गर्दन दर्द
गर्दन दर्द या सर्वाइकल क्या है ?
हमारी गर्दन की हड्डी शरीर की सबसे ज़्यादा इस्तेमाल की जाने वाली हड्डियों में से एक है और यह सिर के वजन को भी संभालती है। हालांकि, गर्दन बाकि की रीढ़ की हड्डी से कम सुरक्षित होती है इसीलिए उसे चोट लगने और अन्य विकार होने का खतरा अधिक होता है, जिससे दर्द होता है व गतिविधि करने में समस्या होती है।
इन दिनों कई ऐसी बीमारियाँ हैं जो कुछ साल पहले तक किसी बीमारी की श्रेणी में गिनी ही नहीं जाती थी, जो अब बड़ी तकलीफ बनकर खड़ी हो जाती हैं, जी हां जॉइंट पेन, बैक पेन, सर्वाइकल पेन जैसी शरीरिक समस्या ऐसी दर्दनाक होती हैं, जिसे देखने वाला समझ नहीं पाता और झेलने वाला इसके दर्द को बयान नहीं कर पाता। ये समस्याएं आम तो है पर सिर्फ उनके लिए जिनसे अब तक इसका पाला नहीं पड़ा पर जो इस दर्द के साथ जीते हैं उनके लिए हर एक पल काटना भारी हो जाता है। तो दोस्तों आइए आज हम इन्हीं बीमारियों में से एक सर्वाइकल पेन की बात करते हैं।
यह समस्या हड्डियों से जुड़ी है, जिसके होने पर कंधों, गर्दन आदि में गंभीर दर्द होता है जिसे हम सर्वाइकल का दर्द कहते हैं। यह समस्या किसी को भी हो सकती है। आज के दौर में अनियमित दिनचर्या के कारण लगभग हर तीसरे व्यक्ति को सर्वाइकल की परेशानी सहनी पडती हैं। घंटों बैठे रहना, खराब मुद्रा, झुक कर बैठना और कई अन्य गलत आदतों की वजह से इस परेशानी का सामना बड़ी तादाद में लोगों को करना पड़ता है पर हमें अपनी आदतों या इससे बचने के उपाय नहीं मालूम होते इसलिए हम सभी को सर्वाइकल दर्द की वजह, लक्षण और इसके आसान घरेलू उपचार की जानकारी होनी बहुत जरूरी है
सर्वाइकल दर्द के लक्षण -
सर्वाइकल दर्द के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं -
सर्वाइकल दर्द के कुछ असामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं -
अगर आप निम्नलिखित लक्षण अनुभव कर रहे हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर के पास जाएं क्योंकि यह किसी गंभीर समस्या के लक्षण हो सकते हैं -
दोस्तों वैसे तो चिकित्सा विभाग के पास हर बीमारी का इलाज उपलब्ध होता है, पर अक्सर ये दवाएं हमें साइड इफ़ेक्ट के तौर पर दूसरी बीमारियों से मिलवा देती हैं और साथ ही जेब पर भी पड़ता है भारी, तो क्यों ना आप देशी घरेलू नुस्खों की आजमाइश करें जिसके सहारे हमारे बड़े बुजुर्ग डॉक्टर्स से हमेशा दूर रहकर भी हेल्दी रहा करते थे।
सर्वाइकल पेन के कारण -
चोट और एक्सीडेंट :-
दुर्धटना के समय गर्दन में झटका लगने से गर्दन सामान्य से अधिक मुड़ जाती है, जिससे उसकी मांसपेशियों और ऊतकों पर प्रभाव पड़ता है। इससे मासपेशियां कस्ती व सिकुड़ती हैं, जिससे उनमें दर्द और अकड़न हो जाती है। (और पढ़ें - चोट की सूजन के घरेलु उपाय)
उम्र :-
ऑस्टियोआर्थराइटिस (अस्थिसंधिशोथ), "स्पाइनल स्टेनोसिस" (Spinal stenosis: रीढ़ की हड्डी के अंदर की जगह का सिकुड़ना, जिससे नसों पर दबाव पड़ता है) और "डिजेनेरेटिव डिस्क"( एक ऐसी समस्या जिसमें गर्दन की हड्डियों के बीच मौजूद डिस्क में तरल पदार्थ की कमी हो जाती है) उम्र के साथ होने वाली बीमारियां हैं जिनसे रीढ़ की हड्डी पर प्रभाव पड़ता है।
अन्य जानकारी :-
गलत पोजीशन (मुद्रा) में बैठना, मोटापा और पेट की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण रीढ़ की हड्डी का संतुलन खराब होता है, जिसे सही करने के लिए गर्दन आगे की तरफ झुक जाती है और इससे सर्वाइकल दर्द हो सकता है।
हालांकि, सर्वाइकल दर्द अधिकतर मोच के कारण होता है, लेकिन ज़्यादा देर तक दर्द रहना या/और शरीर के किसी भाग का सही से काम न कर पाना किसी गंभीर समस्या का लक्षण हो सकता है।
सर्वाइकल दर्द का परीक्षण -
सर्वाइकल दर्द का परीक्षण करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले आपके लक्षणों के बारे में पूछेंगे। जैसे - लक्षण कब शुरू हुए, उनकी तीव्रता कितनी है और क्या करने से आपके लक्षण बढ़ जाते हैं।
आपकी बांह व हाथों की ताकत, गतिविधि करने की क्षमता और महसूस करने की क्षमता को देखने के लिए आपका तंत्रिका सम्बन्धी परीक्षण किया जाएगा।
गर्दन की जांच उसको स्थिर रखकर व थोड़ा हिलाकर की जाती है। डॉक्टर इस बात की भी जाँच करते हैं कि गर्दन में कहीं छूने से आपको दर्द होता है या नहीं। साथ ही तंत्रिका तंत्र की जांच भी की जाती है, जिससे यह पता चलता है कि कोई नस प्रभावित हुई है या नहीं।
सर्वाइकल दर्द के लिए निम्नलिखित इमेजिंग टेस्ट किए जाते हैं जिनसे आपके डॉक्टर को इसका कारण पता चलता है -
गर्दन में दर्द के घरेलू उपाय :-
सही ढंग से सोएं : -
अक्सर मुलायम ऊंचे गद्दे और तकिए पर हम सोना पसंद करते हैं । पर यह सर्वाइकल पेन का कारण हो सकता है इसलिए सख्त गद्दे का ही हमेशा प्रयोग करें ।
ऊंची तकिया से दुश्मनी कर लें तो बेहतर है ।
अपना सिर जमीन के तल पर रखकर सोने की आदत डाल लें। या ज्यादा से ज्यादा पीठ को 15 डिग्री तक मोड़ने वाले तकिये का प्रयोग करें। पेट के बल ना सोएँ। ये गर्दन को फैलाता है। पीठ के बल या करवट लेकर सोएँ। इससे आपको दर्द से राहत पाने में मदद करेगा और जिन्हें नहीं है वह बचे रहेंगे।
गर्म और ठंडा सेख :-
दर्द कम करने के लिए गर्दन पर ठंडा या गर्म पदार्थ लेकर सिंकाई करें। किसी एक से ही करते रहने के मुकाबले बारी-बारी से गर्म और ठन्डे का प्रयोग करना फायदेमंद होगा ।
मसाज :-
मसाज करवाना तो वैसे भी कई लोगों को पसंद होता है और यह तुरन्त रिलीफ पहुंचाता है पर सिर्फ बॉडी पेन में ही नहीं बल्कि सर्वाइकल पेन के दर्द से राहत के लिए आप मसाज का सहारा भी ले सकते है।
खूब पानी पियें :-
हम यूँही नहीं कहते कि जल ही जीवन है । हमारे शरीर का अधिकतम वजन पानी की वजह से होता है क्योंकि शरीर में होने वाले अधिकांश कामो के लिए पानी बहुत महत्वपूर्ण पदार्थ है। साथ ही हमारे रीढ़ की हड्डी के जोड़ो के बीच में डिस्क और जॉइंट होते है उनमे अधिकतर हिस्सा पानी का बना होता है और ऐसे में शरीर में पानी की कमी होने से उनकी कार्यक्षमता में कमी हो जाती है इसलिए जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा पानी पियें |
स्ट्रेस से बचें : -
आपको ये सुनकर थोडा अजीब लगेगा कि सर्वाइकल पेन की वजह स्ट्रेस यानी तनाव भी हो सकता है और यह कम से कम 60 फीसदी मामलों में देखा गया है इसलिए अगर आपको पेन है तो आपको इसपर और भी ध्यान देना चाहिए और तनाव को कम करने के लिए उपयोगी कदम उठाने चाहिए।
राइट डे शेड्यूल अपनाएं :-
एक अच्छी दिनचर्या आपके लिए चीजें आसान कर सकती हैं, इसलिए अपनी दिनचर्या में शारीरिक व्यायाम और सही भोजन को शामिल करें और अगर आप मेहनत वाला काम करते हों तो बिना लापरवाही किए अपने शरीर को भरपुर आराम दें।
स्ट्रेच एक्सरसाइज की आदत डालें : -
अपने शरीर को कुछ छोटे छोटे एक्सरसाइज के साथ आप अपने दर्द से प्रभावित हिस्सों को आराम दे सकते है इनमे कुछ स्ट्रेच एक्सरसाइज भी शामिल है। स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से शरीर एवं गर्दन की मास पेशियां खुल जाती है और सर्वाइकल पेन से राहत मिलने लगती है।
सर्वाइकल से बचना है तो बरतें ये सावधानियां :-
सर्वाइकल दर्द का इलाज -
सर्वाइकल दर्द का इलाज निम्नलिखित तरीकों से किया जाता है -
सर्वाइकल दर्द ज़्यादातर मोच या मरोड़ के कारण होता है, इसीलिए केमिस्ट के पास मिलने वाली दवाएं और सूजन कम करने वाली दवाएं दर्द को ठीक करने के लिए प्रभावी होती हैं। हालांकि, सर्वाइकल दर्द के कुछ मामले रीढ़ की हड्डी की समस्याओं के कारण भी होते हैं जिनसे लगातार दर्द होता है। इन मामलों के लिए डॉक्टर से उपचार लेने की आवश्यकता होती है।
स्लिप डिस्क या बोन स्पर ( हड्डी का एक नोकीला उभार) के कारण होने वाले सर्वाइकल दर्द के उपचार के लिए सर्जरी की जा सकती है। लेकिन इससे पहले डॉक्टर आपको कुछ अन्य कम गंभीर उपचार करने को कहेंगे, जैसे कुछ ख़ास इंजेक्शन लगाना या मसाज थेरेपी करवाना। इन उपचार को डॉक्टर "कंज़र्वेटिव उपचार" कहते हैं।
कंज़र्वेटिव उपचार के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं -
एक्यूप्रेशर से सर्वाइकल के दर्द का इलाज :-
१. एक एक्यू-पॉइंट है जो आपके कंधे के बीच में बैठता है। इस बिंदु को उत्तेजित करने से आपको न केवल दर्द से कुछ राहत मिलेगी बल्कि यह पीठ दर्द का भी इलाज करेगा। आपके कान के ठीक पीछे मस्तिष्क के ओसीसीपटल क्षेत्र पर एक और बिंदु होता है जहां आप एक अवसाद पाएंगे।
२. दबाव के साथ इस बिंदु को उत्तेजित करने से आपको गर्दन और आपके सिर में दर्द से राहत मिलेगी। यह गर्दन में अकड़न को भी कम करता है।
३. फिर रीढ़ के दोनों ओर आपकी गर्दन के आधार पर दो बिंदु होते हैं। इन दोनों बिंदुओं को दबाने से आप गर्दन से सुन्नता और दर्द से राहत पा सकते हैं। यह क्षेत्र पुरानी खांसी से राहत देने में भी मदद करता है।
४. एक एक्यूप्रेशर बिंदु है, जहां आपके अंगूठे और तर्जनी के बीच में त्वचा होती है। इस बिंदु को उत्तेजित करने से आपको गर्दन में तनाव छोड़ने में मदद मिलेगी और तनाव और चिंता से भी छुटकारा मिलेगा। हर दिन कुछ मिनट के लिए इन बिंदुओं पर दबाव लागू करें।
५. दर्द को दूर करने का एक और तरीका है आप तर्जनी और मध्यमा अंगुली के बीच का एक बिंदु। यदि दर्द आपकी गर्दन के दाईं ओर है तो अपने दाहिने हाथ पर एक्यू-पॉइंट को उत्तेजित करें यदि दर्द गर्दन के बाईं ओर है तो अपने बाएं हाथ पर एक्यू-पॉइंट को उत्तेजित करें।
एक्यूप्रेशर का एक लंबा और व्यापक इतिहास है इसलिए आपको उपचार की प्रभावशीलता के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। सरवाइकल दर्द के लिए एक्यूप्रेशर उपचार वास्तव में प्रभावी है। यह दवाओं का उपयोग किए बिना दर्द से राहत देता है। यह ग्रीवा उपचार के लिए एक महान समग्र दृष्टिकोण है।
कीरोप्रैक्टिक उपचार ( रीढ़ की हड्डी को मसाज करके ठीक करने की एक प्रक्रिया)
अगर कंज़र्वेटिव उपचार से कुछ हफ़्तों या महीनों तक आपको कोई सुधार नहीं होता है, तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।
सर्जरी :-
गर्दन की सर्जरी में अधिक चीरे लगाने व त्वचा को काटने की आवश्यकता होती है जिसके लिए व्यक्ति दो से पांच दिन अस्पताल में रहता है और सर्जरी के बाद उसे ठीक होने में छः महीने से एक साल तक का समय लग जाता है।
इस सर्जरी में अधिक खतरा होता है, इसीलिए अधिकतर लोग इस सर्जरी को कराने से हिचकिचाते हैं।
सर्वाइकल पेन से राहत दिलाएंगे ये 5 एक्सरसाइज, साथ में फॉलो करें ये नुस्खे
गर्दन दर्द यानि सर्वाइकल पेन, आज इतनी आम हो गई है कि हाऊस वाइफ से लेकर ऑफिस में काम करने वाली औरतें इस प्रॉब्लम से परेशान हैं सिर्फ औरतें ही नहीं बलिक बच्चों व पुरुषों को भी यह दिक्कत हो रही है। ज्यादा समय बैठे रहने, कंप्यूटर, इंटरनेट, मोबाइल व गर्दन झुकाकर लंबा समय काम करने वाले लोगों को यह समस्या ज्यादा अपने घेरे में लेती हैं इसके अलावा जो ऊंचे तकिए का इस्तेमाल करते हैं
वहीं, कैल्शियम की कमी से भी यह बीमारी होती हैं, पानी कम पीने से डिस्क सूख जाती है जिससे वह कमजोर बनाता है।
चोट लगने के कारण भी यह दर्द उठ सकती है। वहीं इसका कनैक्शन आपकी रीढ़ की हड्डी से भी होता है। वहीं, अगर स्पाइनल कोर्ड दब गई हो तो ब्लेडर पर नियंत्रण खत्म हो सकता है, इससे भी गर्दन में तीव्र दर्द उठता हैं।
इस रोग में दर्द हाथ की उँगलियों से लेकर सिर तक जाता है लेकिन अगर आप इसे मामूली समझ कर इग्नोर कर देते हैं तो आगे आपको काफी दर्द झेलनी पड़ सकती है क्योंकि यहीं दर्द आगे कंधों व बैक पेन का कारण भी बनता है।
चलिए आपको कुछ जरूरी टिप्स बताते हैं...
सर्वाइकल दर्द से छुटकारा पाने के लिए योग
इससे छुटकारा पाने का बेस्ट नुस्खा एक्सरसाइज और योग है आप सूर्य नमस्कार, भुजंगासन, मकरासन, अर्ध नौकासन अर्ध नौकासन कंधों के दर्द, कमर औ गर्दन के दर्द से बहुत आराम दिलाता है। इससे कब्ज, पाचन क्रिया जैसी और भी कई परेशानियां दूर होती है।
वहीं, आप कुछ सरल फिजियोथेरेपी एक्सरसाइज भी कर सकते हैं जो घर पर ही आसानी से की जा सकती है।
गर्दन को भी
दर्द व अकड़न से छुटकारा पाने के लिए अपनी गर्दन को धीरे-धीरे एक तरफ मोड़कर 5 से 7 मिनट तक घुमाएं। इस बात का ध्यान रखें कि आपका जबड़ा ऊंचाई पर हो। इसके बाद गर्दन को धीरे-धीरे दूसरी तरफ मोड़कर 5 से 7 सेकंड रोक कर रखें। इस व्यायाम को कम से कम 5 बार दोहराएं।
गर्दन झुकाना
गर्दन दर्द से छुटकारा पाने के लिए यह सबसे आसान एक्सरसाइज है। आपको बस अपनी गर्दन को नीचे की तरफ झुकाकर छाती से स्पर्श करना है। इस मुद्रा में कम से कम 5 सेकंड तक रूके और फिर धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। इसे 5 से 10 बार दोहराएं।
सिर को घुमाएं
इसके लिए हाथ को सिर पिछले हिस्से पर रखकर हल्का-सा दबाव बनाएं। इसके बाद सिर को धीरे-धीरे चारों तरफ एंटीक्लॉकवाइज घुमाएं। फिर 2 मिनट का ब्रेक लेकर दोबारा गोल-गोल घुमाएं। ऐसा कम से कम 4-5 बार करने पर आपको आराम मिलेगा लेकिन ध्यान रखें कि गर्दन पर ज्यादा जोर ना पड़े।
गर्दन को एक ओर झुकाएं
इसके लिए गर्दन को धीरे-धीरे कंधों की तरफ झुकाएं और 5 सेकंड तक रुके और फिर गर्दन को सीधा कर लें। अब इस प्रक्रिया को दूसरी तरफ से दोहराएं। इस व्यायम को कम से कम 5 बार करने से आपको बेहतर रिजल्ट मिलेगा।
सोल्डर एक्सटेंसन
इस एक्सरसाइज को करने के लिए शरीर को सीधा रखें और गर्दन को बाहर की ओर निकालें। अब अपने दोनों कंधों को धीरे-धीरे एक साथ पीछे की तरफ खीचें। इस स्थिति में 5 सेकंड तक रूकने के बाद सामान्य हो जाएं। इसेस गर्दन की मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है, जिससे दर्द गायब हो जाता है।
कुछ देसी नुस्खे
1. गर्म पानी में 1 चम्मच सेंधा नमक मिलाएं और इसकी प्रभावित जगह पर पट्टी करें इससे आपको बहुत आराम मिलेगा।
2. स्पोंडोलाइटिस दर्द है तो पहले प्रभावित क्षेत्र पर गर्म पानी की पट्टी करें फिर उसके बाद ठन्डे पानी की पट्टी करने से आपको बेहद आराम मिलेगा।
3. लहसुन की चार कली को खा कर पानी पिए इससे आपको बहुत आराम मिलेगा।
4. एक गिलास गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी डाल कर पीएं अगर गर्दन में अकड़न है तो...।
गर्दन दर्द या सर्वाइकल क्या है ?
हमारी गर्दन की हड्डी शरीर की सबसे ज़्यादा इस्तेमाल की जाने वाली हड्डियों में से एक है और यह सिर के वजन को भी संभालती है। हालांकि, गर्दन बाकि की रीढ़ की हड्डी से कम सुरक्षित होती है इसीलिए उसे चोट लगने और अन्य विकार होने का खतरा अधिक होता है, जिससे दर्द होता है व गतिविधि करने में समस्या होती है।
इन दिनों कई ऐसी बीमारियाँ हैं जो कुछ साल पहले तक किसी बीमारी की श्रेणी में गिनी ही नहीं जाती थी, जो अब बड़ी तकलीफ बनकर खड़ी हो जाती हैं, जी हां जॉइंट पेन, बैक पेन, सर्वाइकल पेन जैसी शरीरिक समस्या ऐसी दर्दनाक होती हैं, जिसे देखने वाला समझ नहीं पाता और झेलने वाला इसके दर्द को बयान नहीं कर पाता। ये समस्याएं आम तो है पर सिर्फ उनके लिए जिनसे अब तक इसका पाला नहीं पड़ा पर जो इस दर्द के साथ जीते हैं उनके लिए हर एक पल काटना भारी हो जाता है। तो दोस्तों आइए आज हम इन्हीं बीमारियों में से एक सर्वाइकल पेन की बात करते हैं।
यह समस्या हड्डियों से जुड़ी है, जिसके होने पर कंधों, गर्दन आदि में गंभीर दर्द होता है जिसे हम सर्वाइकल का दर्द कहते हैं। यह समस्या किसी को भी हो सकती है। आज के दौर में अनियमित दिनचर्या के कारण लगभग हर तीसरे व्यक्ति को सर्वाइकल की परेशानी सहनी पडती हैं। घंटों बैठे रहना, खराब मुद्रा, झुक कर बैठना और कई अन्य गलत आदतों की वजह से इस परेशानी का सामना बड़ी तादाद में लोगों को करना पड़ता है पर हमें अपनी आदतों या इससे बचने के उपाय नहीं मालूम होते इसलिए हम सभी को सर्वाइकल दर्द की वजह, लक्षण और इसके आसान घरेलू उपचार की जानकारी होनी बहुत जरूरी है
सर्वाइकल दर्द के लक्षण -
सर्वाइकल दर्द के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं -
- कंधे में दर्द, पीठ के ऊपरी भाग या गर्दन में दर्द
- गर्दन के आसपास मांसपेशियों में अकड़न (और पढ़ें - गर्दन में अकड़न के घरेलु उपाय)
- ऐंठन
- दर्द का कंधों और पीठ के ऊपरी भाग में फैलना
- सिरदर्द
- गर्दन हिलाने से दर्द का बढ़ना, खासकर गर्दन, कन्धों और पीठ के ऊपरी भाग में
- थकान
- हाथ में दर्द होना, सुन्न होना या कमजोरी महसूस होना (और पढ़ें - मांसपेशियों में दर्द)
- बोलने, लिखने, चलने और निगलने में कठिनाई
सर्वाइकल दर्द के कुछ असामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं -
- सिरदर्द
- चक्कर आना
- मतली
- धुंधला दिखना
- बुखार
- सोते समय अधिक पसीना आना
- बिना किसी वजह वजन कम होना
अगर आप निम्नलिखित लक्षण अनुभव कर रहे हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर के पास जाएं क्योंकि यह किसी गंभीर समस्या के लक्षण हो सकते हैं -
- कंधे या बांह की निचली तरफ तेज़ दर्द
- बांह या हाथों का सुन्न होना या उनमें ताकत न रहना
- सामान्य रूप से मल या मूत्र न कर पाना
- अपनी ठोड़ी को छाती से न लगा पाना
- लगातार दर्द होना
- बहुत तेज़ दर्द होना
- दर्द का हाथों व पैरों तक फैलना
- गर्दन में दर्द के साथ सिरदर्द होना, सुन्न होना, झुनझुनी होना या कमजोरी महसूस होना
दोस्तों वैसे तो चिकित्सा विभाग के पास हर बीमारी का इलाज उपलब्ध होता है, पर अक्सर ये दवाएं हमें साइड इफ़ेक्ट के तौर पर दूसरी बीमारियों से मिलवा देती हैं और साथ ही जेब पर भी पड़ता है भारी, तो क्यों ना आप देशी घरेलू नुस्खों की आजमाइश करें जिसके सहारे हमारे बड़े बुजुर्ग डॉक्टर्स से हमेशा दूर रहकर भी हेल्दी रहा करते थे।
सर्वाइकल पेन के कारण -
- गलत पोजीशन में सोने से आपको सर्वाइकल पेन होने लगता है।
- ज्यादातर लोगों को भारी वजन को सिर पर उठाने से सर्वाइकल पेन होता है।
- गर्दन को बहुत देर तक झुकाये रखने से भी सर्वाइकल पेन हो सकता है।
- बहुत देर तक एक ही पोजीशन में बैठने से सर्वाइकल पेन शुरू हो जाता है।
- ऊंचे और बड़े तकिये का प्रयोग करने से सर्वाइकल पेन होता है।
- भारी वजन के हेलमेट डालकर बाइक राइडिंग करने से भी सर्वाइकल हो सकता है।
- गलत उठने, बैठने और सोने के तरीकों के कारण भी सर्वाइकल हो सकता है।
- 'कंप्यूटर और मोबाइल के लगातार इस्तेमाल से मांसपेशियों में खिंचाव आ जाना।
- 'पढ़ते या काम करते समय गर्दन का पॉस्चर सही न रखना।
- 'उम्र बढ़ने के साथ गर्दन के जोड़ों में
- टूट-फूट होना।
- 'ऑस्टियोआथ्र्राइटिस के कारण गर्दन की हड्डियां क्षतिग्रस्त हो जाना।
- 'दुर्घटना या चोट लगने के कारण मांसपेशियों और ऊतकों में खिंचाव आ जाना या कशेरुकाएं विकृत हो जाना।
चोट और एक्सीडेंट :-
दुर्धटना के समय गर्दन में झटका लगने से गर्दन सामान्य से अधिक मुड़ जाती है, जिससे उसकी मांसपेशियों और ऊतकों पर प्रभाव पड़ता है। इससे मासपेशियां कस्ती व सिकुड़ती हैं, जिससे उनमें दर्द और अकड़न हो जाती है। (और पढ़ें - चोट की सूजन के घरेलु उपाय)
उम्र :-
ऑस्टियोआर्थराइटिस (अस्थिसंधिशोथ), "स्पाइनल स्टेनोसिस" (Spinal stenosis: रीढ़ की हड्डी के अंदर की जगह का सिकुड़ना, जिससे नसों पर दबाव पड़ता है) और "डिजेनेरेटिव डिस्क"( एक ऐसी समस्या जिसमें गर्दन की हड्डियों के बीच मौजूद डिस्क में तरल पदार्थ की कमी हो जाती है) उम्र के साथ होने वाली बीमारियां हैं जिनसे रीढ़ की हड्डी पर प्रभाव पड़ता है।
अन्य जानकारी :-
गलत पोजीशन (मुद्रा) में बैठना, मोटापा और पेट की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण रीढ़ की हड्डी का संतुलन खराब होता है, जिसे सही करने के लिए गर्दन आगे की तरफ झुक जाती है और इससे सर्वाइकल दर्द हो सकता है।
हालांकि, सर्वाइकल दर्द अधिकतर मोच के कारण होता है, लेकिन ज़्यादा देर तक दर्द रहना या/और शरीर के किसी भाग का सही से काम न कर पाना किसी गंभीर समस्या का लक्षण हो सकता है।
सर्वाइकल दर्द का परीक्षण -
सर्वाइकल दर्द का परीक्षण करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले आपके लक्षणों के बारे में पूछेंगे। जैसे - लक्षण कब शुरू हुए, उनकी तीव्रता कितनी है और क्या करने से आपके लक्षण बढ़ जाते हैं।
आपकी बांह व हाथों की ताकत, गतिविधि करने की क्षमता और महसूस करने की क्षमता को देखने के लिए आपका तंत्रिका सम्बन्धी परीक्षण किया जाएगा।
गर्दन की जांच उसको स्थिर रखकर व थोड़ा हिलाकर की जाती है। डॉक्टर इस बात की भी जाँच करते हैं कि गर्दन में कहीं छूने से आपको दर्द होता है या नहीं। साथ ही तंत्रिका तंत्र की जांच भी की जाती है, जिससे यह पता चलता है कि कोई नस प्रभावित हुई है या नहीं।
सर्वाइकल दर्द के लिए निम्नलिखित इमेजिंग टेस्ट किए जाते हैं जिनसे आपके डॉक्टर को इसका कारण पता चलता है -
- एक्स रे
- एमआरआई स्कैन
- सीटी स्कैन
- अन्य टेस्ट -
- हड्डियों का स्कैन :- हड्डियों की समस्याओं की जांच करने के लिए परीक्षण
- इलेक्ट्रोमायोग्राफी :- मांसपेशियों के स्वास्थ की जांच करने के लिए परीक्षण
- नर्व कंडक्टिव वेलोसिटी टेस्ट :- तंत्रिकाओं के नुकसान और रोग की जांच करने का परीक्षण
- लम्बर पंक्चर या स्पाइनल टैप टेस्ट
गर्दन में दर्द के घरेलू उपाय :-
सही ढंग से सोएं : -
अक्सर मुलायम ऊंचे गद्दे और तकिए पर हम सोना पसंद करते हैं । पर यह सर्वाइकल पेन का कारण हो सकता है इसलिए सख्त गद्दे का ही हमेशा प्रयोग करें ।
ऊंची तकिया से दुश्मनी कर लें तो बेहतर है ।
अपना सिर जमीन के तल पर रखकर सोने की आदत डाल लें। या ज्यादा से ज्यादा पीठ को 15 डिग्री तक मोड़ने वाले तकिये का प्रयोग करें। पेट के बल ना सोएँ। ये गर्दन को फैलाता है। पीठ के बल या करवट लेकर सोएँ। इससे आपको दर्द से राहत पाने में मदद करेगा और जिन्हें नहीं है वह बचे रहेंगे।
गर्म और ठंडा सेख :-
दर्द कम करने के लिए गर्दन पर ठंडा या गर्म पदार्थ लेकर सिंकाई करें। किसी एक से ही करते रहने के मुकाबले बारी-बारी से गर्म और ठन्डे का प्रयोग करना फायदेमंद होगा ।
मसाज :-
मसाज करवाना तो वैसे भी कई लोगों को पसंद होता है और यह तुरन्त रिलीफ पहुंचाता है पर सिर्फ बॉडी पेन में ही नहीं बल्कि सर्वाइकल पेन के दर्द से राहत के लिए आप मसाज का सहारा भी ले सकते है।
खूब पानी पियें :-
हम यूँही नहीं कहते कि जल ही जीवन है । हमारे शरीर का अधिकतम वजन पानी की वजह से होता है क्योंकि शरीर में होने वाले अधिकांश कामो के लिए पानी बहुत महत्वपूर्ण पदार्थ है। साथ ही हमारे रीढ़ की हड्डी के जोड़ो के बीच में डिस्क और जॉइंट होते है उनमे अधिकतर हिस्सा पानी का बना होता है और ऐसे में शरीर में पानी की कमी होने से उनकी कार्यक्षमता में कमी हो जाती है इसलिए जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा पानी पियें |
स्ट्रेस से बचें : -
आपको ये सुनकर थोडा अजीब लगेगा कि सर्वाइकल पेन की वजह स्ट्रेस यानी तनाव भी हो सकता है और यह कम से कम 60 फीसदी मामलों में देखा गया है इसलिए अगर आपको पेन है तो आपको इसपर और भी ध्यान देना चाहिए और तनाव को कम करने के लिए उपयोगी कदम उठाने चाहिए।
राइट डे शेड्यूल अपनाएं :-
एक अच्छी दिनचर्या आपके लिए चीजें आसान कर सकती हैं, इसलिए अपनी दिनचर्या में शारीरिक व्यायाम और सही भोजन को शामिल करें और अगर आप मेहनत वाला काम करते हों तो बिना लापरवाही किए अपने शरीर को भरपुर आराम दें।
स्ट्रेच एक्सरसाइज की आदत डालें : -
अपने शरीर को कुछ छोटे छोटे एक्सरसाइज के साथ आप अपने दर्द से प्रभावित हिस्सों को आराम दे सकते है इनमे कुछ स्ट्रेच एक्सरसाइज भी शामिल है। स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से शरीर एवं गर्दन की मास पेशियां खुल जाती है और सर्वाइकल पेन से राहत मिलने लगती है।
सर्वाइकल से बचना है तो बरतें ये सावधानियां :-
- बहुत जरूरी है कि हमेशा ही गर्दन को स्वस्थ रखने के उपाय अपनाएं। बैठने, उठने, चलने से लेकर कम्प्यूटर पर काम करने का पॉश्चर यानी बैठने का तरीका सही होना चाहिए।
- मोबाइल फोन पर लंबे समय तक बात एक ही स्थिति में तिरछा न करें और ज्या देर तक फोन पर बात करनी भी पड़े तो कान और कंधे के बीच में रखकर न करें।
- सामने की तरफ भी गर्दन झुका कर मोबाइल स्क्रिन देखने की बजाए आंखों की ऊंचाई के बराबर रखकर देखें। बेहतर तो यह होगा कि मोबाइल का ज्यादा बहुत इस्तेमाल न करें।
- हड्डियों को स्वस्थ रखना जरूरी है। इसके लिए कैल्शियम और विटामिन डी का सेवन करें।
- सोने का तकिया या कुशन सही आकार का होना चाहिए। नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से इस स्थिति से बच सकते हैं।
- सर्वाइकल दर्द से बचने का सबसे मुख्य तरीका है गर्दन को चोट लगने से बचाना। इसके लिए खेल के दौरान चोट लगने के जोखिम को कम करें।
- शुरूआती कुछ दिनों के लिए गर्दन पर बर्फ लगाएं और उसके बाद हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल से सिकाई करें या गर्म पानी से नहाएं।
- कुछ दिनों के लिए न खेलें और वजन उठाने व लक्षणों को बढ़ाने वाले अन्य काम न करें। लक्षणों के ठीक होने के बाद धीरे-धीरे अपने सामान्य काम करना शुरू करें।
- रोज़ाना गर्दन के लिए व्यायाम करें, गर्दन को एक दिशा से दूसरी दिशा और ऊपर नीचे घुमाएं।
- फ़ोन को गर्दन व सिर के बीच रखकर बात न करें।
- लम्बे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने और खड़े होने से बचें।
- सर्वाइकल दर्द से पीड़ित लोगों के लिए खास तकिए आते हैं, सोने के लिए उनका उपयोग करें।
- गर्दन को सीधा रखने के लिए प्रयोग किए जाने वाले पट्टे का उपयोग बिना डॉक्टर की सलाह लिए न करें। अगर आप उसे ठीक से इस्तेमाल नहीं करते, तो आपके लक्षण और बिगड़ सकते हैं।
सर्वाइकल दर्द का इलाज -
सर्वाइकल दर्द का इलाज निम्नलिखित तरीकों से किया जाता है -
सर्वाइकल दर्द ज़्यादातर मोच या मरोड़ के कारण होता है, इसीलिए केमिस्ट के पास मिलने वाली दवाएं और सूजन कम करने वाली दवाएं दर्द को ठीक करने के लिए प्रभावी होती हैं। हालांकि, सर्वाइकल दर्द के कुछ मामले रीढ़ की हड्डी की समस्याओं के कारण भी होते हैं जिनसे लगातार दर्द होता है। इन मामलों के लिए डॉक्टर से उपचार लेने की आवश्यकता होती है।
स्लिप डिस्क या बोन स्पर ( हड्डी का एक नोकीला उभार) के कारण होने वाले सर्वाइकल दर्द के उपचार के लिए सर्जरी की जा सकती है। लेकिन इससे पहले डॉक्टर आपको कुछ अन्य कम गंभीर उपचार करने को कहेंगे, जैसे कुछ ख़ास इंजेक्शन लगाना या मसाज थेरेपी करवाना। इन उपचार को डॉक्टर "कंज़र्वेटिव उपचार" कहते हैं।
कंज़र्वेटिव उपचार के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं -
- ठन्डे या गर्म कपडे से सिकाई
- व्यायाम व फिज़िओथेरपी
- गलत आदतें सुधारना
- एक्यूप्रेशर या एक्युपंक्चर
एक्यूप्रेशर से सर्वाइकल के दर्द का इलाज :-
- चूंकि आपकी गर्दन इतनी चाल में सक्षम है, इसलिए यह कई समस्याओं से ग्रस्त है। हमारी गर्दन कई छोटी कशेरुकाओं का एक संयोजन है जिसे वक्षीय कशेरुक के रूप में जाना जाता है।
- दर्द के कई कारण हैं। यह चोट और दुर्घटनाओं, अपक्षयी विकारों के कारण हो सकता है जो उम्र बढ़ने के साथ आते हैं विशेष रूप से पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस , अपक्षयी डिस्क रोग आदि लेकिन इसके अलावा आपका रोजमर्रा का जीवन भी आपके आसन और मोटापा, रीढ़ की हड्डी के संतुलन को बदल सकता है। दर्द भी हो सकता है
- अगर एक निश्चित तंत्रिका को संकुचित या पिन किया जा रहा है। गर्दन के दर्द को ठीक करने के लिए एक्यूप्रेशर आपकी संपूर्ण चिकित्सा है। यह एक समग्र उपचार है जो आपकी गर्दन, कंधे और पीठ की मांसपेशियों से तनाव और तनाव को कम करने में मदद करेगा।
- आपके शरीर में एक्यू-पॉइंट्स हैं जो उत्तेजना पर मांसपेशियों से दर्द और तनाव को दूर करते हैं। ये एक्यू-पॉइंट मूल रूप से मध्याह्न या ऊर्जा चैनल हैं जो ऊर्जा ले जाते हैं और आपके शरीर के सभी अंगों से जुड़े होते हैं। इन बिंदुओं पर दबाव लागू करने से रुकावट खुलती है और शरीर के माध्यम से ऊर्जा को स्वतंत्र रूप से प्रवाह करने की अनुमति मिलती है।
१. एक एक्यू-पॉइंट है जो आपके कंधे के बीच में बैठता है। इस बिंदु को उत्तेजित करने से आपको न केवल दर्द से कुछ राहत मिलेगी बल्कि यह पीठ दर्द का भी इलाज करेगा। आपके कान के ठीक पीछे मस्तिष्क के ओसीसीपटल क्षेत्र पर एक और बिंदु होता है जहां आप एक अवसाद पाएंगे।
२. दबाव के साथ इस बिंदु को उत्तेजित करने से आपको गर्दन और आपके सिर में दर्द से राहत मिलेगी। यह गर्दन में अकड़न को भी कम करता है।
३. फिर रीढ़ के दोनों ओर आपकी गर्दन के आधार पर दो बिंदु होते हैं। इन दोनों बिंदुओं को दबाने से आप गर्दन से सुन्नता और दर्द से राहत पा सकते हैं। यह क्षेत्र पुरानी खांसी से राहत देने में भी मदद करता है।
४. एक एक्यूप्रेशर बिंदु है, जहां आपके अंगूठे और तर्जनी के बीच में त्वचा होती है। इस बिंदु को उत्तेजित करने से आपको गर्दन में तनाव छोड़ने में मदद मिलेगी और तनाव और चिंता से भी छुटकारा मिलेगा। हर दिन कुछ मिनट के लिए इन बिंदुओं पर दबाव लागू करें।
५. दर्द को दूर करने का एक और तरीका है आप तर्जनी और मध्यमा अंगुली के बीच का एक बिंदु। यदि दर्द आपकी गर्दन के दाईं ओर है तो अपने दाहिने हाथ पर एक्यू-पॉइंट को उत्तेजित करें यदि दर्द गर्दन के बाईं ओर है तो अपने बाएं हाथ पर एक्यू-पॉइंट को उत्तेजित करें।
कीरोप्रैक्टिक उपचार ( रीढ़ की हड्डी को मसाज करके ठीक करने की एक प्रक्रिया)
अगर कंज़र्वेटिव उपचार से कुछ हफ़्तों या महीनों तक आपको कोई सुधार नहीं होता है, तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।
सर्जरी :-
गर्दन की सर्जरी में अधिक चीरे लगाने व त्वचा को काटने की आवश्यकता होती है जिसके लिए व्यक्ति दो से पांच दिन अस्पताल में रहता है और सर्जरी के बाद उसे ठीक होने में छः महीने से एक साल तक का समय लग जाता है।
इस सर्जरी में अधिक खतरा होता है, इसीलिए अधिकतर लोग इस सर्जरी को कराने से हिचकिचाते हैं।
सर्वाइकल पेन से राहत दिलाएंगे ये 5 एक्सरसाइज, साथ में फॉलो करें ये नुस्खे
गर्दन दर्द यानि सर्वाइकल पेन, आज इतनी आम हो गई है कि हाऊस वाइफ से लेकर ऑफिस में काम करने वाली औरतें इस प्रॉब्लम से परेशान हैं सिर्फ औरतें ही नहीं बलिक बच्चों व पुरुषों को भी यह दिक्कत हो रही है। ज्यादा समय बैठे रहने, कंप्यूटर, इंटरनेट, मोबाइल व गर्दन झुकाकर लंबा समय काम करने वाले लोगों को यह समस्या ज्यादा अपने घेरे में लेती हैं इसके अलावा जो ऊंचे तकिए का इस्तेमाल करते हैं
वहीं, कैल्शियम की कमी से भी यह बीमारी होती हैं, पानी कम पीने से डिस्क सूख जाती है जिससे वह कमजोर बनाता है।
चोट लगने के कारण भी यह दर्द उठ सकती है। वहीं इसका कनैक्शन आपकी रीढ़ की हड्डी से भी होता है। वहीं, अगर स्पाइनल कोर्ड दब गई हो तो ब्लेडर पर नियंत्रण खत्म हो सकता है, इससे भी गर्दन में तीव्र दर्द उठता हैं।
इस रोग में दर्द हाथ की उँगलियों से लेकर सिर तक जाता है लेकिन अगर आप इसे मामूली समझ कर इग्नोर कर देते हैं तो आगे आपको काफी दर्द झेलनी पड़ सकती है क्योंकि यहीं दर्द आगे कंधों व बैक पेन का कारण भी बनता है।
चलिए आपको कुछ जरूरी टिप्स बताते हैं...
- अगर दर्द स्पॉन्डिलाइटिस से जुड़ा है तो
- अच्छी वा चैन की नींद लें प्रयाप्त नींद ले। हैवी और ऊंचे तकिए का इस्तेमाल ना करें।
- नियमित तौर पर व्यायाम करें व योग करे।
- तला-भुना और मसालेदार खानों से परहेज करें।
- कुछ दिन सर्वाइकल कॉलर गर्दन में लगएं।
- विटामिन्स और कैल्शियमयुक्त भोजन अवश्य लें।
सर्वाइकल दर्द से छुटकारा पाने के लिए योग
इससे छुटकारा पाने का बेस्ट नुस्खा एक्सरसाइज और योग है आप सूर्य नमस्कार, भुजंगासन, मकरासन, अर्ध नौकासन अर्ध नौकासन कंधों के दर्द, कमर औ गर्दन के दर्द से बहुत आराम दिलाता है। इससे कब्ज, पाचन क्रिया जैसी और भी कई परेशानियां दूर होती है।
वहीं, आप कुछ सरल फिजियोथेरेपी एक्सरसाइज भी कर सकते हैं जो घर पर ही आसानी से की जा सकती है।
गर्दन को भी
दर्द व अकड़न से छुटकारा पाने के लिए अपनी गर्दन को धीरे-धीरे एक तरफ मोड़कर 5 से 7 मिनट तक घुमाएं। इस बात का ध्यान रखें कि आपका जबड़ा ऊंचाई पर हो। इसके बाद गर्दन को धीरे-धीरे दूसरी तरफ मोड़कर 5 से 7 सेकंड रोक कर रखें। इस व्यायाम को कम से कम 5 बार दोहराएं।
गर्दन झुकाना
गर्दन दर्द से छुटकारा पाने के लिए यह सबसे आसान एक्सरसाइज है। आपको बस अपनी गर्दन को नीचे की तरफ झुकाकर छाती से स्पर्श करना है। इस मुद्रा में कम से कम 5 सेकंड तक रूके और फिर धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। इसे 5 से 10 बार दोहराएं।
सिर को घुमाएं
इसके लिए हाथ को सिर पिछले हिस्से पर रखकर हल्का-सा दबाव बनाएं। इसके बाद सिर को धीरे-धीरे चारों तरफ एंटीक्लॉकवाइज घुमाएं। फिर 2 मिनट का ब्रेक लेकर दोबारा गोल-गोल घुमाएं। ऐसा कम से कम 4-5 बार करने पर आपको आराम मिलेगा लेकिन ध्यान रखें कि गर्दन पर ज्यादा जोर ना पड़े।
गर्दन को एक ओर झुकाएं
इसके लिए गर्दन को धीरे-धीरे कंधों की तरफ झुकाएं और 5 सेकंड तक रुके और फिर गर्दन को सीधा कर लें। अब इस प्रक्रिया को दूसरी तरफ से दोहराएं। इस व्यायम को कम से कम 5 बार करने से आपको बेहतर रिजल्ट मिलेगा।
सोल्डर एक्सटेंसन
इस एक्सरसाइज को करने के लिए शरीर को सीधा रखें और गर्दन को बाहर की ओर निकालें। अब अपने दोनों कंधों को धीरे-धीरे एक साथ पीछे की तरफ खीचें। इस स्थिति में 5 सेकंड तक रूकने के बाद सामान्य हो जाएं। इसेस गर्दन की मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है, जिससे दर्द गायब हो जाता है।
कुछ देसी नुस्खे
1. गर्म पानी में 1 चम्मच सेंधा नमक मिलाएं और इसकी प्रभावित जगह पर पट्टी करें इससे आपको बहुत आराम मिलेगा।
2. स्पोंडोलाइटिस दर्द है तो पहले प्रभावित क्षेत्र पर गर्म पानी की पट्टी करें फिर उसके बाद ठन्डे पानी की पट्टी करने से आपको बेहद आराम मिलेगा।
3. लहसुन की चार कली को खा कर पानी पिए इससे आपको बहुत आराम मिलेगा।
4. एक गिलास गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी डाल कर पीएं अगर गर्दन में अकड़न है तो...।















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