पैरों की मालिश के लिए आयुर्वेदिक कांस्य वटकी
कांस्य थाली, वटकी के माध्यम से पैरों की मालिश करने के लिए की जाने वाली एक मालिश तकनीक है, जिसका अर्थ 'मेटल बाउल' है। यह धातु का कटोरा होता है, जिसे 3 धातुओं- तांबा, जिंक और टिन के साथ बनाया जाता है। इन धातुओं को उनके स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है:
कॉपर- दर्द को कम करने के लिए सूजन से लड़ता है।
जिंक- प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और पाचन को मजबूत करता है।
टिन- अनिद्रा, सिरदर्द और पाचन में सुधार कर लक्षणों को कम करने में सहायक।
कांसा थाली से पैरो में तेल से मालिश की जाती है। जिसमें घी (मक्खन) या नारियल का तेल शामिल किया जाता है, क्योंकि ये त्वचा के लिए अच्छे हैं।
एक कांस्य वटकी या मेटल बाउल की मदद से तेल लगाने के बाद एक्यूप्रेशर बिंदुओं की मालिश की जाती है। यह प्रक्रिया कई स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा दिलाती है और ऊर्जा के प्रवाह में सुधार करती है।
कांस्य वटकी व थाली के फायदे
* यह थके हुए पैरों को आराम देने में मदद करती है।
* रक्त संचार को बढ़ाती है।
* पैरो में जलन में आराम देती है
* एडियो में दर्द में आराम देती है
* शरीर के निचले अंगों की मांसपेशियों और पैरों के लिगामेंट की स्थिति में सुधार करता है।
* पूरे शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन करता है।
* जोड़ो की गतिशीलता में सुधार करता है।
* मानसिक शांति लाने में मदद करता है।
* तनाव, चिंता और अवसाद के लक्षणों को कम करता है।
* मानसिक दृढ़ता के साथ-साथ मन और शरीर को शांत करता है।
* ऊर्जा प्रवाह को पुनर्स्थापित करता है।
* यह मालिश अत्यधिक आराम दे सकती है, लेकिन यह पैरों की ताकत और सहनशक्ति को बढ़ाता है और साथ में यह कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी हल कर सकती है।
Comments
Post a Comment