गुड़हल
गुड़हल के फूल पित्त की थैली व गुर्दे की पथरी को करे जड़ से खत्म , Hibiscus flower eliminates gallbladder and kidney stones completely
गुड़हल का फूल है बेहद ख़ास
गुड़हल (Hibiscus) क्या है?
गुड़हल के फूलों में औषधिय गुण होते हैं, जो कि स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इसके फूल के साथ-साथ पत्तियां और बीज में दवाई बनाने में इस्तेमाल किए जाते हैं। इसका बोटेनिकल नाम हिबिस्कस रोजा-साइनेंसिस (Hibiscus rosa-sinensis) है, जो कि मालवेसी (Malvaceae) फैमिली से आता है। इस औषधि के फूल में एसिड और अन्य रसायन होते हैं जो रक्तचाप को कम करने में सक्षम हो सकते हैं। यह खून में शुगर की मात्रा को कम करने, फैट के लेवल को कम करने, पेट, आंतों और गर्भाशय में ऐंठन कम करने के साथ-साथ यह सूजन को कम करने और बैक्टीरिया और कीड़े को मारने के लिए एक एंटीबायोटिक दवा की तरह भी काम कर सकता है।
क्या हैं वजह
गुड़हल पाउडर इस्तेमाल :-
अब जानिये इस पाउडर को इस्तेमाल कैसे करना है
इस प्रयोग में बरती जाने वाली महत्वपूर्ण सावधानी.
गुड़हल के फूल पित्त की थैली व गुर्दे की पथरी को करे जड़ से खत्म , Hibiscus flower eliminates gallbladder and kidney stones completely
गुड़हल का फूल है बेहद ख़ास
- दुनियाभर में अलग-अलग तरीके के फूल पाए जाते हैं. उन्हीं में से एक है- गुड़हल का फूल. गुड़हल मालवेसी परिवार से संबंधित एक प्रकार के फूलों वाला पौधा है जो कि समशीतोष्ण, उष्ण कटिबंधीय इलाकों में पाया जाता है. गुड़हल का फूल बेहद ही लाभकारी और गुणकारी होता है. ये एक ऐसा फूल होता है जो कईं तरह के पोषक तत्वों से भरा रहता है. इस फूल में विटामिन सी, कैल्शियम, वसा आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. गुड़हल के फूल अलग-अलग प्रकार के रंगों में पाए जाते हैं. जैसे लाल, बैगनी, गुलाब और पीला आदि. इस फूल में कई तरह के विशेष औषधीय गुण पाए जाते हैं जिससे आपकी सेहत को काफी फायदा होता है.
गुड़हल (Hibiscus) क्या है?
गुड़हल के फूलों में औषधिय गुण होते हैं, जो कि स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इसके फूल के साथ-साथ पत्तियां और बीज में दवाई बनाने में इस्तेमाल किए जाते हैं। इसका बोटेनिकल नाम हिबिस्कस रोजा-साइनेंसिस (Hibiscus rosa-sinensis) है, जो कि मालवेसी (Malvaceae) फैमिली से आता है। इस औषधि के फूल में एसिड और अन्य रसायन होते हैं जो रक्तचाप को कम करने में सक्षम हो सकते हैं। यह खून में शुगर की मात्रा को कम करने, फैट के लेवल को कम करने, पेट, आंतों और गर्भाशय में ऐंठन कम करने के साथ-साथ यह सूजन को कम करने और बैक्टीरिया और कीड़े को मारने के लिए एक एंटीबायोटिक दवा की तरह भी काम कर सकता है।
- आयुर्वेद का एक ऐसा चमत्कार जिसे देखकर एलॉपथी डॉक्टर्स ने दांतों तले अंगुलियाँ चबा ली. जो डॉक्टर्स कहते थे के गाल ब्लैडर स्टोन अर्थात पित्त की थैली की पथरी निकल ही नहीं सकता, उनकी जुबान हलक से नीचे पेट में गिर गयी. सिर्फ एक नहीं अनेक मरीजों पर सफलता से आजमाया हुआ ये प्रयोग ।
- इस प्रयोग को एक डॉक्टर तो 5000 से लेकर 10000 में करते हैं. जबकि इस प्रयोग की वास्तविक कीमत सिर्फ 50-60 रुपैये ही है.
- यह प्रयोग गाल ब्लैडर और किडनी दोनों प्रकार के स्टोन को निकालने में बेहद कारगर है.
क्या हैं वजह
- शरीर में कैल्शियम या प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होना।
- -ज्यादा नमक या प्रोटीन डाइट जैसे कि मटन, चिकन, पनीर, फिश, अंडा, दूध आदि ज्यादा खाना।
- -कुछ क्षेत्र विशेष से जुड़ा होना। पहाड़ी इलाकों, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान जैसे उत्तरी इलाकों में इसका खतरा ज्यादा है।
- -गर्म जगहों पर काम करना जैसे कि भट्ठी के पास काम करने वाले लोग या ड्राइवर।
- -पथरी होने की प्रवृत्ति होना। दरअसल, हमारे यूरीन में कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो शरीर में स्टोन बनने से रोकते हैं। ये तत्व हैं साइट्रेट, विटामिन बी 6, मैग्नीशियम, कुछ खास तरह के प्रोटीन आदि। जिन लोगों में ये तत्व नहीं होते, उनमें स्टोन बनने की आशंका बढ़ जाती है। अगर इस समस्या की फैमिली हिस्ट्री है तो दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे लोगों को ज्यादा मात्रा (दिन भर में करीब 12-15 गिलास) पानी पीना चाहिए। अगर शरीर में ज्यादा मात्रा में पानी होगा तो पेशाब कम गाढ़ा होगा और पथरी नहीं बनेगी।
- -यूरिनरी ब्लैडर यानी मूत्राशय की बनावट में कोई गड़बड़ी होना।
- -लंबे समय तक बेड पर लगातार लेटे रहना जैसे कि पैरालिसिस या कमर की हड्डी टूटने वाले मरीज।
- -लगातार कब्ज रहना।
- -किडनी में इंफेक्शन होना।
तो क्या है ये चमत्कारी दवा आइए जानते है
- ये कुछ और नहीं ये है गुडहल के फूलों का पाउडर अर्थात इंग्लिश में कहें तो Hibiscus powder. ये पाउडर बहुत आसानी से पंसारी से मिल जाता है. अगर आप गूगल पर Hibiscus powder नाम से सर्च करेंगे तो आपको अनेक जगह ये पाउडर online मिल जायेगा. और जब आप online इसको मंगवाए तो इसको देखिएगा organic hibiscus powder. आज कल बहुत सारी कंपनिया आर्गेनिक भी ला रहीं हैं तो वो बेस्ट रहेगा. मगर ध्यान रहे के ये पाउडर External use और internal Use के लिए अलग अलग आता है तो आपको सिर्फ Internal Use वाला ही लेना है.
- अगर ऐसा सही से ना लिखा हुआ हो तो आप गुडहल के फूलो कि पंखुड़ियों को धुप में सुखा लीजिये और इसका पाउडर कर लीजिये. कुल मिला कर बात ये है के इसकी उपलबध्ता बिलकुल आसान है.
गुड़हल पाउडर इस्तेमाल :-
अब जानिये इस पाउडर को इस्तेमाल कैसे करना है
- गुडहल का पाउडर एक चम्मच रात को सोते समय खाना खाने के कम से कम एक डेढ़ घंटा बाद गर्म पानी के साथ 2-3 चम्मच लीजिये
- ये थोडा कड़वा होता है. इसलिए मन भी करडा कर के रखें. मगर ये इतना भी कड़वा नहीं होता के आप इसको खा ना सकें. इसको खाना बिलकुल आसान है. इसके बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है
- अगर स्टोन का साइज़ बड़ा है तो वो दर्द कर सकता है
इस प्रयोग में बरती जाने वाली महत्वपूर्ण सावधानी.
- पालक, टमाटर, चुकंदर, भिंडी का सेवन न करें। और अगर आपका स्टोन बड़ा है तो ये टूटने समय दर्द भी कर सकता है
- ये प्रयोग करने से पहले अगर आपका स्टोन आपकी cbd नलिका के साइज़ से बड़ा हो तो कृपया सिर्फ डॉक्टर की देख रेख में ही ये प्रयोग करें
- स्टोन को तोड़ने के लिए पाठकों से अनुरोध हैं के वो पहले 5 दिन हर रोज़ 5 गिलास सेब के जूस पियें
- हर तीन घंटे के बाद एक गिलास सेब का जूस पीते रहें. और बाकी अपना खाना कम कर दीजिये
- इस से 5 से 7 दिन में आपका स्टोन टुकड़े टुकड़े हो जायेगा. फिर दोबारा टेस्ट करवाएं
- अगर स्टोन का साइज़ बड़ा रह जाए तो यह निकलने में cbd नलिका में फंस भी सकता है जो के अत्यंत खतरनाक हो सकता है
- जिन लोगों के स्टोन का साइज़ बड़ा हो वो केवल डॉक्टर की देख रेख में और अपने विवेक से इस प्रयोग को करें.



My gall bladder size 12mm .can I resolve use this tips
ReplyDeleteYes
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