जीरा
जीरा क्या है ?
क्या आप जानते हैं ?
जीरा ऍपियेशी परिवार का एक पुष्पीय पौधा है। यह पूर्वी भूमध्य सागर से लेकर भारत तक की जगह में पैदा होता है । इसके प्रत्येक फल में स्थित एक बीज वाले बीजों को सुखाकर बहुत से खानपान व्यंजनों में साबुत या पिसा हुआ मसाले के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह दिखने में सौंफ की तरह होता है। जीरे में कई तरह के गुण छुपे हुए हैं जिनसे आपकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं। जीरा काला, सफेद और मटमैले रंग में उपलब्ध होता है। जीरे के स्वास्थ्य संबंधी इसके अनोखे गुण खाने का अहम हिस्सा बनाते हैं .पुराने समय में यह रोमन, ग्रीक और मिस्र संस्कृति का भी खास हिस्सा था।
इतना खास कि यह करंसी के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। जीरा शरीर के सभी अंगों के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है और इसके उपयोग से विभिन्न प्रकार के लाभ होते हैं। इसको अंगेरजी में Cuminum cyminum कहते हैं .इतिहास बताता है कि ईरान जीरे का सबसे बड़ा निर्यातक था मगर अब भारत, श्रीलंका, सिरिया, पाकिस्तान और टर्की प्रमुख स्रोत हैं। गुजरात का एक प्रांत उनझा जीरा का सबसे प्रसिद्ध बड़ा बाजार है। जीरा गरम जलवायु में पैदा होता है यहाँ तक कि सूखा भी सह सकता है। वसंत में बीज से अंकुर फूटता है और गर्मी के तीन-चार महीनें लग जाते हैं दो फीट लंबा पौधा बनने में और इसे हाथों से निकाला जाता है।
सेहत के लिए जीरा के फायदे –
शुरुआत करते हैं सेहत के लिए जीरा के फायदे से। इस छोटे-से मसाले के कई स्वास्थ्य लाभ हैं।
जीरा कितने प्रकार का होता है –
जीरा के पोषक तत्व –
सेहत के लिए जीरा के फायदे –
शुरुआत करते हैं सेहत के लिए जीरा के फायदे से। इस छोटे-से मसाले के कई स्वास्थ्य लाभ हैं।
अजवाइन हल्दी के साथ जीरे के पानी के फायदे –
जीरे को हल्दी ,अजवाइन ,के साथ सुबह इसकी चाय बना कर पीने से खाली पेट ,बहुत ही फायदा है .सारा दिन आप एक्टिव रहते हैं .कुछ लोग रात में जीरा भिगो कर फिर अगले दिन सुबह इस पानी को उबाल कर छान कर और हल्का गुनगुना करके खाली पेट पीते हैं
यह जीरे का पानी पेट में एसिड के असर को कम करता है, जीरे के पानी से रक्त संचार बना रहता है और मांसपेशियों के दर्द, मसल की एंठन से भी आराम आता है।जीरा का पानी आपके चेहरे के निखार को भी बनाये रखता है ,जब पेट साफ़ रहेगा तो चेहरा अपने आप ही चमकेगा जीरे के उबले पानी को फेसपेक की तरह लगाने से भी ग्लो आ जाता है .
इन बीमारियों का इलाज है जीरे और गुड़ का पानी –
जीरा खाने के लाभ कैंसर से बचाये
वजन घटाने के लिए जीरा पानी –
पाचन शक्ति के लिए
आजकल लोगों की जैसी जीवनशैली और खान-पान है, ऐसे में पेट का ठीक रहना मुश्किल है। सही वक्त पर खाना न खाने और खाने के बाद न टहलने के कारण गैस व अपच जैसी समस्या हो जाती हैं। नतीजतन, पाचन शक्ति का कमजोर होना। ऐसे में अगर आप अपने आहार में जीरा को शामिल करें, तो पाचन शक्ति में काफी हद तक सुधार हो सकता है । इसलिए, आप एसिडिटी, गैस या अपच होने पर जीरे के पानी का सेवन कर सकते हैं।
आयरन
यह तो लगभग हर कोई जानता है कि आयरन हमारे शरीर के लिए जरूरी है। आयरन की कमी से कई तरह की शारीरिक समस्याएं जैसे – एनीमिया यानी खून की कमी व कमजोरी हो सकती है। ऐसे में अगर जीरा का सेवन किया जाए, तो यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। जीरा आयरन से भरपूर होता है । इसके सेवन से आयरन की कमी दूर होगी और खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा में सुधार होगा।
बुखार या सर्दी-जुकाम के लिए
हल्की-फुल्की सर्दी-जुकाम या बुखार होना आम बात है। ऐसे में जरूरी नहीं कि आप तुरंत दवा लें, उसकी जगह आप घरेलू उपाय आजमाएं। कई बार सर्दी-जुकाम होने पर बार-बार छींक आने या नाक में असहज महसूस होने की शिकायत होती है। इस स्थिति में आप मुट्ठीभर जीरे को भूनकर कपड़े में बांध लें और थोड़ी-थोड़ी देर बाद उसे सूंघते रहें। इसके अलावा, अगर आपको ठंड या बुखार है, तो जीरे के पानी को गुड़ के साथ पी सकते हैं। जीरे की तासीर गर्म होती है, ऐसे में इसके सेवन से आप बुखार से भी बच सकते हैं ।
रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए
प्रत्येक व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना जरूरी है। इसके लिए आप भोजन में जीरे को शामिल कर सकते हैं। इसमें इम्यूनोमॉडलट्री गुण होते हैं, जिस कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है ।
एनीमिया के लिए
सही और स्वस्थ आहार न लेना, आयरन की कमी होना व कई अन्य कारणों से आजकल कई लोग एनीमिया से जूझ रहे हैं। इसकी वजह से शरीर कमजोर होने लगता है, चक्कर आने लगते हैं और देखते ही देखते शरीर कई अन्य समस्याओं से घिर जाता है। अगर वक्त रहते एनीमिया पर ध्यान न दिया जाए, तो परेशानी और बढ़ भी सकती है। अगर इस समस्या में आप जीरे का सेवन करेंगे, तो एनीमिया से बचा जा सकता है, क्योंकि जीरे में प्रचुर मात्रा में आयरन होता है। इसलिए, अपने आहार में जीरा शामिल करें।
गठिया के लिए जीरा के फायदे
बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों और जोड़ों में दर्द होना आम बात है। कई बार यही दर्द आगे चलकर गठिया का रूप ले लेता है, लेकिन अगर आप खाने में कुछ मसालों को नियमित रूप से शामिल करेंगे, तो यह खतरा कम हो सकता है। जीरा उन्हीं में से एक है। जीरे में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो सूजन से बचाव कर सकता है और गठिया को होने से रोक सकता है । आप जीरे का पानी पिएं, खाने में जीरा शामिल करें या फिर जीरे का तेल लगाएं, यह हर लिहाज से फायदेमंद है ।
पेट दर्द कभी भी और किसी भी कारण से हो सकता है। अगर आपको भी पेट दर्द या पेट से जुड़ी समस्या है और आप इस कारण दर्द निवारक दवाइयां खाने के आदी हैं, तो आप अपनी डाइट में जीरा शामिल करें। जीरा पेट दर्द, डायरिया, पेट के कैंसर व पेट से जुड़ी अन्य परेशानियों से बचाव कर सकता है । यहां तक कि यह इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (पेट की समस्या) से भी राहत दिलाता है । आप जीरे को खाने में मसाले के तौर पर या फिर जीरे का पानी भी पी सकते हैं। अगर पेट की समस्या ज्यादा बढ़े, तो अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।
मधुमेह
मधुमेह से निपटने के लिए आप सही आहार के साथ-साथ जीरा को भी डाइट में शामिल करें। जिन्हें डायबिटीज नहीं है, जीरे के सेवन से उनमें इसका खतरा कम हो सकता है। वहीं, जिन्हें मधुमेह है, उनका शुगर स्तर संतुलित रहेगा। जीरा ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद करता है और शरीर में उचित ब्लड कंटेंट के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि यह मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए वरदान है ।
मासिक धर्म के समय मूड स्विंग्स, पेट में ऐंठन, मतली, पेट में दर्द जैसी समस्याएं लगभग हर महिला को होती हैं। वहीं, कुछ महिलाओं को अनियमित महावारी से जूझना पड़ता है। इस अवस्था में कुछ महिलाएं दवाइयां खाती हैं, जो सही नहीं है। आगे चलकर इसके दुष्परिणाम हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में पौष्टिक आहार लेने के साथ-साथ जीरे का सेवन कर सकते हैं। इसमें दर्द निवारक और ऐंठन को कम करने के गुण हैं, जिस कारण यह पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से राहत दिला सकता है ।
जीरे के लाभ करें ब्लोटिंग का प्रभावी उपचार
जीरा के फायदे सेहत के साथ-साथ त्वचा के लिए भी हैं।
चमकती त्वचा के लिए
ज्यादा मेकअप से चेहरे की चमक खत्म होने लगती है। परिणामस्वरूप, बेजान त्वचा, वक्त से पहले झुर्रियां व दाग-धब्बे परेशान करने लगते हैं। ऐसे में जीरे को घरेलू उपचार के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। जीरा विटामिन-ई से भरपूर होता है, जो निखरी व खूबसूरत त्वचा के लिए जरूरी है। इसलिए, आप जीरे को अपने आहार में शामिल कर त्वचा पर निखार ला सकते हैं। जीरे का पानी पीने से भी त्वचा को फायदा हो सकता है । इसके अलावा, आप जीरे का पेस्ट भी लगा सकते हैं, नीचे हम उसकी विधि आपको बता रहे हैं।
सामग्री :
अगर जीरे का पेस्ट लगाना आपको पसंद नहीं, तो नीचे दी गई एक अन्य विधि का उपयोग कर सकते हैं।
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त्वचा संबंधी परेशानियों के लिए जीरा के फायदे
त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए सही पौष्टिक तत्वों का सेवन करना भी जरूरी है। जैसा कि आप जानते हैं, जीरे में विटामिन-ई की भरपूर मात्रा होती है, जिससे आपकी त्वचा स्वस्थ व चमकदार बनी रहती है। साथ ही जीरे में कीटाणुनाशक और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो आपकी त्वचा को फंगल और माइक्रोबियल संक्रमण से बचाते हैं। आप फोड़े-फुंसी, एक्जिमा, सोरायसिस व अन्य त्वचा विकारों पर जीरा पेस्ट का उपयोग कर सकते हैं। यह पेस्ट घावों को जल्दी भरने में मदद कर सकता है । आप अपने फेस पैक में भी थोड़ा जीरा पाउडर उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, आप इसका सेवन भी कर सकते हैं।
एंटी-एजिंग के लिए जीरा के फायदे
जीरे में मौजूद विटामिन-ई शरीर के भीतर एंटी-एजिंग प्रक्रिया को सक्रिय होने में मदद करता है। इस प्रकार वक्त से पहले त्वचा और चेहरे पर उम्र बढ़ने के लक्षणों से बचा जा सकता है। यह एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम कर उन फ्री रेडिकल्स से लड़ता है, जिनके कारण झुर्रियां, दाग-धब्बे और त्वचा संबंधी अन्य समस्याएं हो सकती हैं। एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुणों के मिश्रण से भरपूर जीरा आपको स्वस्थ व सुंदर त्वचा प्रदान करता है ।
फोड़े के उपचार के लिए जीरा के फायदे
जीरे का नियमित सेवन या उपयोग करने से त्वचा को फोड़े-फुंसियों, रैशेज व पिंपल से बचाया जा सकता है। इसका कारण यह है कि इसमें क्यूमिनडिहाइड , थाइमोल और फास्फोरस जैसे घटक होते हैं जो अच्छे डिटॉक्सिफाइंग एजेंट होते हैं। ये मल व मूत्र के माध्यम से शरीर से विषाक्त पदार्थों को नियमित रूप से हटाने में मदद करते हैं। इसके अलावा, जीरे का पानी पीने से पेट व पाचन शक्ति सही रहती है। जब आपका पेट साफ रहता है, तो न सिर्फ आप बीमारियों से बचे रहते हैं, बल्कि त्वचा पर पिम्पल और दाग-धब्बे भी नहीं होते हैं। इसलिए, आप जीरे का पानी पिएं या जीरे को अपने आहार में नियमित रूप से शामिल करें। आप जीरा पाउडर को रायते में भी डाल सकते हैं।
जीरा के गुण कोलेस्ट्रॉल कम करे
खुजली और शरीर के तापमान के लिए
कई बार लोगों को बदलते मौसम या प्रदूषण की वजह से शरीर में खुजली की समस्या हो जाती है। वहीं, कुछ लोगों के शरीर का तापमान कम-ज्यादा हो जाता है। अगर आप भी कुछ ऐसी ही समस्या से पीड़ित हैं, तो आप जीरे का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप उबले हुए पानी में जीरा डाल दें। फिर जब पानी ठंडा हो जाए, तो उस पानी से स्नान करें
बर्निंग सेंसेशन या जलन की अनुभूति के लिए
कई बार गर्मी, बदलते मौसम, गर्म दवाइयों व अन्य कारणों से मांसपेशियों में, गले में, मुंह में, प्राइवेट पार्ट्स में, हाथ-पैरों में, पेट में व त्वचा में जलन होने लगती है। इस स्थिति में घरेलू उपचार बहुत काम आते हैं। आपको जीरे के पानी से हथेलियों और तलवों की जलन से छुटकारा मिल सकता है।
जीरा पानी बनाने की विधि :
बालों के लिए जीरा के फायदे
बालों को झड़ने से बचाने के लिए जीरा के फायदे
रूसी के लिए जीरा के फायदे
चमकदार बालों के लिए
बाल लंबे हों या छोटे उनमें चमक जरूर होनी चाहिए। चमकदार बाल आकर्षण का केंद्र होते हैं। इसके लिए आप केमिकल युक्त शैंपू व अन्य उत्पाद की जगह घरेलू उपाय अपनाएं। जीरा उन्हीं घरेलू उपचारों में से एक है। आप चमकदार बालों के लिए जीरा का सेवन कर सकते हैं या उसका पेस्ट बालों पर लगा सकते हैं। जीरे में कई तरह के पौष्टिक तत्व होते हैं, जो बालों की चमक बढ़ाते हैं और उन्हें पोषण देकर स्वस्थ बनाते हैं।
जीरे का उपयोग
साबुत जीरा और जीरा पाउडर दोनों ही खाने का स्वाद बढ़ाते हैं। जीरे को किसी भी खाद्य पदार्थ में डालने से पहले भून लें, ताकि यह न सिर्फ सब्जी में सुगंध लाए, बल्कि उसका स्वाद भी बढ़ाए। जरूरी नहीं है कि जीरा हर किसी को पसंद आए, इसलिए नीचे हम आपको जीरा का सेवन करने के कुछ आसान टिप्स बता रहे हैं :
1. जीरे की चाय
आप जीरे की चाय या कहें जीरे का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। इससे पेट साफ रहेगा और कई सेहत संबंधी समस्याएं दूर रहेगी। यहां हम जीरे की चाय बनाने की विधि शेयर कर रहे हैं।
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3. सब्जी बनाने में
अगर सब्जी बनाने से पहले जीरे को हल्का भूनकर उसका तड़का लगाया जाए, तो सब्जी का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। सिर्फ हरी-सब्जियां ही नहीं, बल्कि आप मछली, मीट, अंडा और चिकन में भी जीरा डाल सकते हैं।
4. जीरा राइस
आजकल कई लोगों को जीरा राइस पसंद आने लगा है। इसे न सिर्फ बनाना आसान है, बल्कि यह स्वादिष्ट भी है। आप इसे दाल, सब्जी या चिकन के साथ खा सकते हैं। यहां तक कि अगर आप स्वास्थ्य के प्रति बहुत ज्यादा सजग हैं, तो आप ब्राउन राइस में भी जीरा डालकर खा सकते हैं।
5. सूप या सॉस
आप जीरे को सूप, अचार व सॉस बनाने में भी उपयोग कर सकते हैं।
6. पंच फोरन
जीरा के बीज का उपयोग बंगाली मसाला मिश्रण तैयार करने के लिए किया जाता है, जिसे 'पंच फोरन' के रूप में जाना जाता है। यह मूल रूप से कलौंजी, सरसों, मेथी के बीज, सौंफ के बीज और जीरा का मिश्रण होता है। इस मसाले के मिश्रण का उपयोग कई व्यंजनों में किया जाता है, जैसे कि आलू की सब्जी व मछली। इस मिश्रण से खाने का स्वाद बढ़ जाता है।
जीरे के नुकसान
जीरा एक ऐसा मसाला है जिसके बिना तो भारतीय व्यंजनों की कल्पना करना भी असंभव सा लगता है। सभी प्रकार के भारतीय व्यंजनों में स्पेशल स्वाद के कारण जीरा का उपयोग किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जीरे के कई प्रकार के दुष्प्रभाव भी होते हैं
जीरे के नुकसान निम्न है -
कुछ बातों का ध्यान रखें
जीरे के लिए इन बातों का रखें ध्यान -
हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाला जीरा ही खरीदें, जो तर्जनी और अंगूठे के बीच निचोड़ने पर एक सुहानी एवं मिर्च-सा महक फैलाती है।
जीरे को एक हवाबंद-डब्बे में ही रखें।
पिसे हुए जीरे को हवा-सील कंटेनरों में फ्रिज में स्टोर करें
जीरा क्या है ?
क्या आप जानते हैं ?
जीरा ऍपियेशी परिवार का एक पुष्पीय पौधा है। यह पूर्वी भूमध्य सागर से लेकर भारत तक की जगह में पैदा होता है । इसके प्रत्येक फल में स्थित एक बीज वाले बीजों को सुखाकर बहुत से खानपान व्यंजनों में साबुत या पिसा हुआ मसाले के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह दिखने में सौंफ की तरह होता है। जीरे में कई तरह के गुण छुपे हुए हैं जिनसे आपकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं। जीरा काला, सफेद और मटमैले रंग में उपलब्ध होता है। जीरे के स्वास्थ्य संबंधी इसके अनोखे गुण खाने का अहम हिस्सा बनाते हैं .पुराने समय में यह रोमन, ग्रीक और मिस्र संस्कृति का भी खास हिस्सा था।
इतना खास कि यह करंसी के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। जीरा शरीर के सभी अंगों के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है और इसके उपयोग से विभिन्न प्रकार के लाभ होते हैं। इसको अंगेरजी में Cuminum cyminum कहते हैं .इतिहास बताता है कि ईरान जीरे का सबसे बड़ा निर्यातक था मगर अब भारत, श्रीलंका, सिरिया, पाकिस्तान और टर्की प्रमुख स्रोत हैं। गुजरात का एक प्रांत उनझा जीरा का सबसे प्रसिद्ध बड़ा बाजार है। जीरा गरम जलवायु में पैदा होता है यहाँ तक कि सूखा भी सह सकता है। वसंत में बीज से अंकुर फूटता है और गर्मी के तीन-चार महीनें लग जाते हैं दो फीट लंबा पौधा बनने में और इसे हाथों से निकाला जाता है।
सेहत के लिए जीरा के फायदे –
शुरुआत करते हैं सेहत के लिए जीरा के फायदे से। इस छोटे-से मसाले के कई स्वास्थ्य लाभ हैं।
- जीरा खाने का सही तरीका -
- जीरे के अन्य फायदे -
- जीरे की तासीर -
- जीरे के फायदे -
- जीरे के फायदे प्रतिरक्षा के लिए -
- जीरे के फायदे त्वचा के लिए -
- जीरे का फायदा सांस की बिमारी के लिए -
- जीरे के फायदे हैं वजन घटाने में सहायक -
- जीरे के लाभ करें ब्लोटिंग का प्रभावी उपचार -
- जीरा पानी के फायदे दिलाएं उदरशूल दर्द से आराम -
- जीरे के गुण दें एनीमिया को मात -
- जीरे के उपाय करें माँ का दूध बढ़ाने के लिए -
- जीरा पाउडर के फायदे करें पाचन क्रिया को उत्तेजित
- जीरा के औषधीय गुण हैं मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए
- जीरा बेनिफिट्स बढ़ाएँ स्मरण-शक्ति -
- जीरा चूर्ण बनाए हड्डियों को मजबूत -
- जीरे की चाय करे अनिद्रा का इलाज -
- जीरे के बारे में कुछ तथ्य
- वानस्पतिक नाम: क्यूमिनम सायमिनम
- कुल: एपिएसी
- सामान्य नाम: क्यूमिन, जीरा
- संस्कृत नाम: जीरक
- उपयोगी भाग: फल
- भौगोलिक विवरण: जीरा मूल रूप से मिस्त्र से है लेकिन इसे चीन, मोरक्को और भारत में भी उगाया जाता है।
- गुण: गर्म
जीरा कितने प्रकार का होता है –
- जीरा दो प्रकार का होता है ,एक सफेद ,एक काला ,सफेद घर के आम मसाले में इस्तेमाल होता है ,काला जीरा दवाई आदि में इस्तेमाल होता है .
- कभी-कभी शाही जीरा और साधारण जीरा को पहचानने में मुश्किल हो जाती है।
- शाही जीरा कुछ ज़्यादा काला होता है और मीठा होता है।यह सामान्य से कुछ ज्यादा पतला, सुतवां और विशिष्ट सुगंध लिए होता है।
जीरा के पोषक तत्व –
- हम सभी जानते हैं कि जीरा का मसाले के साथ ही विभिन्न प्रकार की औषधियों के निमार्ण में भी उपयोग किया जाता है।
- ऐसा इसलिए है क्योंकि जीरा में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व और खनिज पदार्थों की मौजूदगी होती है। इसमें आयरन, कैल्शियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस आदि की अच्छी मात्रा होती है।
- जीरे के फायदे इसमें उपलब्ध विटामिन के कारण भी होते हैं जिनमें थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन K और विटामिन बी6 भी होते हैं।
- इसके अलावा जीरा में तांबा, जस्ता, और पोटेशियम जैसे खनिज भी अल्प मात्रा में होते हैं।
- इन सभी खजिन पदार्थों और पोषक तत्वों के कारण जीरा हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।
सेहत के लिए जीरा के फायदे –
शुरुआत करते हैं सेहत के लिए जीरा के फायदे से। इस छोटे-से मसाले के कई स्वास्थ्य लाभ हैं।
अजवाइन हल्दी के साथ जीरे के पानी के फायदे –
जीरे को हल्दी ,अजवाइन ,के साथ सुबह इसकी चाय बना कर पीने से खाली पेट ,बहुत ही फायदा है .सारा दिन आप एक्टिव रहते हैं .कुछ लोग रात में जीरा भिगो कर फिर अगले दिन सुबह इस पानी को उबाल कर छान कर और हल्का गुनगुना करके खाली पेट पीते हैं
यह जीरे का पानी पेट में एसिड के असर को कम करता है, जीरे के पानी से रक्त संचार बना रहता है और मांसपेशियों के दर्द, मसल की एंठन से भी आराम आता है।जीरा का पानी आपके चेहरे के निखार को भी बनाये रखता है ,जब पेट साफ़ रहेगा तो चेहरा अपने आप ही चमकेगा जीरे के उबले पानी को फेसपेक की तरह लगाने से भी ग्लो आ जाता है .
इन बीमारियों का इलाज है जीरे और गुड़ का पानी –
- पाचन ठीक रखता है.
- कब्ज ठीक करे.खून साफ़ करे.
- इम्यून सिस्टम मजबूत करता है.
- मासिक धर्म के दर्द में आराम दिलाता है.
- खून की कमी को ठीक करता है.
- उच्च रक्तचाप में भी आराम दिलाता है.
- जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है.
- ऊर्जा प्रदान करता है.
- आपके चेहरे के निखार को भी बनाये रखता है.
जीरा खाने के लाभ कैंसर से बचाये
- कैंसर रोगियों के लिए जीरा एक आयुर्वेदिक औषधि साबित हो सकती है। क्योंकि जीरा में एंटीऑक्सीडेंट, केमोप्रेंटिव और एंटी-कार्सिनोजेनिक गुण होते हैं।
- इन गुणों के कारण जीरा का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के कैंसर और विशेष रूप से बृहदान्त्र और स्तन कैंसर के बचाव में मदद कर सकता है।
- एक अध्ययन से पता चलता है कि जीरे के बीजों में मौजूद थाइमोक्विनोन एंटीट्यूमर, एंटीकैंसर और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। इस तरह से जीरा कैंसर रोगियों को फायदा दिला सकता है।
वजन घटाने के लिए जीरा पानी –
- लोग मोटापे से निजात पाने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाते हैं। तमाम तरह के डाइट फॉलो करते हैं। ऐसे लोगों के लिए जीरा बड़े काम की चीज होती है।
- वजन कम करने के लिए एक चम्मच जीरे का नियमित सेवन चमत्कारिक लाभ देने वाला होता है।
- रोज ऐक चम्मच जीरा खाने से तीन गुना तेजी से फैट कम होता है। जीरे के सेवन से न सिर्फ कैलोरी बर्न होती है बल्कि पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है।
- रात में दो चम्मच जीरे को पानी में भिगो दीजिए। सुबह इसे उबाल कर जीरे के बीज को पानी से अलग कर दीजिए। पानी में आधा नींबू निचोड़िए और सुबह इसे खाली पेट पी लीजिए। लगातार दो सप्ताह तक ऐसा करिए और फिर असर देखिए।
- जीरे के साथ अगर अदरक और नींबू का भी सेवन करते हैं तो इससे जल्दी वजन कम होता है। इस नुस्खे के लिए सबसे पहले अदरक को काट लीजिए। इसके बाद गाजर के साथ अन्य सब्जियों को उबाल लीजिए। इसमें जीरा पाउडर, नींबू और कटी हुई अदरक डालकर सूप बना लीजिए। रो
- रात में इस सूप को पीने से वजन आसानी से कम हो जाएगा।
- एक गिलास पानी में एक बड़ा चम्मच जीरा रात भर भिगोकर रख दें और सुबह इसे उबालकर चाय की तरह पिएं।
- इसके रोजाना सेवन से शरीर से फालतू चर्बी निकल जाती है। ध्यान रखें कि इस पानी को पीने के बाद एक घंटें तक कुछ न खाएं।
- भुनी हुई हींग, काला नमक और जीरे की समान मात्रा लेकर चूर्ण बना लें। इसे 1-3 ग्राम की मात्रा में दिन में 2 बार दही के साथ लेने से भी मोटापा कम होता है।
पाचन शक्ति के लिए
आजकल लोगों की जैसी जीवनशैली और खान-पान है, ऐसे में पेट का ठीक रहना मुश्किल है। सही वक्त पर खाना न खाने और खाने के बाद न टहलने के कारण गैस व अपच जैसी समस्या हो जाती हैं। नतीजतन, पाचन शक्ति का कमजोर होना। ऐसे में अगर आप अपने आहार में जीरा को शामिल करें, तो पाचन शक्ति में काफी हद तक सुधार हो सकता है । इसलिए, आप एसिडिटी, गैस या अपच होने पर जीरे के पानी का सेवन कर सकते हैं।
आयरन
यह तो लगभग हर कोई जानता है कि आयरन हमारे शरीर के लिए जरूरी है। आयरन की कमी से कई तरह की शारीरिक समस्याएं जैसे – एनीमिया यानी खून की कमी व कमजोरी हो सकती है। ऐसे में अगर जीरा का सेवन किया जाए, तो यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। जीरा आयरन से भरपूर होता है । इसके सेवन से आयरन की कमी दूर होगी और खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा में सुधार होगा।
बुखार या सर्दी-जुकाम के लिए
हल्की-फुल्की सर्दी-जुकाम या बुखार होना आम बात है। ऐसे में जरूरी नहीं कि आप तुरंत दवा लें, उसकी जगह आप घरेलू उपाय आजमाएं। कई बार सर्दी-जुकाम होने पर बार-बार छींक आने या नाक में असहज महसूस होने की शिकायत होती है। इस स्थिति में आप मुट्ठीभर जीरे को भूनकर कपड़े में बांध लें और थोड़ी-थोड़ी देर बाद उसे सूंघते रहें। इसके अलावा, अगर आपको ठंड या बुखार है, तो जीरे के पानी को गुड़ के साथ पी सकते हैं। जीरे की तासीर गर्म होती है, ऐसे में इसके सेवन से आप बुखार से भी बच सकते हैं ।
रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए
प्रत्येक व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना जरूरी है। इसके लिए आप भोजन में जीरे को शामिल कर सकते हैं। इसमें इम्यूनोमॉडलट्री गुण होते हैं, जिस कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है ।
एनीमिया के लिए
सही और स्वस्थ आहार न लेना, आयरन की कमी होना व कई अन्य कारणों से आजकल कई लोग एनीमिया से जूझ रहे हैं। इसकी वजह से शरीर कमजोर होने लगता है, चक्कर आने लगते हैं और देखते ही देखते शरीर कई अन्य समस्याओं से घिर जाता है। अगर वक्त रहते एनीमिया पर ध्यान न दिया जाए, तो परेशानी और बढ़ भी सकती है। अगर इस समस्या में आप जीरे का सेवन करेंगे, तो एनीमिया से बचा जा सकता है, क्योंकि जीरे में प्रचुर मात्रा में आयरन होता है। इसलिए, अपने आहार में जीरा शामिल करें।
गठिया के लिए जीरा के फायदे
बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों और जोड़ों में दर्द होना आम बात है। कई बार यही दर्द आगे चलकर गठिया का रूप ले लेता है, लेकिन अगर आप खाने में कुछ मसालों को नियमित रूप से शामिल करेंगे, तो यह खतरा कम हो सकता है। जीरा उन्हीं में से एक है। जीरे में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो सूजन से बचाव कर सकता है और गठिया को होने से रोक सकता है । आप जीरे का पानी पिएं, खाने में जीरा शामिल करें या फिर जीरे का तेल लगाएं, यह हर लिहाज से फायदेमंद है ।
- पेट दर्द
पेट दर्द कभी भी और किसी भी कारण से हो सकता है। अगर आपको भी पेट दर्द या पेट से जुड़ी समस्या है और आप इस कारण दर्द निवारक दवाइयां खाने के आदी हैं, तो आप अपनी डाइट में जीरा शामिल करें। जीरा पेट दर्द, डायरिया, पेट के कैंसर व पेट से जुड़ी अन्य परेशानियों से बचाव कर सकता है । यहां तक कि यह इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (पेट की समस्या) से भी राहत दिलाता है । आप जीरे को खाने में मसाले के तौर पर या फिर जीरे का पानी भी पी सकते हैं। अगर पेट की समस्या ज्यादा बढ़े, तो अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।
मधुमेह
मधुमेह से निपटने के लिए आप सही आहार के साथ-साथ जीरा को भी डाइट में शामिल करें। जिन्हें डायबिटीज नहीं है, जीरे के सेवन से उनमें इसका खतरा कम हो सकता है। वहीं, जिन्हें मधुमेह है, उनका शुगर स्तर संतुलित रहेगा। जीरा ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद करता है और शरीर में उचित ब्लड कंटेंट के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि यह मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए वरदान है ।
मासिक धर्म में
मासिक धर्म के समय मूड स्विंग्स, पेट में ऐंठन, मतली, पेट में दर्द जैसी समस्याएं लगभग हर महिला को होती हैं। वहीं, कुछ महिलाओं को अनियमित महावारी से जूझना पड़ता है। इस अवस्था में कुछ महिलाएं दवाइयां खाती हैं, जो सही नहीं है। आगे चलकर इसके दुष्परिणाम हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में पौष्टिक आहार लेने के साथ-साथ जीरे का सेवन कर सकते हैं। इसमें दर्द निवारक और ऐंठन को कम करने के गुण हैं, जिस कारण यह पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से राहत दिला सकता है ।
जीरे के लाभ करें ब्लोटिंग का प्रभावी उपचार
- ब्लोटिंग या फिर फूला हुआ पेट में गैस का भी एक कारक है। इससे आपको पेट में दर्द भी हो सकता है। आपको ब्लोटिंग की शिकायत कब्ज, अपच, रजोनिवृत्ति पूर्व सिंड्रोम (पी.एम.एस.) और इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम (आई.बी.एस.) की वजह से हो सकती है।
- मध्य पूर्व जर्नल ऑफ डाइजेस्टिव डिसीज़ में प्रकाशित एक 2013 का अध्ययन का कहना है कि जीरा ब्लोटिंग सहित इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम सभी के लक्षणों में सुधार लाने में कारगर है।
- ब्लोटिंग की शिकायत को दूर करने के लिए -
- 1 कप पानी उबालने के लिए गैस पर चढ़ाएं।
- इसमें 1 चुटकी पिसा हुआ जीरा, अदरक पाउडर और समुद्री नमक के साथ-साथ आधा चमच्च सौंफ के बीज डालें।
- पांच मिनट के लिए इसे कम आंच पर उबलने दें।
- छानने के पश्चात इसे ठंडा होने दे और पी लें।
- जरूरत पड़ने पर यह प्रक्रिया दोबारा दोहराएँ।य
जीरा के फायदे सेहत के साथ-साथ त्वचा के लिए भी हैं।
चमकती त्वचा के लिए
ज्यादा मेकअप से चेहरे की चमक खत्म होने लगती है। परिणामस्वरूप, बेजान त्वचा, वक्त से पहले झुर्रियां व दाग-धब्बे परेशान करने लगते हैं। ऐसे में जीरे को घरेलू उपचार के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। जीरा विटामिन-ई से भरपूर होता है, जो निखरी व खूबसूरत त्वचा के लिए जरूरी है। इसलिए, आप जीरे को अपने आहार में शामिल कर त्वचा पर निखार ला सकते हैं। जीरे का पानी पीने से भी त्वचा को फायदा हो सकता है । इसके अलावा, आप जीरे का पेस्ट भी लगा सकते हैं, नीचे हम उसकी विधि आपको बता रहे हैं।
सामग्री :
- एक चम्मच जीरा पाउडर (आवश्यकतानुसार)
- एक चम्मच शहद
- चुटकीभर या आधा चम्मच हल्दी
- बनाने और लगाने की विधि :
- जीरा पाउडर, शहद और हल्दी पाउडर को मिलकर पेस्ट तैयार कर लें।
- अब इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं।
- सूखने तक इसे रहने दें और फिर धो लें।
- कब और कितनी बार लगाएं :
- आप इसे हफ्ते में एक बार लगा सकते हैं।
अगर जीरे का पेस्ट लगाना आपको पसंद नहीं, तो नीचे दी गई एक अन्य विधि का उपयोग कर सकते हैं।
सामग्री :
- एक चम्मच जीरा
- एक या दो गिलास गर्म या गुनगुना पानी
- बनाने और लगाने की विधि :
- आप जीरे को गर्म पानी में हल्का उबालकर उससे अपना चेहरा धो सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि पानी ज्यादा गर्म न हो। पानी ज्यादा गर्म होने से आपकी त्वचा जल सकती है।
त्वचा संबंधी परेशानियों के लिए जीरा के फायदे
त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए सही पौष्टिक तत्वों का सेवन करना भी जरूरी है। जैसा कि आप जानते हैं, जीरे में विटामिन-ई की भरपूर मात्रा होती है, जिससे आपकी त्वचा स्वस्थ व चमकदार बनी रहती है। साथ ही जीरे में कीटाणुनाशक और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो आपकी त्वचा को फंगल और माइक्रोबियल संक्रमण से बचाते हैं। आप फोड़े-फुंसी, एक्जिमा, सोरायसिस व अन्य त्वचा विकारों पर जीरा पेस्ट का उपयोग कर सकते हैं। यह पेस्ट घावों को जल्दी भरने में मदद कर सकता है । आप अपने फेस पैक में भी थोड़ा जीरा पाउडर उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, आप इसका सेवन भी कर सकते हैं।
एंटी-एजिंग के लिए जीरा के फायदे
जीरे में मौजूद विटामिन-ई शरीर के भीतर एंटी-एजिंग प्रक्रिया को सक्रिय होने में मदद करता है। इस प्रकार वक्त से पहले त्वचा और चेहरे पर उम्र बढ़ने के लक्षणों से बचा जा सकता है। यह एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम कर उन फ्री रेडिकल्स से लड़ता है, जिनके कारण झुर्रियां, दाग-धब्बे और त्वचा संबंधी अन्य समस्याएं हो सकती हैं। एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुणों के मिश्रण से भरपूर जीरा आपको स्वस्थ व सुंदर त्वचा प्रदान करता है ।
फोड़े के उपचार के लिए जीरा के फायदे
जीरे का नियमित सेवन या उपयोग करने से त्वचा को फोड़े-फुंसियों, रैशेज व पिंपल से बचाया जा सकता है। इसका कारण यह है कि इसमें क्यूमिनडिहाइड , थाइमोल और फास्फोरस जैसे घटक होते हैं जो अच्छे डिटॉक्सिफाइंग एजेंट होते हैं। ये मल व मूत्र के माध्यम से शरीर से विषाक्त पदार्थों को नियमित रूप से हटाने में मदद करते हैं। इसके अलावा, जीरे का पानी पीने से पेट व पाचन शक्ति सही रहती है। जब आपका पेट साफ रहता है, तो न सिर्फ आप बीमारियों से बचे रहते हैं, बल्कि त्वचा पर पिम्पल और दाग-धब्बे भी नहीं होते हैं। इसलिए, आप जीरे का पानी पिएं या जीरे को अपने आहार में नियमित रूप से शामिल करें। आप जीरा पाउडर को रायते में भी डाल सकते हैं।
जीरा के गुण कोलेस्ट्रॉल कम करे
- जिन लोगों को उच्च कोलेस्ट्रॉल संबंधी समस्याएं होती हैं उनके लिए जीरा बहुत ही लाभकारी होता है।
- जीरा में हाइपोलिपिडेमिक गुण होते हैं। इस गुण के कारण जीरा शरीर में कोलेस्ट्रॉल के उच्च स्तर को को नियंत्रित करने में मदद करता है।
- आप अपने नियमित आहार में जीरा को शामिल करने के साथ ही खाली पेट भी जीरा का सेवन कर सकते हैं।
- खाली पेट जीरा खाने के फायदे आपके शरीर में खराब कोलस्ट्रॉल को कम करने और मोटेपा संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी प्रभावी होता है।
खुजली और शरीर के तापमान के लिए
कई बार लोगों को बदलते मौसम या प्रदूषण की वजह से शरीर में खुजली की समस्या हो जाती है। वहीं, कुछ लोगों के शरीर का तापमान कम-ज्यादा हो जाता है। अगर आप भी कुछ ऐसी ही समस्या से पीड़ित हैं, तो आप जीरे का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप उबले हुए पानी में जीरा डाल दें। फिर जब पानी ठंडा हो जाए, तो उस पानी से स्नान करें
बर्निंग सेंसेशन या जलन की अनुभूति के लिए
कई बार गर्मी, बदलते मौसम, गर्म दवाइयों व अन्य कारणों से मांसपेशियों में, गले में, मुंह में, प्राइवेट पार्ट्स में, हाथ-पैरों में, पेट में व त्वचा में जलन होने लगती है। इस स्थिति में घरेलू उपचार बहुत काम आते हैं। आपको जीरे के पानी से हथेलियों और तलवों की जलन से छुटकारा मिल सकता है।
जीरा पानी बनाने की विधि :
- आप 4 लीटर पानी में एक चम्मच जीरा डालकर उबालें।
- इसे गैस से उतारकर ढक कर रख दें।
- जब भी आपको भोजन के बाद प्यास लगे, तो आप इस पानी को पी सकते हैं।
- अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए इसे गर्म पीने की सलाह दी जाती है।
- बालों के लिए जीरा के फायदे कई हैं। आगे हम इन्हीं फायदों के बारे में बात कर रहे हैं।
बालों के लिए जीरा के फायदे
बालों को झड़ने से बचाने के लिए जीरा के फायदे
- अगर आप बालों को स्वस्थ रखना चाहते हैं और झड़ने से बचाना चाहते हैं, तो जीरा का उपयोग करें। आप जीरा को खा सकते हैं या फिर जीरे के पानी से अपने बाल धो सकते हैं।
- जीरे को पानी में डालकर उबाल लें और पानी ठंडा होने पर उससे बालों को धो लें। कई बार विटामिन, प्रोटीन व आयरन की कमी से भी बाल झड़ने लगते हैं ।
- ऐसे में जीरा पोषक तत्वों का खजाना है। इससे बालों को पर्याप्त पोषण मिलता है और बाल स्वस्थ रहते हैं व कम टूटते हैं। आप इसे अपने रोज के आहार में शामिल कर सकते हैं।
रूसी के लिए जीरा के फायदे
- धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कारण सिर की त्वचा में गंदगी से डैंड्रफ होने लगता है। बाद में यह बैक्टीरिया का कारण बनता है।
- इससे निपटने के लिए एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी उपचार की जरूरत होती है ।
- इस मामले में जीरे का एसेंशियल ऑयल कारगर घरेलू उपचार है, जो एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर है । ध्यान रहे कि जीरे का एसेंशियल ऑयल लगाकर आप धूप में न जाएं, क्योंकि ऐसा करने से आपको त्वचा में संवेदनशीलता महसूस हो सकती है।
- इसमें कोई शक नहीं कि हर्बल चीजों का उपयोग डैंड्रफ पर ज्यादा असरदार हो सकता है ।
चमकदार बालों के लिए
बाल लंबे हों या छोटे उनमें चमक जरूर होनी चाहिए। चमकदार बाल आकर्षण का केंद्र होते हैं। इसके लिए आप केमिकल युक्त शैंपू व अन्य उत्पाद की जगह घरेलू उपाय अपनाएं। जीरा उन्हीं घरेलू उपचारों में से एक है। आप चमकदार बालों के लिए जीरा का सेवन कर सकते हैं या उसका पेस्ट बालों पर लगा सकते हैं। जीरे में कई तरह के पौष्टिक तत्व होते हैं, जो बालों की चमक बढ़ाते हैं और उन्हें पोषण देकर स्वस्थ बनाते हैं।
जीरे का उपयोग
साबुत जीरा और जीरा पाउडर दोनों ही खाने का स्वाद बढ़ाते हैं। जीरे को किसी भी खाद्य पदार्थ में डालने से पहले भून लें, ताकि यह न सिर्फ सब्जी में सुगंध लाए, बल्कि उसका स्वाद भी बढ़ाए। जरूरी नहीं है कि जीरा हर किसी को पसंद आए, इसलिए नीचे हम आपको जीरा का सेवन करने के कुछ आसान टिप्स बता रहे हैं :
1. जीरे की चाय
आप जीरे की चाय या कहें जीरे का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। इससे पेट साफ रहेगा और कई सेहत संबंधी समस्याएं दूर रहेगी। यहां हम जीरे की चाय बनाने की विधि शेयर कर रहे हैं।
सामग्री :
- एक से दो कप पानी
- जीरा (आवश्यकतानुसार)
- बनाने की विधि :
- आप पानी में जीरे को उबाल लें।
- इसे थोड़ी देर भीगने दें और फिर इसका सेवन करें।
- 2. दाल में तड़का लगाने के लिए
- आप दाल बनाते समय उसमें जीरे का तड़का लगा सकते हैं। इससे न सिर्फ दाल से सुगंध आएगी, बल्कि दाल का स्वाद भी बढ़ जाएगा।
3. सब्जी बनाने में
अगर सब्जी बनाने से पहले जीरे को हल्का भूनकर उसका तड़का लगाया जाए, तो सब्जी का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। सिर्फ हरी-सब्जियां ही नहीं, बल्कि आप मछली, मीट, अंडा और चिकन में भी जीरा डाल सकते हैं।
4. जीरा राइस
आजकल कई लोगों को जीरा राइस पसंद आने लगा है। इसे न सिर्फ बनाना आसान है, बल्कि यह स्वादिष्ट भी है। आप इसे दाल, सब्जी या चिकन के साथ खा सकते हैं। यहां तक कि अगर आप स्वास्थ्य के प्रति बहुत ज्यादा सजग हैं, तो आप ब्राउन राइस में भी जीरा डालकर खा सकते हैं।
5. सूप या सॉस
आप जीरे को सूप, अचार व सॉस बनाने में भी उपयोग कर सकते हैं।
6. पंच फोरन
जीरा के बीज का उपयोग बंगाली मसाला मिश्रण तैयार करने के लिए किया जाता है, जिसे 'पंच फोरन' के रूप में जाना जाता है। यह मूल रूप से कलौंजी, सरसों, मेथी के बीज, सौंफ के बीज और जीरा का मिश्रण होता है। इस मसाले के मिश्रण का उपयोग कई व्यंजनों में किया जाता है, जैसे कि आलू की सब्जी व मछली। इस मिश्रण से खाने का स्वाद बढ़ जाता है।
जीरे के नुकसान
जीरा एक ऐसा मसाला है जिसके बिना तो भारतीय व्यंजनों की कल्पना करना भी असंभव सा लगता है। सभी प्रकार के भारतीय व्यंजनों में स्पेशल स्वाद के कारण जीरा का उपयोग किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जीरे के कई प्रकार के दुष्प्रभाव भी होते हैं
जीरे के नुकसान निम्न है -
- जीरे का अधिक सेवन पाचन संबंधी समस्या, हार्टबर्न का एक कारण हो सकता है।
- जीरे के वातहर प्रभाव के कारण यह अत्यधिक डकार का कारण बन सकता है।
- जीरे से गर्भवती महिलाओं पर गर्भान्तक प्रभाव पड़ सकता है। ज्यादा मात्रा में जीरे के सेवन से गर्भपात या समय से पहले डिलीवरी होने की आंशका बढ़ जाती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को जीरे के अधिक सेवन से बचना चाहिए।
- पीरियड के समय जीरे का कम प्रयोग करना चाहिए क्योंकि जीरा ब्लीडिंग का कारण बन सकता है।
- किसी किसी को जीरे से एलर्जी भी हो सकता है।
- ज्यादा मात्रा में लंबे समय तक जीरे का उपयोग किडनी व लीवर को हानि पहुंचाता है।
- जीरे के बेतहर प्रभाव के कारण यह अत्याधिक डकार का कारण बन सकता है।
- अधिक मात्रा में जीरा का सेवन करना जी मिलचलाना संबंधी लक्षणों को बढ़ा सकता है।
- कुछ मामलों में जीरा का सेवन करने से उल्टी और मुंह में कड़वाहट आदि भी हो सकती है।
कुछ बातों का ध्यान रखें
जीरे के लिए इन बातों का रखें ध्यान -
हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाला जीरा ही खरीदें, जो तर्जनी और अंगूठे के बीच निचोड़ने पर एक सुहानी एवं मिर्च-सा महक फैलाती है।
जीरे को एक हवाबंद-डब्बे में ही रखें।
पिसे हुए जीरे को हवा-सील कंटेनरों में फ्रिज में स्टोर करें








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