतः इसे अग्निमंथ कहा गया है। अरणी की एक और जाति पाई जाती है, जिसे छोटी अरणी, तरकरी टेकार तथा कहते हैं। बड़ी अरणी की भी कई और प्रजातियां मिलती है। अरणी के बाह्य-स्वरूप :-                     बड़ी अरणी यह 25-30 फुट ऊँचा वृक्ष होता है। तने की छाल हल्के धूसर रंग की, पत्र अभिमुख, 2-6 इंच लम्बे, दोनों सिर...

लाल मिर्च

लाल मिर्च                        लाल मिर्च समान्य परिचय :-                             लाल मिर्च लगभग हर घर की रसोई में पाया जाता है और भोजन एवं व्यंजनों में इसका प्रयोग किया जाता है। यह एक तरह से मसाले का कार्य करता है और भोजन के स्वाद को बढ़ा देता है।                             लाल मिर्च को पोषक तत्वों का पावर हाउस कहा जाता है। यह भोजन के स्वाद को बढ़ाने के साथ ही औषधिक गुणों से भी युक्त होती है। इसमें कई तरह के केमिकल कंपाउंड मौजूद होते हैं जो शरीर के विभिन्न विकारों को दूर करने में सहायक होते हैं।                               लाल मिर्च कॉपर, मैग्नेशियम, आरयल, मैगनीज और पोटैशियम जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत है। साथ ही इसमें विटामिन बी,...

गर्दन दर्द

गर्दन दर्द               गर्दन दर्द या सर्वाइकल क्या है ?             हमारी गर्दन की हड्डी शरीर की सबसे ज़्यादा इस्तेमाल की जाने वाली हड्डियों में से एक है और यह सिर के वजन को भी संभालती है। हालांकि, गर्दन बाकि की रीढ़ की हड्डी से कम सुरक्षित होती है इसीलिए उसे चोट लगने और अन्य विकार होने का खतरा अधिक होता है, जिससे दर्द होता है व गतिविधि करने में समस्या होती है। इन दिनों कई ऐसी बीमारियाँ हैं जो कुछ साल पहले तक किसी बीमारी की श्रेणी में गिनी ही नहीं जाती थी, जो अब बड़ी तकलीफ बनकर खड़ी हो जाती हैं, जी हां जॉइंट पेन, बैक पेन, सर्वाइकल पेन जैसी शरीरिक समस्या ऐसी दर्दनाक होती हैं, जिसे देखने वाला समझ नहीं पाता और झेलने वाला इसके दर्द को बयान नहीं कर पाता। ये समस्याएं आम तो है पर सिर्फ उनके लिए जिनसे अब तक इसका पाला नहीं पड़ा पर जो इस दर्द के साथ जीते हैं उनके लिए हर एक पल काटना भारी हो जाता है। तो दोस्तों आइए आज हम इन्हीं बीमारियों में से एक सर्वाइकल पेन की बात करते हैं।   ...

कमर दर्द

कमर दर्द                          कमर दर्द(पीठ दर्द) सामान्य परिचय:                       पीठ दर्द ("डोर्सलाजिया " के नाम से भी जाना जाता है) पीठ में होनेवाला वह दर्द है, जो आम तौर पर मांसपेशियों, तंत्रिका, हड्डियों, जोड़ों या रीढ़ की अन्य संरचनाओं में महसूस किया जाता है।' पीठ दर्द क्या है :-                       इस दर्द को अक्सर गर्दन दर्द, पीठ के उपरी हिस्से के दर्द,पीठ के निचले हिस्से के दर्द या टेलबोन के दर्द(रीढ़ के आखिरी छोर की हड्डी में) में विभाजित कर सकते हैं। यह अचानक होनेवाला दर्द या स्थाई दर्द भी हो सकता है; यह लगातार या कुछ अन्तराल पर भी हो सकता है, यह दर्द किसी एक ही जगह पर हो सकता है या अन्य हिस्सों में फ़ैल भी सकता है यह एक हल्...