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जायफल है हर बीमारी में उपयोगी

जायफल
                     जायफल सामान्य परिचय


     

  अगर खाने की बात करें, तो भारतीय व्यंजन के स्वाद का मुकाबला शायद ही कोई कर सकता है। तरह-तरह के मसाले, जो न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होते हैं। उन्हीं मसालों में से एक है जायफल। लगभग हर रसोई में पाया जाने वाला यह मसाला न सिर्फ खाने के स्वाद को दोगुना करता है, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम जायफल के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी देंगे। हम न सिर्फ जायफल के फायदे, बल्कि जायफल का उपयोग करने का तरीका भी बताएंगे।

                     जायफल  एक सदाबहार वृक्ष है जो इण्डोनेशिया  के मोलुकास द्वीप का देशज है। इससे दो मसाले प्राप्त होते हैं - जायफल तथा जावित्री । यह चीन, ताइवान, मलेशिया, ग्रेनाडा, केरल, श्रीलंका, और दक्षिणी अमेरिका में खूब पैदा होता है।



                    मिरिस्टिका नामक वृक्ष से जायफल तथा जावित्री प्राप्त होती है। मिरिस्टका की अनेक जातियाँ हैं परंतु व्यापारिक जायफल अधिकांश मिरिस्टिका फ्रैग्रैंस से ही प्राप्त होता है। मिरिस्टिका प्रजाति की लगभग ८० जातियाँ हैं, जो भारत, आस्ट्रेलिया तथा प्रशंत महासागर के द्वीपों में उपलब्ध हैं। यह पृथग्लिंगी वृक्ष है। इसके पुष्प छोटे, गुच्छेदार तथा कक्षस्थ होते हैं।

                      बमिरिस्टिका वृक्ष के बीज को जायफल कहते हैं। यह बीज चारों ओर से बीजोपांग द्वारा ढँका रहता है। यही बीजोपांग व्यापारिक महत्व का पदार्थ जावित्री है। इस वृक्ष का फल छोटी नाशपाती के रूप का १ इंच से डेढ़ इंच तक लंबा, हल्के लाल या पीले रंग का गूदेदा होता है। परिपक्व होने पर फल दो खंडों में फट जाता है और भीतर सिंदूरी रंग का बीजोपांग या जावित्री दिखाई देने लगती है। जावित्री के भीतर गुठली होती है, जिसके काष्ठवत् खोल को तोड़ने पर भीतर जायफल प्राप्त होता है

जायफल क्या है ?



जायफल एक मसाला है, जो जायफल के पेड़ से मिलता है। जायफल के पेड़ से दो मसाले मिलते हैं जायफल और जावित्री। मिरिस्टिका के बीज को जायफल कहा जाता है। वहीं, यह बीज बीजोपांग  से ढका होता है, जिसे जावित्री कहते हैं। फिलहाल, इस लेख में हम मुख्य तौर पर जायफल के बारे में बता रहे हैं। आगे हम आपको स्वास्थ्य के लिए जायफल के फायदे बताएंगे।

जायफल के अन्य नाम

जायफल कई नामों से जाना जाता है :-

जैसे :-
संस्कृत में जातिफल,
तेलुगू में जाजिकाया ,
तमिल-में जाजिकई ,
कन्नड़ में जाईफल ,
मलयालम में जाजिकाई ,
फारसी में जौजबुया ,
अंग्रेजी में नटमेग ,
हिन्दी, मराठी, गुजराती, बंगला में इसे जायफल ही कहा जाता है.

जायफल की प्रकृति


  • जायफल गरम तासीर का होता है. यह स्वाद मे हल्की मिठास लिए होता है.
  • जायफल खनिज, प्रोटीन और स्टार्च आदि पदार्थों का अच्छा स्रोत है लेकिन इसका उचित मात्रा में ही सेवन करना चाहिये.
  • जायफल मिरिस्टिका वृक्ष  के फलों के बीज को कहते है. इस बीज की कवरिंग से जावित्री बनती है.


जायफल का रेसिपी में उपयोग :-

  • जायफल को रेसिपी में स्वाद और खुशबू के लिए उपयोग में लाया जाता है.
  • जायफल सब्जी, मसालों, मिठाइयों, पेय पदार्थों इत्यादि में उपयोग किया जाता है.


जायफल कहां से मिलेगा :-

  • जायफल या जायफल पाउडर किसी भी स्थानीय किराना स्टोर या किसी बड़े ग्रोसरी स्टोर से भी प्राप्त कर सकते हैं. आप इसे ऑनलाइन भी ख़रीद सकते हैं.


जायफल का रख रखाव :-


  • जायफल पाउडर को एयर टाइट कंटेनर में भरकर रखें, ताकि इसकी खुश्बू बनी रहे.
  • जायफल पाउडर में किसी भी प्रकार की नमी न जाने दें. नमी के संपर्क में आने पर यह खराब हो जाता है.
  • जब भी इसे उपयोग में लाएं तो साफ सफाई का ध्यान रखें.
  • जिस भी कंटेनर में इसे रखा गया हो उसे साफ सूखे हाथों से ही खोलें और इसे निकालने के लिए साफ सूखे चम्मच का ही उपयोग करें.


अचूक औषधि है जायफल, आयुर्वेद के अनुसार जानें जायफल के फायदे :-


 
जायफल खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है, लेकिन अपने औषधीय गुणों के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है। बिना देर करते हुए नीचे पढ़ें जायफल के फायदे।

                            जायफल एक ऐसी जड़ी है, जो कई समस्याओं में बेहद लाभदायक साबित हुई है। आयुर्वेद के अनुसार जायफल एंटी-ऑक्सिडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के कारण प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।

                         पाचन संबंधी विकारों में कारगर-गैस बनने या पेट फूलने जैसी समस्याओं के इलाज के लिए दो चम्मच जायफल पाउडर और एक-चौथाई चम्मच अदरक के पाउडर का मिश्रण बनाएं। भोजन करने से कुछ समय पहले इसका 1/8 चम्मच पाउडर हल्के गर्म पानी के साथ लें। 3-4 छोटी इलायची, सौंठ पाउडर और एक चुटकी जायफल डाल कर हर्बल चाय पीना फायदेमंद है।
                    दस्त के इलाज में एक चम्मच खसखस, दो बड़े चम्मच चीनी, आधा चम्मच इलायची और जायफल मिला कर पीस लें। हर दो घंटे में एक चम्मच तैयार पाउडर का सेवन करें। मितली और अपच की स्थिति में एक चम्मच शहद के साथ 3-4 बूंदें जायफल का तेल मिला कर सेवन करने से आराम मिलता है।

जायफल खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है, लेकिन अपने औषधीय गुणों के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है। बिना देर करते हुए नीचे पढ़ें जायफल के फायदे।

सेक्स में रुचि बढ़ाने के लिए जायफल :-



                   जायफल थकान और तनाव दूर करने के साथ- साथ सेक्स पावर बढ़ाने में भी मदद करता है। जिन पुरुषों का वीर्य पतला होता है या शुक्राणु कम मात्रा में बनते हैं, उनके लिए जायफल औषधि के तौर पर काम करता है।
                    एक्सपर्ट बताते हैं कि जायफल सेक्सुअल एक्टिविटी को सकारात्मक तौर पर बढ़ाता है। पुराने समय में सेक्स से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं का हल जायफल से ही निकाला जाता था और आज भी इसका इस्तेमाल पोराज जैसी दवाइयों को बनाने में किया जाता है जोकि सेक्स के प्रति रुचि को विकसित करता है। जायफल शारीरिक उत्तेजना को तेजी से बढ़ाता है।

अनिद्रा के लिए जायफल के फायदे :-

                         आजकल कई लोगों को अनिद्रा यानी रात को नींद न आने की समस्या होती है। पूरे दिन काम, घर और अन्य कई चीजों के कारण तनाव की परेशानी होने लगती है और उसका नतीजा अनिद्रा। ऐसे में जायफल का सेवन काफी लाभकारी हो सकता है। इसके असर से अनिद्रा की समस्या दूर हो सकती है । सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में चुटकी भर जायफल मिलाकर पीने से बेहतर नींद आ सकती है।

पाचन शक्ति के लिए जायफल के फायदे :-



                          इन दिनों कई लोग वक्त के अभाव में या घर से दूर होने के कारण सिर्फ बाहर का खाना खाते हैं। ऐसे में ज्यादा तेल-मसाले वाले खाने से पाचन से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं। इस स्थिति में जायफल का सेवन पेट की समस्याओं जैसे – डायरिया व एसिडिटी को ठीक करता है। इससे पाचन शक्ति यानी डाइजेशन की प्रक्रिया में भी सुधार होता है

दर्द कम करने के लिए जायफल के फायदे :-

                       जायफल का उपयोग दर्द व ऐंठन की समस्या के लिए भी किया जा सकता है। खासतौर पर जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द के लिए। जायफल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और औषधीय गुण दर्द से राहत दिला सकते हैं । सिर्फ जायफल ही नहीं, बल्कि जायफल का तेल भी आप मांसपेशियों या जोड़ों के दर्द के लिए उपयोग कर सकते हैं। यहां तक कि गठिये की समस्या को भी कम कर सकते हैं ।

गठिया के लिए जायफल के फायदे :-



                       बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। कई लोगों को गठिया की भी समस्या हो जाती है। हालांकि, कभी-कभी कम उम्र में भी गठिया हो सकता है। ऐसे में शुरुआत से ही इस पर ध्यान देना जरूरी है।
                      गठिया होने के कई कारण हैं और उन्हीं में से एक सूजन भी है। अगर जायफल का सेवन या उसका तेल लगाया जाए, तो गठिया के सूजन व दर्द से राहत मिल सकती है। जायफल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गठिया से राहत दिला सकता हैं


कैंसर से बचाव के लिए जायफल के फायदे :-

एक वक्त था जब कैंसर की बीमारी गिने-चुने लोगों में ही सुनने को मिलती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अभी के वक्त में कैंसर सर्दी-जुकाम की तरह आम बीमारी बन चुकी है। इससे बचाव के लिए जीवनशैली और खानपान का ठीक रहना बहुत जरूरी है।
                कई बार घरेलू उपाय भी कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। जायफल उन्हीं घरेलू उपचारों में से एक है। जायफल का एसेंशियल ऑयल एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य कर सकता है और कैंसर को रोक सकता है।
                        इसके अलावा, अध्ययन के अनुसार जायफल पेट के कैंसर से बचाव कर सकता है और इसका कारण इसमें मौजूद एंटी-माइक्रोबियल गतिविधि है । एक अन्य अध्ययन से पता चला है कि अपने दैनिक आहार में जायफल को शामिल करने से कैंसर के खिलाफ चिकित्सीय प्रभाव पड़ सकता है ।

डायबिटीज के लिए जायफल के फायदे:-



                         डायबिटीज की समस्या आजकल कई लोगों में देखी जा सकती है। सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि युवा और बच्चे भी इस बीमारी से जूझ रहे हैं। इस स्थिति में जरूरी है कि वक्त रहते इस पर ध्यान दें। इसके लिए आप जायफल का सेवन कर सकते हैं। जायफल को ट्राइटेरपेन का समृद्ध स्रोत माना गया है, जो एक यौगिक है । ट्राइटेरपेन में एंटी-डायबिटिक गुण मौजूद होते हैं । जायफल न सिर्फ मोटापे को कम कर सकता है, बल्कि टाइप-2 डायबिटीज को भी कम कर सकता है।

दांतों के लिए जायफल के फायदे :-

शरीर के अन्य अंगों के साथ-साथ दांतों का ध्यान रखना भी जरूरी है। ज्यादा मीठा या गलत खाद्य पदार्थ का सेवन करने से दांत खराब होने लगते हैं और उनमें कैविटी होने लगती है। ऐसे में जरूरी है अपने दांतों का ध्यान रखने की, इस स्थिति में जायफल काफी फायदेमंद हो सकता है। जायफल एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर है और यह मुंह के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी हो सकता है । जायफल युक्त टूथपेस्ट या पाउडर मुंह के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

आंखों के लिए जायफल के फायदे :-

आजकल कई लोगों को आंखों से संबंधित समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में सही वक्त पर ध्यान देना और अपनी आंखों का ख्याल रखना जरूरी है। जायफल का सेवन लाभकारी हो सकता है। यह प्रोस्टाग्लैंडीन नामक हार्मोन के उत्पादन में रोक लगाकर, आंखों की समस्या को कम कर सकता है। इसके सेवन के बाद भी अगर आपकी आंख में तकलीफ हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें ।

दिमाग के लिए जायफल के फायदे :-



आजकल लगभग हर किसी को कोई न कोई तनाव है। यहां तक कि बच्चे भी इससे अछूते नहीं है। कुछ व्यक्तियों में तो दौरे तक पड़ने के लक्षण होते हैं। ऐसे में जायफल का सेवन या जायफल का तेल काफी लाभकारी हो सकता है। जायफल में एंटीकॉन्वलसेंट  गुण होते हैं, जो दौरे पड़ने से बचाव कर सकता है । यह तनाव को कम कर दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन को सुधारता है और एकाग्रता को बेहतर कर सकता है । इसमें ऐसे यौगिक होते हैं, जो मूड को अच्छा करने में मदद करते हैं ।


रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए जायफल के फायदे :-


  • किसी भी व्यक्ति के लिए उसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता का सही होना बहुत जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो व्यक्ति जल्द बीमार पड़ सकता है। 
  • कई लोग मौसम में थोड़ा-सा बदलाव आते ही बीमार या सर्दी-जुकाम के शिकार हो जाते हैं, क्योंकि उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। 
  • ऐसे में जायफल का सेवन इम्यून पावर बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। इसमें विटामिन-ए, सी व ई जैसे पौष्टिक तत्व हैं, जो इम्युनिटी को बढ़ाते हैं ।


कोलेस्ट्रॉल के लिए जायफल के फायदे :-


  • जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है, तो कई समस्याएं शुरू हो जाती है। 
  • हार्ट अटैक, किडनी की समस्या, आंखों की रोशनी कम होना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। 
  • अगर जायफल का सेवन किया जाए, तो कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो सकता है। इसमें मौजूद एथेनॉलिक एक्सट्रैक्ट से कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो सकता है । हा
  •  अभी तक इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है, लेकिन अगर इसका सही मात्रा में सेवन किया जाए, तो काफी हद तक फायदा हो सकता है। ध्यान रहे कि इस बारे में आप एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।


वजन कम करने के लिए जायफल के फायदे :-


  • इन दिनों मोटापा लगभग हर दूसरे व्यक्ति की परेशानी है। लगातार बाहर का खाना, तैलीय खाद्य पदार्थ, सही वक्त पर न खाना और व्यायाम न करना इसके कारण हैं। 
  • ऐसे में शारीरिक गतिविधि और खाने-पीने का ध्यान रखना जरूरी है, साथ ही आपकी रसोई में कुछ ऐसे मसाले भी हैं, जो वजन कम करने में मदद कर सकते हैं। 
  • जायफल उन्हीं मसालों में से एक है। इसके सेवन से काफी हद तक वजन कम हो सकता है। 
  • जायफल और इसके सक्रिय घटक शरीर में न सिर्फ उन एजेंट का विकास करते हैं, जो मोटापे को कम कर सकते हैं, बल्कि टाइप-2 डायबिटीज के लिए भी लाभकारी हो सकते हैं। 
  • इतना ही नहीं यह चयापचय संबंधी विकारों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है ।


चिंता दूर करने के लिए जायफल का सेवन :-


  • दिन-प्रतिदिन लोगों में तनाव या चिंता की समस्या बढ़ती जा रही है। अगर सही वक्त पर इसका उपचार नहीं किया गया, तो आगे चलकर यह मानसिक रोग का कारण बन सकता है। इसके लिए आप जायफल का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि यह एंटी डिप्रेसेंट  की तरह काम करता है। इस कारण आपको चिंता या तनाव की समस्या से राहत मिल सकती है ।


मूत्र संबंधी समस्या :-



  • कुछ लोग मूत्र को न रोक पाने की समस्या से पीड़ित होते हैं। यहां तक कि उनके न चाहते हुए भी मूत्र का रिसाव हो जाता है। 
  • इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे – उम्र का बढ़ना, गर्भावस्था या कोई बीमारी, ऐसे में इस पर ध्यान देना जरूरी है। 
  • इस बारे में आपका डॉक्टर से बात करना जरूरी है, साथ ही कुछ घरेलू नुस्खे भी आजमाएं। ऐसे में जायफल का सेवन अच्छा विकल्प हो सकता है । आ
  • इसका सेवन पानी के साथ कर सकते हैं या फिर खाने में मसाले के तौर पर उपयोग कर सकते हैं।


कील-मुंहासों के लिए जायफल :-



  • त्वचा पर धूल-मिट्टी, प्रदूषण और कई अन्य कारणों से मुंहासे निकलना आम बात है। अगर ये मुंहासे ज्यादा हो रहे हों और इन पर ध्यान न दिया जाए, तो ये दाग भी छोड़ देते हैं। 
  • ऐसे में कई बार क्रीम व लोशन भी काम नहीं करती। इस स्थिति में घरेलू उपाय फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
  •  घरेलू उपचार के तौर पर जायफल अच्छा विकल्प है। आप जायफल पाउडर से बना स्क्रब या फेसपैक लगा सकते हैं । जायफल में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो कील-मुंहासों को कम करने में मदद कर सकते हैं । 
  • साथ ही इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो मुंहासों की लालिमा और सूजन को कम कर सकता है।


कील-मुहांसों के लिए जायफल का फेस पैक

सामग्री : -

जायफल पाउडर
शहद

बनाने और लगाने की विधि :-


  • आप आवश्यकतानुसार जायफल पाउडर को शहद में मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें।
  • अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं।
  • फिर सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें।


एक्जिमा के लिए जायफल :-


  • कई बार आपकी त्वचा पर संक्रमण हो जाते हैं और एक्जिमा उन्हीं संक्रमणों में से एक है।
  •  यह त्वचा पर जहां होता है, वहां की त्वचा रूखी व लाल हो जाती है और बार-बार खुजली की समस्या होती है।
  •  इसमें खाने-पीने का भी खास ध्यान दिया जाता है, क्योंकि कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे भी होते हैं जिससे यह बढ़ सकता है। एक्जिमा के लिए डॉक्टर की सलाह तो आप ले ही सकते हैं साथ ही जायफल का भी उपयोग कर सकते हैं ।


रिंकल्स के लिए जायफल :-


  • उम्र बढ़ती है, तो रिंकल्स यानी झुर्रियां होना सामान्य है, लेकिन कई बार कम उम्र में भी रिंकल की समस्या हो सकती है। 
  • इसके लिए कई बार लोग तरह-तरह की क्रीम और लोशन का भी उपयोग करते हैं, लेकिन उनका असर ज्यादा दिनों तक नहीं रहता है। 
  • इस स्थिति में आप जायफल का पैक लगा सकते हैं। जायफल में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं, जो न सिर्फ रिंकल्स को कम कर सकते हैं, बल्कि दाग-धब्बों को भी कम कर सकते हैं ।


जायफल से जुड़े घरेलू नुस्खे :-




  • बेदाग चेहरा पाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको चाहिए 1 चम्‍मच जायफल पाउडर, 1 चम्मच दही और 1 चम्मच शहद। एक साफ कटोरी में जायफल पाउडर निकालें और उसमें दही व शहद मिला लें। इस मास्‍क को चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। 20 मिनट के बाद पानी से चेहरा धो लें।
  • एक गिलास दूध के साथ एक चुटकी जायफल पाउडर लेने से सर्दी का असर शरीर को प्रभावित नहीं करता है। जिन लोगों को ठंड ज्यादा लगती है, उन्हें ये नुस्खा ज़रूर आजमाना चाहिए।
  • जायफल का तेल मांसपेशियों के दर्द, जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस में होने वाली पीड़ा से राहत दिलाता है।
  • मुंह के छाले ठीक न हो रहे हों तो जायफल को पानी में पकाकर उस पानी से कुल्ला या फिर गरारा करें। इससे कुछ ही समय में मुंह के छाले ठीक हो जायेंगे।
  • डिलीवरी के बाद अगर किसी महिला को लगातार कमर में दर्द की शिकायत बनी हुई है तो घिसे हुए जायफल को पानी में मिलाकर कमर पर सुबह और शाम लगाने से आराम मिलता है।
  • अगर 9 महीने के बच्चे को दस्त लग जायें तो जायफल उसके लिए रामबाण इलाज है। जायफल को एक चिकने पत्थर की सहायता से 20- 25 बार घिस कर पेस्ट तैयार कर लें। फिर मां के दूध के जरिये या एक चम्मच पानी में मिलाकर शिशु को पिला दें, तुरंत आराम मिलेगा।

  • बच्चों को अक्सर खांसी और जुकाम की शिकायत बनी रहती है। इसके लिए जायफल के पाउडर और सोंठ को बराबर मात्रा में गाय के घी में मिलाकर बच्चे को सुबह और शाम चटायें, तुरंत आराम मिलेगा।
  • अगर दांत में कीड़ा लगा हो और दर्द भी असहनीय हो तो जायफल के तेल को थोड़ी रुई में लेकर कीड़े लगे दांतों के नीचे 2 से 3 घंटे रख दें।  इससे दर्द तो कम होगा ही, कीड़ा भी मर जायेगा।
  • अगर आप फटी एड़ियों से परेशान हैं तो जायफल को पीसकर एड़ियों की फटी हुई दरारों में भर दें। कुछ ही दिनों में आपको इसका असर अपनी एड़ियो पर दिखने लगेगा।
  • कंसीव यानि कि गर्भधारण करने के बारे में सोच रही हैं तो जायफल और मिश्री को 50- 50 ग्राम की बराबर मात्रा में लेकर चूरन बना लें। फिर पीरियड आने के बाद 6 ग्राम की मात्रा में इसका सेवन करें। उसके बाद संबंध बनाएं, इससे गर्भधारण की संभावना ज्यादा बढ़ जाएगी।
  • रात में नींद नहीं आती तो एक चुटकी जायफल के पाउडर में थोड़ा शहद मिलाकर सोने से 20 मिनट पहले लें, अच्छी और भरपूर नींद आएगी।
  • गैस या फिर कब्ज की शिकायत रहती है तो जायफल और नींबू के रस का पेस्ट बना लें। सुबह और शाम खाने के बाद इस पेस्ट का दो चम्मच सेवन करें, देखिए कैसे ये तकलीफ दूर होती है।
  • अगर चोट लगने पर कोई गहरा घाव हो गया है, जिसे भरने में समय लग रहा है तो जायफल के तेल को घाव पर मरहम की तरह लगाएं, घाव जल्दी भरने लगेगा।



जायफल के पौष्टिक तत्व :-



यहां हम आपको जायफल में मौजूद पौष्टिक तत्वों की लिस्ट दे रहे हैं।

जयफल का पोषण मूल्य

पोषक तत्व      मात्रा प्रति           % दैनिक
                      सर्विंग (100            मूल्य
                              ग्रा.)
टोटल फैट          6.2 ग्रा.            9.53%
ट्रांस फैट               0 ग्रा.                 0%
सेचुरेटेड फैट         0 ग्रा.               निल
कोलेस्ट्रॉल            0 ग्रा.                  0%
सोडियम             14.0 ग्रा.         0.58%
कुल कार्बोहाइड्रेट   31.6 ग्रा.      10.50%
फाइबर               30.2 ग्रा.    120.80%
चीनी                      0 ग्रा.              निल
प्रोटीन                15.9g            31.80%
विटामिन ए           निल                6.90%
विटामिन सी निल    निल                    83%
आयरन निल          निल                  16%
कैल्शियम निल        निल                12%

जायफल का उपयोग  :-


  • अब जब आपको जायफल के फायदे और उसके पौष्टिक तत्वों की जानकारी मिल ही चुकी है, तो अब वक्त है जायफल को उपयोग करने की विधि जानने का। जायफल के लाभ तब और ज्यादा होंगे, जब उसका उपयोग सही तरीके से किया जाएगा।

  • अगर आपको मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द की समस्या है, तो आप जायफल का तेल लगा सकते हैं।
  • आप खाने में मसाले के तौर पर जायफल का उपयोग कर सकते हैं।
  • अगर आपको सर्दी-जुकाम की परेशानी है या ठंड ज्यादा लगती है, तो आप जायफल का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि जायफल की तासीर गर्म होती है। आप चुटकीभर जायफल का पाउडर दूध में मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
  • अगर आपको अनिद्रा की समस्या है, तो रात को सोने से कुछ देर पहले चुटकीभर जायफल पाउडर को शहद के साथ खाएं।
  • मुंहासे या दाग-धब्बे की समस्या है, तो जायफल पाउडर और शहद को मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और इसे चेहरे पर लगाएं। फिर कुछ देर सूखने दें और बाद में साफ पानी से धो लें।
  • इसके अलावा, आप मुंह में छाले, बच्चों को सर्दी-जुकाम, फटी एड़ियां और ऐसे ही कई अन्य परेशानियों में भी जायफल का उपयोग कर सकते हैं।
  • नोट: आपको जायफल की कितनी मात्रा में लेनी है, उसके लिए किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लें। हर व्यक्ति का शरीर और उसकी जरूरत अलग-अलग होती है, इसलिए उसी हिसाब से इसका सेवन करें। अगर आपको या आपके शिशु को जल्दी किसी चीज के सेवन से एलर्जी हो जाती है या पहली बार जायफल का सेवन कर रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर से जरूर पूछ लें।


जयफल को कैसे लें :-




  • सोने जाने से पहले एक गिलास दूध में जयफल का पाउडर मिलाएं|
  • सब्जियों को पकाते समय आप इस मसाले को उनमे मिला सकते हैं|
  • अपने मसालों को ट्विस्ट देने के लिए आप इसे अन्य मसालों में शामिल कर सकते हैं|
  • अपने बोवेल मूवमेंट को नियमित करने के लिए सुबह गर्म पानी के साथ जयफल लें|


जायफल के फायदे- कितनी मात्रा में जायफल का सेवन कर सकते हैं?


  • जायफल का सेवन करने इंसान की उम्र, सेहत और बाकी चीजों पर निर्भर करता है। लेकिन अभी तक ऐसा कोई अध्ययन नहीं किया गया है कि कितनी मात्रा में जायफल का सेवन करना सही रहेगा। 
  • लेकिन आपको इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि प्राकृतिक मसालों को सही मात्रा में खाने से ही इनसे फायदा मिलता है। सही मात्रा में जायफल का सेवन करते रहे और इससे होने वाले फायदों का लाभ उठाते रहें।


आखिर में :-

अब आपको पता चल गया है कि जायफल के कितने सारे फायदे हैं। यह बात तो सभी को पता है कि हर चीज के फायदे और नुकसान होते हैं। यह हम पर निर्भर करता है कि जायफल का सेवन कैसे करते हैं जिससे सिर्फ फायदे मिलें। जायफल के फायदों के बारे जानने के साथ- साथ इस आर्टिकल से आपको इसके नुकसान, कैसे खरीदें, कैसे स्टोर करें और कितनी मात्रा में सेवन करे की जानकारी मिल गई है। तो अब आप किस बात का इंतजार कर रहे हैं, जायफल को सही मात्रा में अपनी डाइट में अभी शामिल करें।

जायफल के नुकसान :-

हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। ठीक उसी तरह जायफल के अगर फायदे हैं, तो कुछ नुकसान भी हैं।


  • जायफल की तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्मियों में इसके सेवन से बचें।
  • जायफल का सेवन जरूरत से ज्यादा किया जाए, तो चक्कर आने की समस्या, घबराहट, पेट खराब, उल्टी व मतली जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
  • गर्भवती महिला को जायफल का सेवन डॉक्टर से परामर्श करने के बाद करना चाहिए, क्योंकि यह गर्म होता है और पेट में पल रहे शिशु को नुकसान भी हो सकता है।
  • लोगों का कहना है कि कई बार जायफल का सेवन अधिक मात्रा में करने से ठीक वैसा ही असर होता है, जैसा किसी नशीले पदार्थ के सेवन से होता है।
  • इससे ड्राई माउथ की समस्या भी हो सकती है।
  • जायफल के नुकसान जानने के बाद आपको घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि किसी भी चीज का सेवन संतुलित मात्रा में करना ही ठीक होता है। जायफल के फायदे अनेक हैं, जिनमें से कुछ आपने ऊपर पढ़ें हैं। अगर अभी तक आपने जायफल का उपयोग शुरू नहीं किया है, तो अब भी देर नहीं हुई है जायफल के लाभ उठाने के लिए इसे अपने रोजमर्रा के जीवन में शामिल करें और अपना अनुभव हमारे साथ नीचे कमेंट में शेयर करें।


अगर आप जायफल के फायदे के बारे में कुछ और भी जानते हैं, तो आप वो भी कमेंट बॉक्स में शेयर कर सकते हैं।




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घुटनों के ऑपरेशन के बाद,60 की उम्र में भी कर दिया कमाल , video देखने के लिए क्लिक करे