क्या है अंजीर ?
1. सेहत के लिए अंजीर के फायदे :-
2. त्वचा के संबंध में अंजीर के फायदे :-
3. बालों के लिए अंजीर के फायदे :-
अंजीर को अंग्रेजी में फिग कहा जाता है, जबकि इसका वैज्ञानिक नाम फिकस कैरिका है। वैज्ञानिक तौर पर माना जाता है कि यह शहतूत परिवार का सदस्य है। इसके फल का रंग हल्का पीला होता है, जबकि पकने के बाद गहरा सुनहरा या बैंगनी हो सकता है।
अंजीर के पेड़ की छाल चिकनी और सफेद रंग की होती है। इसका पेड़ मुख्य रूप से सूखे और धूप वाली जगह पर तेजी से उगता है और जड़ बेहद गहरी होती हैं। साथ ही यह पहाड़ी क्षेत्र में भी आसानी से पनप सकता है। इसके पेड़ की ऊंचाई 9-10 मीटर तक हो सकती है। ऐसा माना जाता है कि अंजीर के एक पेड़ की उम्र करीब 100 वर्ष होती है। हिमालय और शिवालिक एरिया में यह बहुतायत में पाए जाते हैं। ईरान, भारत और मध्य-पूर्व के देशों में रहने वाले इसका सेवन अधिक मात्रा में करते हैं।
इसे स्थानीय भाषाओं में विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे –
तेलुगु में अथी पल्लू, तमिल और मलयालम में अती पाजम, कन्नड़ में अंजुरा और बंगाली में दुमूर कहा जाता है। जहां इसका फल जून से सितंबर तक मिलता है, वहीं ड्राईफ्रूट के तौर पर यह सालभर बाजार में उपलब्ध रहता है। इसका टेस्ट सबसे अलग और अनोखा होता है। जहां इसका बाहरी हिस्सा बेहद मुलायम होता है, वहीं अंदर इसके बीज हल्के कुरकुरे होते हैं, जो इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देते हैं। साथ ही अंजीर के गुण कई प्रकार से लाभकारी हैं।
अंजीर के प्रकार
मुख्य रूप से अंजीर के पांच प्रकार माने गए हैं। हर प्रकार का अपना अलग स्वाद व मिठास है। अंजीर के विभिन्न प्रकार इस तरह हैं :
ब्लैक मिशन :
बाहर से इसका रंग काला या हल्का बैंगनी होता है, जबकि अंदर से गुलाबी होता है। यह अंजीर न सिर्फ खाने में मीठी होती है, बल्कि इसमें रस भी होता है। इसे केक या खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
कडोटा :
यह अंजीर हरे रंग की होती है और बैंगनी रंग का गूदा होता है। यह अंजीर के सभी किस्मों में सबसे कम मीठी होती है। इसे कच्चा खाया जा सकता है, लेकिन इसे गर्म करके और ऊपर हल्का नमक डालकर भी खाया जा सकता है।
कैलीमिरना :
यह बाहर से हरे-पीले रंग की होती है। इसका आकार अन्य किस्मों के मुकाबले सबसे बड़ा होता है और इसका स्वाद भी सबसे अलग होता है।
ब्राउन तुर्की :
इस अंजीर का बाहरी रंग बैंगनी और गूदा लाल होता है। इसका स्वाद हल्का और कम मीठा होता है। इसका प्रयोग सलाद का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है।
एड्रियाटिक :
इसकी बाहरी परत हल्की हरी और अंदर से गुलाबी होती है। इसका रंग हल्का होने के कारण इसे सफेद अंजीर भी कहा जाता है। यह सबसे मीठी होती है और इसे फल के तौर पर खाया जा सकता है।
अंजीर के पौष्टिक तत्व :
यह तो आप जान ही चुके हैं कि अंजीर में कई प्रकार के पौष्टिक तत्व शामिल हैं। इसमें आपको एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स जैसे कई गुणकारी तत्व मिलेंगे। इसके अलावा, अंजीर को प्राकृतिक शुगर और घुलनशील फाइबर का प्रमुख स्रोत माना गया है।
सेहत के लिए अंजीर के फायदे
1. पाचन तंत्र
अंजीर का सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर हो सकती है और पाचन तंत्र अच्छी तरह काम करने लगता है। पाचन तंत्र को बेहतर करने के लिए दो-तीन अंजीर को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें और अगली सुबह ऐसे ही या फिर शहद के साथ खाएं।
पाचन तंत्र को बेहतर करने और कब्ज को जड़ से मिटाने के लिए फाइबर की जरूरत होती है। अंजीर में पर्याप्त मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है। इसलिए, जब अंजीर का सेवन किया जाता है, तो इसका फाइबर गुण पेट को साफ करने में मदद कर सकता है। शरीर से मल आसानी से बाहर निकल जाता है। अंजीर में फाइबर होने के कारण इसके सेवन से दस्त भी ठीक हो सकते हैं । इस प्रकार पेट के लिए अंजीर फायदेमंद है।
2. ह्रदय के लिए
जब हमारे शरीर में ट्राइग्लिसराइड (एक प्रकार का वसा) की मात्रा बढ़ जाती है, तो ह्रदय संबंधी बीमारियां होने लगती हैं। इससे निपटने के लिए अंजीर का सेवन किया जा सकता है। अंजीर खाने से रक्त में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा कम हो सकती है और ह्रदय सही प्रकार से काम करने लगता है। इसलिए, स्वस्थ ह्रदय के लिए अंजीर के कई फायदे हैं।
इसके अलावा, शरीर में फ्री रेडिकल्स की उत्पत्ति होने पर कोरोनरी धमिनयां जाम हो जाती हैं और ह्रदय से जुड़ी बीमारियां जन्म लेने लगती हैं। ऐसे में अंजीर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स को खत्म कर ह्रदय की रक्षा कर सकता है । इसके अलावा, अंजीर में फेनोल्स, ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड गुण भी होते हैं, जो ह्रदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
3. कम वजन
अगर कोई वजन कम करने के बारे में सोच रहा है, तो अंजीर की मदद ले सकता है। अंजीर में फाइबर की मात्रा अधिक होती है और कैलोरी कम होती है। अंजीर का सेवन करने से भूख कम लगती है, जिससे आप अधिक भोजन करने से बच जाते हैं। अंजीर के सेवन से शरीर में मेटाबॉलिज्म का स्तर बेहतर होता है और शरीर में जमा अतिरिक्त वसा भी कम होती है। अंजीर में फिसिन नामक एंजाइम भी होता है, जो भोजन को सही प्रकार से पचाने में मदद करता है। जब भोजन सही से और समय पर पच जाता है, तो शरीर में अतिरिक्त वसा जमा नहीं होती और वजन बढ़ने की चिंता नहीं रहती।
वजन कम करने में अंजीर का फायदा तभी होगा, जब इसे संतुलित मात्रा में खाया जाए। इसे अधिक मात्रा में लेने से शरीर में कैलोरी और कार्ब्स का स्तर बढ़ सकता है, जो वजन बढ़ने का कारण बन सकता है।
4. कोलेस्ट्रॉल
अंजीर में पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जो रक्त से खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है । साथ ही अंजीर का फाइबर गुण पाचन तंत्र से भी अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को साफ कर सकता है। अंजीर में विटामिन-बी6 भी होता है, जो सिरोटोनिन का निर्माण करता है। सिरोटोनिन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित कर मूड को अच्छा कर सकता है। अंजीर में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड व फाइटोस्टेरोल जैसे गुण भी होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने का काम कर सकते हैं।
5. एनीमिया
शरीर में आयरन की कमी होने पर एनीमिया होता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी घातक साबित हो सकती है। सूखी अंजीर को आयरन का प्रमुख स्रोत माना गया है। इसके सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है।
मासिक धर्म के समय और गर्भावस्था के समय कई महिलाएं एनीमिया की शिकार हो जाती हैं। इससे उन्हें कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, अगर कोई बीमार है या फिर किसी तरह की सर्जरी हुई है, उस अवस्था में भी एनीमिया हो सकता है। इससे बचने के लिए अंजीर को अपनी डायट में शामिल करना चाहिए। अंजीर के सेवन से शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ सकती है और शरीर किसी भी तरह की बीमारी से लड़ने में सक्षम हो जाता है ।
6. डायबिटीज
अंजीर के फल के साथ उसके पत्ते भी सेहत के लिए अच्छे हैं। अंजीर के पत्तों में ऐसे कई गुणकारी तत्व मौजूद हैं, जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं। एक अध्ययन में इस बात की पुष्टि की गई है कि अगर भोजन में अंजीर के पत्तों को शामिल किया जाता है, तो ये डायबिटीज से लड़ने में मदद कर सकते हैं । इसलिए, अंजीर खाने के फायदे में डायबिटीज का इलाज भी शामिल हैं।
डायबिटीज से बचने या फिर उसके प्रभाव को कम करने के लिए अंजीर की चार-पांच पत्तियों को गर्म पानी में उबाल लें और उसे उबालकर पिएं। इसके अलावा, अंजीर के पत्तों को पहले सुखा लें और फिर उसे पीसकर पाउडर बना लें। इसके बाद पाउडर को एक लीटर पानी में डालकर उबाल लें। अब इस चाय का सेवन करें।
7. कैंसर
स्वास्थ्य के लिए अंजीर का महत्व क्या है, इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि यह कैंसर जैसी घातक बीमारी को भी दूर रखने में सक्षम है। अंजीर का फल पेट और ब्रेस्ट कैंसर को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है। अंजीर में फाइबर अधिक मात्रा में होता है, जो पेट में जमा गंदगी को मल के रास्ते बाहर निकाल देता है। साथ ही अंजीर में अनगिनत छोटे-छोटे बीज होते हैं, जिनमें अधिक मात्रा में म्यूसिन पाया जाता है। म्यूसिन पेट की गंदगी को एक जगह एकत्र करता है और फिर उसे बाहर निकाल देता है ।
एक अध्ययन में पाया गया है कि जो महिला किशोरावस्था से ही अधिक मात्रा में डाइटरी फाइबर का सेवन करती है, उसमें ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। अधिक मात्रा में फाइबर के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर की आशंका 16 प्रतिशत तक कम हो सकती है, जबकि रजोनिवृत्ति से पहले इसकी आशंका 24 प्रतिशत तक कम हो जाती है। अंजीर के रस और सूखी अंजीर में ऐसे तत्व होते हैं, जो रजोनिवृत्ति के बाद ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका को कम कर सकते हैं ।
8. हड्डियों के लिए
अंजीर को कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम का मुख्य स्रोत माना गया है। शरीर की हड्डियों को मजबूत करने के लिए ये सभी गुण जरूरी हैं। अंजीर के गुणकारी तत्व हड्डियों पर प्रभावी तरीके से काम करते हैं, जिससे उनके टूटने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। इसमें कोई दो राय नहीं कि हड्डियों के लिए कैल्शियम जरूरी है। यही कारण है कि हड्डियों की सेहत के लिए अंजीर खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि अंजीर में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
खाने में नमक का ज्यादा इस्तेमाल करने से यूरीन कैल्शियम की समस्या हो सकती है, जिससे निपटने में अंजीर में मौजूद पोटैशियम मदद कर सकता है। साथ ही यह हड्डियों को कमजोर होने से रोक सकता है। इस प्रकार अंजीर खाने के फायदे में हड्डियों की सेहत भी शामिल है।
9. अस्थमा
अंजीर अस्थमा से भी बचाने में भी सक्षम है। मेथी दाने के पाउडर को शहद और अंजीर के साथ लेने से अस्थमा काफी हद तक ठीक हो सकता है। अस्थमा के मरीज अंजीर का जूस भी पी सकते हैं। इससे उन्हें कुछ हद तक लाभ हो सकता है। अंजीर के सेवन से शरीर के अंदर म्यूकस झिल्लियों को नमी प्रदान होती है और कफ साफ होता है, जिससे अस्थमा के मरीज को कुछ राहत मिलती है। अंजीर में फाइटोकेमिकल यौगिक भी होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। अगर फ्री रेडिकल्स शरीर में बने रहें, तो अस्थमा को और गंभीर बना सकते हैं।
10. रक्तचाप
कई वैज्ञानिक शोध में इस बात की पुष्टि की गई है कि अगर नियमित रूप से अंजीर का सेवन किया जाए, तो रक्तचाप को संतुलित रखा जा सकता है। अंजीर में पाए जाने वाले फाइबर और पोटैशियम दोनों मिलकर उच्च रक्तचाप की आशंका को कम कर उसे संतुलित बनाए रख सकते हैं। इसके अलावा, अंजीर में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड भी पाया जाता है, जो शरीर में रक्तचाप को संतुलित बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
11. एंटीऑक्सीडेंट
गुणों की खान अंजीर को एंटीऑक्सीडेंट का प्रमुख स्रोत माना गया है। एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव के कारण ही अंजीर शरीर में फ्री रेडिकल्स को खत्म कर कई तरह की बीमारियों से बचाती है। अंजीर में फेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं ।
12. यौन शक्ति
13. गले में खराश
बदलते मौसम के साथ अक्सर गला खराब हो जाता है। इस दौरान गले में खराश या फिर दर्द होना आम बात है। अगर इस स्थिति में अंजीर का सेवन किया जाए, तो दर्द और खराश से कुछ राहत मिल सकती है। अंजीर में उच्च मात्रा में म्यूसिलेज होता है, जो गले में खराश से राहत दिला सकता है। अंजीर का फल खाने से गले को राहत मिल सकती है और इसका जूस पीने से गले का दर्द कुछ कम हो सकता है।
इसके अलावा, अंजीर के सेवन से टॉन्सिलस को भी प्राकृतिक रूप से ठीक किया जा सकता है। यह गले की सूजन को कम कर सकता है। अगर गर्म पानी से अंजीर का पेस्ट बनाकर गले पर लगाया जाए, तो भी दर्द से आराम मिल सकता है।
14. प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि
वैज्ञानिक शोध के अनुसार, अगर हमारी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी नहीं होगी, तो कई बीमारियां हमारे शरीर को घेर लेती हैं। वहीं, आयुर्वेद कहता है कि अगर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करना है, तो अंजीर का सेवन जरूर करें।
अंजीर में पोटैशियम व एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई जरूरी तत्व मौजूद होते हैं, जो प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर कर सकते हैं। इसलिए, प्रतिरोधक क्षमता को ठीक करने के लिए कोई दवा लेने से बेहतर होगा कि प्रतिदिन अंजीर के अर्क का सेवन किया जाए ।
15. ऊर्जा का स्रोत
दिनभर की भागदौड़ के लिए शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है। इस ऊर्जा को कायम रखने के लिए भोजन के साथ डायट में अंजीर को भी शामिल करना जरूरी है। अंजीर के सेवन से ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है। अंजीर में कार्बोहाइड्रेट और शुगर होती है, जो शरीर में ऊर्जा को कई गुना बढ़ा सकते हैं ।
त्वचा के संबंध में अंजीर के फायदे
1. झुर्रियों को रोके
चेहरे पर असमय पड़ने वाली झुर्रियां खूबसूरती पर दाग साबित होती हैं। इससे बचने के लिए अंजीर का प्रयोग किया जा सकता है। कई शोधों में पाया गया है कि अंजीर के रस में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी कोलेजनैस गुण होते हैं, जो झुर्रियों के असर को कम करने में सक्षम हैं ।
एक अन्य वैज्ञानिक अध्ययन में यह भी पाया गया है कि अंजीर के फल का रस स्किन मेलेनिन और सीबम (शरीर से निकलने वाला एक प्रकार का तेल) के स्तर को कम कर सकता है। साथ ही यह स्किन को हाइड्रेट रखता है। इसलिए, अंजीर को हाइपर पिगमेंटेशन, कील-मुंहासों और झुर्रियों के इलाज के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है ।
कैसे करें प्रयोग :
सबसे पहले दो अंजीर को कुछ देर के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद अंजीर को पीस लें और उसमें बादाम तेल की कुछ बूंदें डालकर अच्छी तरह मिक्स करके पेस्ट बना लें। फिर चेहरे को पानी से साफ कर यह पेस्ट लगा लें। जब पेस्ट सूख जाए, तो पानी से धो लें।
2. फोड़े व मस्सों के लिए
अंजीर को सीधा चेहरे पर भी लगा सकते हैं। इससे चेहरे पर अचानक निकल आने वाले फोड़े-फुंसियों और मस्सों को ठीक किया जा सकता है। एक शोध के अनुसार, अंजीर के पेड़ में लेटेक्स गुण होता है, जो प्रोटियोलिटिक गतिविधि की तरह काम करता है। हालांकि, वैज्ञानिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि इस लेटेक्स गुण के कारण ही अंजीर का फल मस्सों को ठीक कर सकता है ।
कैसे करें प्रयोग :
ताजा अंजीर को पीसकर पेस्ट बना लें और फिर इसे मस्से पर लगाकर करीब 30 मिनट के लिए छोड़े दें। इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
3. स्किन में आती है ताजगी
इसमें कोई दो राय नहीं कि अंजीर सेहत के साथ-साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। फिर चाहे इसे खाया जाए या फिर मास्क के तौर पर चेहरे पर लगाया जाए। इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा खिली-खिली और ताजगी से भरपूर नजर आती है। अंजीर के मास्क को तैयार करने की विधि नीचे बताई गई है।
कैसे करें प्रयोग :
एक बड़ी या दो छोटी-छोटी अंजीर लें। अब अंजीर को बीच में से काटें और अच्छी तरह पीसकर पेस्ट बना लें। फिर इसमें एक चम्मच शहद या योगर्ट मिक्स कर दें। अब इस मास्क को अपने चेहरे पर लगाकर पांच मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद पानी से चेहरा धो लें।
4. त्वचा को बनाए मुलायम
अंजीर में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में होता है। साथ ही एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो त्वचा को मुलायम बनाने में मदद करता है।
कैसे करें प्रयोग :
आप पांच अंजीर को पीसकर पेस्ट बना लें। अब इसमें एक चम्मच ओटमील का पाउडर, एक चम्मच दूध और आधा चम्मच अदरक का सूखा पाउडर डालकर मिक्स करके पेस्ट तैयार कर लें।
अब इस पेस्ट को हफ्ते में दो बार चेहरे पर लगाएं, ताकि आपकी त्वचा मुलायम और चमकदार हो जाए।
बालों के लिए अंजीर के फायदे
1. बालों का विकास
अक्सर पोषक तत्वों की कमी के कारण बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं। अंजीर में मैग्नीशियम और विटामिन-सी व ई जैसे गुण पाए जाते हैं, जो बालों के विकास के लिए जरूरी हैं। अंजीर के उपयोग से स्कैल्प में रक्त का प्रवाह तेज गति से होता है, जिस कारण बालों को बढ़ने में मदद मिलती है।
कैसे करें प्रयोग :
दो चम्मच दही में दो चम्मच बेसन मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसी पेस्ट में अंजीर के तेल की 10 बूंदें मिक्स कर लें। अब इस पेस्ट को अपने पूरे बालों पर लगाकर एक घंटे के लिए छोड़ दें। इसके बाद अच्छे शैंपू से बालों को धो लें। इससे बाल लंबे, घने और मजबूत होंगे।
2. बालों में चमक
बालों में मजबूती के साथ-साथ उनमें चमक लाने में भी अंजीर फायदेमंद हो सकती है। इन दिनों बाजार में ऐसे कई हेयर कंडीशनर हैं, जिनमें अंजीर का इस्तेमाल किया जा रहा है। अंजीर का रस स्कैल्प में नमी बरकरार रखने का काम करता है और वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के।
कैसे करें प्रयोग :
अपने कंडीशनर में अंजीर के तेल की पांच-सात बूंदें डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब शैंपू करने के बाद इसी कंडीशनर को बालों पर लगाकर पांच-सात मिनट के लिए छोड़ दें और फिर बालों को ठंडे पानी से धो लें।
अंजीर को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें :
अंजीर का उपयोग :
अंजीर के फल का सेवन करना स्वास्थ्य के लिहाज से सबसे बेहतर है। अंजीर को यहां बताए जा रहे विभिन्न तरीकों से खाया जा सकता है :
अंजीर के नुकसान :
यह तो सभी जानते हैं कि अंजीर की तासीर गर्म होती है। इसलिए, तय मात्रा से ज्यादा अंजीर खाने से नुकसान भी हो सकता है, जो इस प्रकार है :
1. सेहत के लिए अंजीर के फायदे :-
2. त्वचा के संबंध में अंजीर के फायदे :-
3. बालों के लिए अंजीर के फायदे :-
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अंजीर को अंग्रेजी में फिग कहा जाता है, जबकि इसका वैज्ञानिक नाम फिकस कैरिका है। वैज्ञानिक तौर पर माना जाता है कि यह शहतूत परिवार का सदस्य है। इसके फल का रंग हल्का पीला होता है, जबकि पकने के बाद गहरा सुनहरा या बैंगनी हो सकता है।
अंजीर के पेड़ की छाल चिकनी और सफेद रंग की होती है। इसका पेड़ मुख्य रूप से सूखे और धूप वाली जगह पर तेजी से उगता है और जड़ बेहद गहरी होती हैं। साथ ही यह पहाड़ी क्षेत्र में भी आसानी से पनप सकता है। इसके पेड़ की ऊंचाई 9-10 मीटर तक हो सकती है। ऐसा माना जाता है कि अंजीर के एक पेड़ की उम्र करीब 100 वर्ष होती है। हिमालय और शिवालिक एरिया में यह बहुतायत में पाए जाते हैं। ईरान, भारत और मध्य-पूर्व के देशों में रहने वाले इसका सेवन अधिक मात्रा में करते हैं।
इसे स्थानीय भाषाओं में विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे –
तेलुगु में अथी पल्लू, तमिल और मलयालम में अती पाजम, कन्नड़ में अंजुरा और बंगाली में दुमूर कहा जाता है। जहां इसका फल जून से सितंबर तक मिलता है, वहीं ड्राईफ्रूट के तौर पर यह सालभर बाजार में उपलब्ध रहता है। इसका टेस्ट सबसे अलग और अनोखा होता है। जहां इसका बाहरी हिस्सा बेहद मुलायम होता है, वहीं अंदर इसके बीज हल्के कुरकुरे होते हैं, जो इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देते हैं। साथ ही अंजीर के गुण कई प्रकार से लाभकारी हैं।
अंजीर के प्रकार
मुख्य रूप से अंजीर के पांच प्रकार माने गए हैं। हर प्रकार का अपना अलग स्वाद व मिठास है। अंजीर के विभिन्न प्रकार इस तरह हैं :
ब्लैक मिशन :
बाहर से इसका रंग काला या हल्का बैंगनी होता है, जबकि अंदर से गुलाबी होता है। यह अंजीर न सिर्फ खाने में मीठी होती है, बल्कि इसमें रस भी होता है। इसे केक या खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
कडोटा :
यह अंजीर हरे रंग की होती है और बैंगनी रंग का गूदा होता है। यह अंजीर के सभी किस्मों में सबसे कम मीठी होती है। इसे कच्चा खाया जा सकता है, लेकिन इसे गर्म करके और ऊपर हल्का नमक डालकर भी खाया जा सकता है।
कैलीमिरना :
यह बाहर से हरे-पीले रंग की होती है। इसका आकार अन्य किस्मों के मुकाबले सबसे बड़ा होता है और इसका स्वाद भी सबसे अलग होता है।
ब्राउन तुर्की :
इस अंजीर का बाहरी रंग बैंगनी और गूदा लाल होता है। इसका स्वाद हल्का और कम मीठा होता है। इसका प्रयोग सलाद का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है।
एड्रियाटिक :
इसकी बाहरी परत हल्की हरी और अंदर से गुलाबी होती है। इसका रंग हल्का होने के कारण इसे सफेद अंजीर भी कहा जाता है। यह सबसे मीठी होती है और इसे फल के तौर पर खाया जा सकता है।
अंजीर के पौष्टिक तत्व :
यह तो आप जान ही चुके हैं कि अंजीर में कई प्रकार के पौष्टिक तत्व शामिल हैं। इसमें आपको एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स जैसे कई गुणकारी तत्व मिलेंगे। इसके अलावा, अंजीर को प्राकृतिक शुगर और घुलनशील फाइबर का प्रमुख स्रोत माना गया है।
सेहत के लिए अंजीर के फायदे
1. पाचन तंत्र
अंजीर का सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर हो सकती है और पाचन तंत्र अच्छी तरह काम करने लगता है। पाचन तंत्र को बेहतर करने के लिए दो-तीन अंजीर को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें और अगली सुबह ऐसे ही या फिर शहद के साथ खाएं।
पाचन तंत्र को बेहतर करने और कब्ज को जड़ से मिटाने के लिए फाइबर की जरूरत होती है। अंजीर में पर्याप्त मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है। इसलिए, जब अंजीर का सेवन किया जाता है, तो इसका फाइबर गुण पेट को साफ करने में मदद कर सकता है। शरीर से मल आसानी से बाहर निकल जाता है। अंजीर में फाइबर होने के कारण इसके सेवन से दस्त भी ठीक हो सकते हैं । इस प्रकार पेट के लिए अंजीर फायदेमंद है।
2. ह्रदय के लिए
जब हमारे शरीर में ट्राइग्लिसराइड (एक प्रकार का वसा) की मात्रा बढ़ जाती है, तो ह्रदय संबंधी बीमारियां होने लगती हैं। इससे निपटने के लिए अंजीर का सेवन किया जा सकता है। अंजीर खाने से रक्त में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा कम हो सकती है और ह्रदय सही प्रकार से काम करने लगता है। इसलिए, स्वस्थ ह्रदय के लिए अंजीर के कई फायदे हैं।
इसके अलावा, शरीर में फ्री रेडिकल्स की उत्पत्ति होने पर कोरोनरी धमिनयां जाम हो जाती हैं और ह्रदय से जुड़ी बीमारियां जन्म लेने लगती हैं। ऐसे में अंजीर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स को खत्म कर ह्रदय की रक्षा कर सकता है । इसके अलावा, अंजीर में फेनोल्स, ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड गुण भी होते हैं, जो ह्रदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
3. कम वजन
अगर कोई वजन कम करने के बारे में सोच रहा है, तो अंजीर की मदद ले सकता है। अंजीर में फाइबर की मात्रा अधिक होती है और कैलोरी कम होती है। अंजीर का सेवन करने से भूख कम लगती है, जिससे आप अधिक भोजन करने से बच जाते हैं। अंजीर के सेवन से शरीर में मेटाबॉलिज्म का स्तर बेहतर होता है और शरीर में जमा अतिरिक्त वसा भी कम होती है। अंजीर में फिसिन नामक एंजाइम भी होता है, जो भोजन को सही प्रकार से पचाने में मदद करता है। जब भोजन सही से और समय पर पच जाता है, तो शरीर में अतिरिक्त वसा जमा नहीं होती और वजन बढ़ने की चिंता नहीं रहती।
वजन कम करने में अंजीर का फायदा तभी होगा, जब इसे संतुलित मात्रा में खाया जाए। इसे अधिक मात्रा में लेने से शरीर में कैलोरी और कार्ब्स का स्तर बढ़ सकता है, जो वजन बढ़ने का कारण बन सकता है।
4. कोलेस्ट्रॉल
अंजीर में पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जो रक्त से खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है । साथ ही अंजीर का फाइबर गुण पाचन तंत्र से भी अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को साफ कर सकता है। अंजीर में विटामिन-बी6 भी होता है, जो सिरोटोनिन का निर्माण करता है। सिरोटोनिन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित कर मूड को अच्छा कर सकता है। अंजीर में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड व फाइटोस्टेरोल जैसे गुण भी होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने का काम कर सकते हैं।
5. एनीमिया
शरीर में आयरन की कमी होने पर एनीमिया होता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी घातक साबित हो सकती है। सूखी अंजीर को आयरन का प्रमुख स्रोत माना गया है। इसके सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है।
मासिक धर्म के समय और गर्भावस्था के समय कई महिलाएं एनीमिया की शिकार हो जाती हैं। इससे उन्हें कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, अगर कोई बीमार है या फिर किसी तरह की सर्जरी हुई है, उस अवस्था में भी एनीमिया हो सकता है। इससे बचने के लिए अंजीर को अपनी डायट में शामिल करना चाहिए। अंजीर के सेवन से शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ सकती है और शरीर किसी भी तरह की बीमारी से लड़ने में सक्षम हो जाता है ।
6. डायबिटीज
अंजीर के फल के साथ उसके पत्ते भी सेहत के लिए अच्छे हैं। अंजीर के पत्तों में ऐसे कई गुणकारी तत्व मौजूद हैं, जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं। एक अध्ययन में इस बात की पुष्टि की गई है कि अगर भोजन में अंजीर के पत्तों को शामिल किया जाता है, तो ये डायबिटीज से लड़ने में मदद कर सकते हैं । इसलिए, अंजीर खाने के फायदे में डायबिटीज का इलाज भी शामिल हैं।
डायबिटीज से बचने या फिर उसके प्रभाव को कम करने के लिए अंजीर की चार-पांच पत्तियों को गर्म पानी में उबाल लें और उसे उबालकर पिएं। इसके अलावा, अंजीर के पत्तों को पहले सुखा लें और फिर उसे पीसकर पाउडर बना लें। इसके बाद पाउडर को एक लीटर पानी में डालकर उबाल लें। अब इस चाय का सेवन करें।
7. कैंसर
स्वास्थ्य के लिए अंजीर का महत्व क्या है, इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि यह कैंसर जैसी घातक बीमारी को भी दूर रखने में सक्षम है। अंजीर का फल पेट और ब्रेस्ट कैंसर को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है। अंजीर में फाइबर अधिक मात्रा में होता है, जो पेट में जमा गंदगी को मल के रास्ते बाहर निकाल देता है। साथ ही अंजीर में अनगिनत छोटे-छोटे बीज होते हैं, जिनमें अधिक मात्रा में म्यूसिन पाया जाता है। म्यूसिन पेट की गंदगी को एक जगह एकत्र करता है और फिर उसे बाहर निकाल देता है ।
एक अध्ययन में पाया गया है कि जो महिला किशोरावस्था से ही अधिक मात्रा में डाइटरी फाइबर का सेवन करती है, उसमें ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। अधिक मात्रा में फाइबर के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर की आशंका 16 प्रतिशत तक कम हो सकती है, जबकि रजोनिवृत्ति से पहले इसकी आशंका 24 प्रतिशत तक कम हो जाती है। अंजीर के रस और सूखी अंजीर में ऐसे तत्व होते हैं, जो रजोनिवृत्ति के बाद ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका को कम कर सकते हैं ।
8. हड्डियों के लिए
अंजीर को कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम का मुख्य स्रोत माना गया है। शरीर की हड्डियों को मजबूत करने के लिए ये सभी गुण जरूरी हैं। अंजीर के गुणकारी तत्व हड्डियों पर प्रभावी तरीके से काम करते हैं, जिससे उनके टूटने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। इसमें कोई दो राय नहीं कि हड्डियों के लिए कैल्शियम जरूरी है। यही कारण है कि हड्डियों की सेहत के लिए अंजीर खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि अंजीर में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
खाने में नमक का ज्यादा इस्तेमाल करने से यूरीन कैल्शियम की समस्या हो सकती है, जिससे निपटने में अंजीर में मौजूद पोटैशियम मदद कर सकता है। साथ ही यह हड्डियों को कमजोर होने से रोक सकता है। इस प्रकार अंजीर खाने के फायदे में हड्डियों की सेहत भी शामिल है।
9. अस्थमा
अंजीर अस्थमा से भी बचाने में भी सक्षम है। मेथी दाने के पाउडर को शहद और अंजीर के साथ लेने से अस्थमा काफी हद तक ठीक हो सकता है। अस्थमा के मरीज अंजीर का जूस भी पी सकते हैं। इससे उन्हें कुछ हद तक लाभ हो सकता है। अंजीर के सेवन से शरीर के अंदर म्यूकस झिल्लियों को नमी प्रदान होती है और कफ साफ होता है, जिससे अस्थमा के मरीज को कुछ राहत मिलती है। अंजीर में फाइटोकेमिकल यौगिक भी होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। अगर फ्री रेडिकल्स शरीर में बने रहें, तो अस्थमा को और गंभीर बना सकते हैं।
10. रक्तचाप
कई वैज्ञानिक शोध में इस बात की पुष्टि की गई है कि अगर नियमित रूप से अंजीर का सेवन किया जाए, तो रक्तचाप को संतुलित रखा जा सकता है। अंजीर में पाए जाने वाले फाइबर और पोटैशियम दोनों मिलकर उच्च रक्तचाप की आशंका को कम कर उसे संतुलित बनाए रख सकते हैं। इसके अलावा, अंजीर में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड भी पाया जाता है, जो शरीर में रक्तचाप को संतुलित बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
11. एंटीऑक्सीडेंट
गुणों की खान अंजीर को एंटीऑक्सीडेंट का प्रमुख स्रोत माना गया है। एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव के कारण ही अंजीर शरीर में फ्री रेडिकल्स को खत्म कर कई तरह की बीमारियों से बचाती है। अंजीर में फेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं ।
12. यौन शक्ति
- जहां अंजीर के सेवन से तमाम तरह की बीमारियां ठीक हो सकती हैं, वहीं यह प्रजनन क्षमता और यौन शक्ति को बढ़ा सकती है। लेख में ऊपर बताया गया है कि अंजीर कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और जिंक से समृद्ध फल है। साथ ही इसमें मैग्नीशियम और जरूरी मिनरल्स भी हैं, जिनकी मदद से यौन क्षमता को बढ़ाने वाले एंड्रोजन व एस्ट्रोजन हार्मोंस का निर्माण होता है।
- हालांकि, अभी तक वैज्ञानिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन कई व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर कहा जा सकता है कि बांझपन को दूर करने में अंजीर सक्षम है।
- जब अंजीर का सेवन किया जाता है, तो एमिना एसिड का निर्माण होता है, जिससे नाइट्रिक ऑक्साइड का निर्माण अधिक होने लगता है। इससे रक्त वाहिकाएं फैलने लगती हैं और यौन अंगों सहित शरीर के सभी हिस्सों में रक्त का प्रवाह तेज हो जाता है।
- विभिन्न अनुभवों के अनुसार अगर अंजीर को रातभर दूध में भिगोकर रखा जाए और अगली सुबह उसे खाया जाए, तो यौन क्षमता बढ़ सकती है।
13. गले में खराश
बदलते मौसम के साथ अक्सर गला खराब हो जाता है। इस दौरान गले में खराश या फिर दर्द होना आम बात है। अगर इस स्थिति में अंजीर का सेवन किया जाए, तो दर्द और खराश से कुछ राहत मिल सकती है। अंजीर में उच्च मात्रा में म्यूसिलेज होता है, जो गले में खराश से राहत दिला सकता है। अंजीर का फल खाने से गले को राहत मिल सकती है और इसका जूस पीने से गले का दर्द कुछ कम हो सकता है।
इसके अलावा, अंजीर के सेवन से टॉन्सिलस को भी प्राकृतिक रूप से ठीक किया जा सकता है। यह गले की सूजन को कम कर सकता है। अगर गर्म पानी से अंजीर का पेस्ट बनाकर गले पर लगाया जाए, तो भी दर्द से आराम मिल सकता है।
14. प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि
वैज्ञानिक शोध के अनुसार, अगर हमारी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी नहीं होगी, तो कई बीमारियां हमारे शरीर को घेर लेती हैं। वहीं, आयुर्वेद कहता है कि अगर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करना है, तो अंजीर का सेवन जरूर करें।
अंजीर में पोटैशियम व एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई जरूरी तत्व मौजूद होते हैं, जो प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर कर सकते हैं। इसलिए, प्रतिरोधक क्षमता को ठीक करने के लिए कोई दवा लेने से बेहतर होगा कि प्रतिदिन अंजीर के अर्क का सेवन किया जाए ।
15. ऊर्जा का स्रोत
दिनभर की भागदौड़ के लिए शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है। इस ऊर्जा को कायम रखने के लिए भोजन के साथ डायट में अंजीर को भी शामिल करना जरूरी है। अंजीर के सेवन से ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है। अंजीर में कार्बोहाइड्रेट और शुगर होती है, जो शरीर में ऊर्जा को कई गुना बढ़ा सकते हैं ।
त्वचा के संबंध में अंजीर के फायदे
1. झुर्रियों को रोके
चेहरे पर असमय पड़ने वाली झुर्रियां खूबसूरती पर दाग साबित होती हैं। इससे बचने के लिए अंजीर का प्रयोग किया जा सकता है। कई शोधों में पाया गया है कि अंजीर के रस में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी कोलेजनैस गुण होते हैं, जो झुर्रियों के असर को कम करने में सक्षम हैं ।
एक अन्य वैज्ञानिक अध्ययन में यह भी पाया गया है कि अंजीर के फल का रस स्किन मेलेनिन और सीबम (शरीर से निकलने वाला एक प्रकार का तेल) के स्तर को कम कर सकता है। साथ ही यह स्किन को हाइड्रेट रखता है। इसलिए, अंजीर को हाइपर पिगमेंटेशन, कील-मुंहासों और झुर्रियों के इलाज के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है ।
कैसे करें प्रयोग :
सबसे पहले दो अंजीर को कुछ देर के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद अंजीर को पीस लें और उसमें बादाम तेल की कुछ बूंदें डालकर अच्छी तरह मिक्स करके पेस्ट बना लें। फिर चेहरे को पानी से साफ कर यह पेस्ट लगा लें। जब पेस्ट सूख जाए, तो पानी से धो लें।
2. फोड़े व मस्सों के लिए
अंजीर को सीधा चेहरे पर भी लगा सकते हैं। इससे चेहरे पर अचानक निकल आने वाले फोड़े-फुंसियों और मस्सों को ठीक किया जा सकता है। एक शोध के अनुसार, अंजीर के पेड़ में लेटेक्स गुण होता है, जो प्रोटियोलिटिक गतिविधि की तरह काम करता है। हालांकि, वैज्ञानिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि इस लेटेक्स गुण के कारण ही अंजीर का फल मस्सों को ठीक कर सकता है ।
कैसे करें प्रयोग :
ताजा अंजीर को पीसकर पेस्ट बना लें और फिर इसे मस्से पर लगाकर करीब 30 मिनट के लिए छोड़े दें। इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
3. स्किन में आती है ताजगी
इसमें कोई दो राय नहीं कि अंजीर सेहत के साथ-साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। फिर चाहे इसे खाया जाए या फिर मास्क के तौर पर चेहरे पर लगाया जाए। इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा खिली-खिली और ताजगी से भरपूर नजर आती है। अंजीर के मास्क को तैयार करने की विधि नीचे बताई गई है।
कैसे करें प्रयोग :
एक बड़ी या दो छोटी-छोटी अंजीर लें। अब अंजीर को बीच में से काटें और अच्छी तरह पीसकर पेस्ट बना लें। फिर इसमें एक चम्मच शहद या योगर्ट मिक्स कर दें। अब इस मास्क को अपने चेहरे पर लगाकर पांच मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद पानी से चेहरा धो लें।
4. त्वचा को बनाए मुलायम
अंजीर में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में होता है। साथ ही एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो त्वचा को मुलायम बनाने में मदद करता है।
कैसे करें प्रयोग :
आप पांच अंजीर को पीसकर पेस्ट बना लें। अब इसमें एक चम्मच ओटमील का पाउडर, एक चम्मच दूध और आधा चम्मच अदरक का सूखा पाउडर डालकर मिक्स करके पेस्ट तैयार कर लें।
अब इस पेस्ट को हफ्ते में दो बार चेहरे पर लगाएं, ताकि आपकी त्वचा मुलायम और चमकदार हो जाए।
बालों के लिए अंजीर के फायदे
1. बालों का विकास
अक्सर पोषक तत्वों की कमी के कारण बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं। अंजीर में मैग्नीशियम और विटामिन-सी व ई जैसे गुण पाए जाते हैं, जो बालों के विकास के लिए जरूरी हैं। अंजीर के उपयोग से स्कैल्प में रक्त का प्रवाह तेज गति से होता है, जिस कारण बालों को बढ़ने में मदद मिलती है।
कैसे करें प्रयोग :
दो चम्मच दही में दो चम्मच बेसन मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसी पेस्ट में अंजीर के तेल की 10 बूंदें मिक्स कर लें। अब इस पेस्ट को अपने पूरे बालों पर लगाकर एक घंटे के लिए छोड़ दें। इसके बाद अच्छे शैंपू से बालों को धो लें। इससे बाल लंबे, घने और मजबूत होंगे।
2. बालों में चमक
बालों में मजबूती के साथ-साथ उनमें चमक लाने में भी अंजीर फायदेमंद हो सकती है। इन दिनों बाजार में ऐसे कई हेयर कंडीशनर हैं, जिनमें अंजीर का इस्तेमाल किया जा रहा है। अंजीर का रस स्कैल्प में नमी बरकरार रखने का काम करता है और वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के।
कैसे करें प्रयोग :
अपने कंडीशनर में अंजीर के तेल की पांच-सात बूंदें डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब शैंपू करने के बाद इसी कंडीशनर को बालों पर लगाकर पांच-सात मिनट के लिए छोड़ दें और फिर बालों को ठंडे पानी से धो लें।
अंजीर को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें :
- ताजे अंजीर की शैल्फ लाइफ (यानी एक्सपायरी डेट) ज्यादा नहीं होती। इसलिए, जब आप इन्हें बाजार से खरीदकर लाएं, तो तुरंत जिप वाले पाउच या प्लास्टिक बैग में अच्छी तरह ढककर फ्रिज में रख दें।
- थोड़े से पके हुए अंजीर के फल को कमरे के तापमान पर रखा जा सकता है।
- ध्यान रहे कि ये पूरी तरह पकने तक सूरज की किरणों के संपर्क में न आएं।
- एक बात का ध्यान रखें कि ताजे अंजीर के फल जल्दी खराब हो जाते हैं, इसलिए प्रयास करें कि इन्हें दो-तीन दिन में खत्म कर दें।
- सूखी अंजीर को लंबे समय तक स्टोर करके रखा जा सकता है। फिर चाहे आप इसे फ्रिज में रखें या फिर सूखी जगह पर रखें।
- अंजीर को तीन महीने से ज्यादा समय के लिए सीलबंद कंटेनर में संभाल कर रखा जा सकता है।
- अंजीर सीलबंद कैन में भी आती हैं, जिनकी शेल्फ लाइफ करीब 6 महीने की होती है, लेकिन एक बार कैन खुल जाने के बाद इन्हें एक हफ्ते में खत्म कर देना चाहिए।
अंजीर का उपयोग :
अंजीर के फल का सेवन करना स्वास्थ्य के लिहाज से सबसे बेहतर है। अंजीर को यहां बताए जा रहे विभिन्न तरीकों से खाया जा सकता है :
- अंजीर को खाने से पहले अच्छी तरह धो लेना जरूरी है। फिर आप इसे या तो ऐसे ही खाएं या फिर छिलका उतार कर खा सकते हैं।
- सूखी अंजीर की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसे धोकर रातभर पानी में भिगोकर रखें और अगली सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। जिस पानी में इसे भिगोया गया था, आप उस पानी को पी सकते हैं।
- सूखी अंजीर को अपने साथ कहीं भी ले जाना आसान है। इसलिए, अगर आप किसी यात्रा पर जा रहे हैं, तो अंजीर को अपने साथ ले जा सकते हैं। इसके सेवन से एक तो भूख नहीं लगती और दूसरा ऊर्जा बनी रहती है।
- आप इसे सैंडविच या फिर सलाद में डालकर भी खा सकते हैं। इससे सैंडविज और सलाद का स्वाद तो बढ़ेगा ही, साथ ही आपको जरूरी पोषक तत्व भी मिलेंगे।
- ताजे अंजीर के फल को आप केक या फिर आइसक्रीम के ऊपर सजाकर भी खा सकते हैं।
- आप अंजीर को अपने भोजन में मिलाकर भी खा सकते हैं। इसे मिक्स करने से भोजन का स्वाद बिल्कुल भी खराब नहीं होगा, बल्कि बढ़ जाएगा।
- ताजी के मुकाबले में सूखी अंजीर में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए, अगर आप घर में कोई मीठा व्यंजन बनाते हैं, तो चीनी की जगह इसका प्रयोग कर सकते हैं। इससे न सिर्फ मीठे व्यंजन का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि उसे खाने से जरूरी पोषक तत्व भी मिलेंगे।
- अंजीर का इस्तेमाल बेकिंग में किया जाता है। केक, पुडिंग व जैम आदि बनाते समय अंजीर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- मुसली बार और दलिया बनाते समय भी सूखी अंजीर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- आप सूखी अंजीर को सूप में भी डाल सकते हैं। साथ ही मीट बनाते समय उसका स्वाद बढ़ाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। विभिन्न जगहों पर शुगर की जगह अंजीर के पेस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अंजीर के नुकसान :
यह तो सभी जानते हैं कि अंजीर की तासीर गर्म होती है। इसलिए, तय मात्रा से ज्यादा अंजीर खाने से नुकसान भी हो सकता है, जो इस प्रकार है :
- प्रतिदिन दो-तीन सूखी अंजीर खाना पर्याप्त है। इसे रातभर पानी में भिगोकर अगली सुबह खाना चाहिए। अगर अंजीर को बिना भिगोए या जरूर से ज्यादा खाया जाता है, तो शरीर में गर्मी हो सकती है और नाक से खून आ सकता है।
- अंजीर में फाइबर ज्यादा होता है, इसलिए अधिक खाने से दस्त की समस्या हो सकती है।
- अधिक अंजीर खाने से आंतों व पेट में दर्द हो सकता है।
- अंजीर एक प्रकार से प्राकृतिक शुगर का काम करती है। अगर इसे ज्यादा खाया जाए, तो दांत सड़ सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों को भी इसे खाने से पहले एक बार डॉक्टर से पूछ लेना चाहिए।
- किसी-किसी को अंजीर खाने से एलर्जी भी हो सकती है, इसलिए यह खाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से पूछ लें।
- अधिक अंजीर खाने से वजन घटने की जगह बढ़ सकता है।





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